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  • In The Examination Report Of The Gynecologist, The Staff Told There Is Work Pressure, Staff Should Be Increased, The PMO Said The Delivery Was Done In The Labor Room, Not In The Toilet, The Staff Was Told Without Telling The Obstetrician

22 वर्षीय प्रसूता सुलेखा की डिलीवरी का मामला:स्त्री रोग विशेषज्ञ की जांच रिपोर्ट में स्टाफ ने बताया- काम का दबाव है, स्टाफ बढ़ाया जाए, पीएमओ बोले- टाॅयलेट में नहीं लेबर रूम में हुई थी डिलीवरी, स्टाफ को बिना बताए गई थी प्रसूता

अम्बाला2 महीने पहले
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कैंट सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टेशन, जहां स्टाफ की कमी है। - Dainik Bhaskar
कैंट सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टेशन, जहां स्टाफ की कमी है।

कैंट सिविल अस्पताल में 9 अक्टूबर को न्यू टैगौर गार्डन निवासी 22 वर्षीय प्रसूता सुलेखा की डिलीवरी के मामले की जांच स्त्री रोग विशेषज्ञ ने पूरी कर रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। जांच के दौरान प्रसूता वार्ड के स्टाफ ने बयानों में कहा कि प्रसूता ने टॉयलेट जाने की सूचना ऑन ड्यूटी नर्सिंग स्टाफ को नहीं दी थी।

स्टाफ के पास वर्किंग लोड बहुत ज्यादा है, इसलिए हर प्रसूता का पूरी तरह से ध्यान रख पाना मुश्किल है। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि प्रसूता वार्ड में देखरेख के अलावा ऑपरेशन भी देखने होते हैं। रोजाना 3 से 4 ऑपरेशन होते हैं। प्रसूता सुलेखा के मामले में नर्सिंग स्टाफ ने जानकारी दी कि टॉयलेट में प्रसूता की डिलिवरी नहीं हुई है, बल्कि टाॅयलेट करते वक्त नवजात का कुछ हिस्सा बाहर आ गया था। जैसे ही इसका पता चला तो प्रसूता को तुरंत लेबर रूम में ले जाया गया था। जहां प्रसूता ने बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इस विवाद के बीच नर्सिंग स्टाफ की ओर से मांग की गई कि वर्क लोड को देखते हुए यहां स्टाफ को बढ़ाया जाए।

अस्पताल में सेक्शन पोस्ट 90 हैं, लेकिन 65 खाली

कैंट सिविल अस्पताल में नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत लगे नर्सिंग स्टाफ को छोड़ दें तो नर्सिंग स्टाफ की सेक्शन पोस्ट 90 हैं, जिसमें से 25 पोस्ट पर स्टाफ तैनात है और 65 पोस्ट अभी खाली हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक 5 मरीजों पर एक नर्सिंग सिस्टर होनी चाहिए। लेकिन कैंट सिविल अस्पताल के रोस्टर के मुताबिक सुबह की ड्यूटी में 2 नर्सिंग सिस्टर सामान्य, पुरुष व महिला वार्ड में भर्ती 70 मरीजों को देखती हैं। शाम और रात काे तो 2 की बजाए एक ही नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी होती है।

रोजाना 10 डिलीवरी

कैंट अस्पताल के प्रसूता विभाग में रोजाना 10 डिलीवरी होती हैं। कई बार एक दिन में 15 डिलीवरी भी हाे चुकी हैं। इन डिलीवरी में नाॅर्मल व ऑपरेशन दोनों ही शामिल हैं। एक महीने में अस्पताल में 200 से 300 डिलीवरी का आंकड़ा रहता है, इसलिए नर्सिंग स्टाफ पर वर्क लोड कई गुना अधिक है।

प्रसुता वार्ड में डिलीवरी मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट आ गई है। महिला की ओर से कोई शिकायत नहीं आई थी, बल्कि मीडिया में प्रकाशित समाचारों के आधार पर संज्ञान लिया था। जांच में शामिल नर्सिंग सिस्टर ने कहा कि प्रसूता व उसके परिजनों ने टाॅयलेट में जाने की जानकारी नहीं दी थी, लेकिन डिलीवरी शौचालय में नहीं बल्कि लेबर रूम में हुई है। स्टाफ ने कहा है कि स्टाफ की कमी है जिसे भी पूरा किया जाए।-डाॅ. राकेश सहल, पीएमओ, कैंट अस्पताल

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