इतिहास के पन्नों से:1930 के दाैर में म्युनिसिपल कमेटी में पदों के आवेदन करने वालों के लिए लिखी जाती थी सिफारिशी चिट्ठियां

अम्बाला10 महीने पहले
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सरकारी रिकॉर्ड में पड़ी करीब 100 साल पहले की चिट्ठियां कई कहानियां बयां करती हैं। तब म्युनिसिपल कमेटी के सदस्य चुनने के लिए बड़े-बड़े लोग अंग्रेज डिप्टी कमिश्नर को सिफारिशी चिट्ठियां लिखा करते थे। चिट्ठियों की शब्दावली बड़ी रोचक होती थी, जैसे कोई लिखता था कि ये व्यक्ति ब्रिटिश राज की पूरी सेवा करता है, इसलिए इज्जत बख्शी जाए। तो किसी के बारे में लिखा जाता था कि इनका शहर में बड़ा रुतबा है। दैनिक भास्कर ऐसी ही कुछ चिट्ठियां सामने ला रहा है।

अमीर चंद की सिफारिश में लिखा-ये हमेशा प्रशासन की मदद करते हैं

1930 में म्युनिसिपल कमेटी के सदस्य के लिए अमीर चंद ने आवेदन दिया। वे उस समय खत्री सभा के वाइस प्रेसिडेंट और क्लाॅथ मर्चेंट एसाेसिएशन के जनरल सेक्रेटरी थे। शहर में उनका रुतबा था। उनके लिए सिफारिश चिट्ठी में कांगड़ा के नंदुन जिले के सीएसआई नरिंद्र चंद ने लिखा-अमीर चंद काे दाे साल से जानता हूं। वे अच्छे व्यक्तित्व वाले और सम्मानित परिवार के हैं। वे बड़े जमींदार हैं। प्रशासन की मदद करने में हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे सम्मानित व्यक्ति काे प्राेत्साहित करना चाहिए। हाेशियारपुर के एएसी जमान मेहंदी खान ने लिखा- मैं जब अम्बाला में रेवन्यु असिस्टेंट हुआ करता था तब से अमीर चंद काे जानता हूं। उनका शहर में काफी मान-सम्मान है।

दरी व्यापारी की सिफारिश में लिखा-ब्रिटिश राज के प्रति बेहद वफादार हैं

दरी मर्चेंट अब्दुल बासित खान ने म्युनिसिपल कमेटी में कमिश्नर पद के लिए आवेदन दिया। उस समय शहर के सम्मानित लाेगाें में जाने जाते थे। 1850 से वे अम्बाला में दरी फैक्टरी चला रहे थे। म्युनिसिपल कमेटी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके आवेदन पर ऑफिशियल कमिशनर एसडी माेहम्मद हयात नवाब ने कमिशनर काे पत्र लिखा- मैं 1915 से अब्दुल बासित खान काे जानता हूं। वे समझदार, सम्मानित और दूसराें की भलाई करने वाले नागरिक हैं और ब्रिटिश राज के प्रति बेहद वफादार हैं। मेलाें के दाैरान शांति बनाए रखने में पुलिस व प्रशासन की हमेशा मदद करते हैं। वे सरकार से इज्जत के हकदार हैं।

जज ने बेटे की सिफारिश में लिखा-मेरा बेटा सही दावेदार है, उस पर विचार हो

27 मार्च 1930 में डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज और लाहाैर के सिख गुरुद्वारा ट्रिब्यूनल के सदस्य राय बहादुर मुन्ना लाल ने मिस्टर शिपशैंक्स काे पत्र लिखकर बेटे की सिफारिश की थी। चिट्ठी में लिखा था-मैं समझता हूं कि मेरा एमए एलएलबी बेटा देवीदयाल नया बांस गली के वार्ड से नगरपालिका कमिश्नर के पद के लिए सही दावेदार है। मुझे आशा है कि आप उसके आवेदन पर उचित रूप से विचार करेंगे क्योंकि मुझे लगता है कि वह सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करता है।

पानीपत विधायक फकीरचंद ने लिखा-हरमन दयालु हैं, उनकी सिफारिश करता हूं

1945 में लाला शिव दयाल माथुर काे म्युनिसिपल कमिशनर के पद से निष्कासित करने के बाद एक पद खाली हाे गया था। उस पद के लिए कई लाेगाें ने आवेदन दिए। जिनमें रामदासिया समुदाय के हरमन सिंह भी थे। वह एमएलए चाैधरी फकीर चंद के प्राइवेट सेक्रेटरी थे। हरमन सिंह काे पद देने के लिए उस समय काफी ने आपति जताई थी। तब पानीपत के एमएलए चौ. फकीर चंद ने अम्बाला के डिप्टी कमिशनर काे चिट्ठी लिखी-मिस्त्री हरमन सिंह मेरे यहां प्राइवेट सेक्रेटरी हैं। वह बेहद ईमानदार और दयालु हैं। मैं सिफारिश करता हूं कि उन्हें नियुक्त किया जाना चाहिए।

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