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  • INLD Submitted A Memorandum On The Issues Of Tax, Portal And Mutation, Omkar Singh Said To The Secretary I Will Get Information About Whether The Memorandum Has Been Sent To The Chief Minister Or Not.

नगर परिषद में भ्रष्टाचार:टैक्स, पाेर्टल और म्यूटेशन के मुद्दों पर इनेलाे ने सौंपा ज्ञापन, ओंकार सिंह नप सचिव से बोले- ज्ञापन मुख्यमंत्री के पास भेजा है या नहीं इसकी जानकारी आरटीआई लगाकर लूंगा

अम्बाला9 महीने पहले
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ज्ञापन के जरिए ये समस्याएं उठाई, नगर परिषद कार्यालय में 3 साल का इकट्टा बिल दिखाते रमेश कुमार। - Dainik Bhaskar
ज्ञापन के जरिए ये समस्याएं उठाई, नगर परिषद कार्यालय में 3 साल का इकट्टा बिल दिखाते रमेश कुमार।

स्थानीय निकाय मंत्री के हलके में नगर परिषद कार्यालय में कई तरह की समस्याएं आ रही है, जिन्हें अधिकारी दूर नहीं कर रहे हैं। इसलिए मंगलवार को इनेलो नेता ओंकार सिंह अपने समर्थकों व आम जनता के साथ नप कार्यालय में पहुंचे। ओंकार सिंह को ईओ को ज्ञापन सौंपना था, लेकिन ईओ ने व्यस्त होने का हवाला देते हुए सचिव राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपने की बात कही।

इनेलो नेता ओंकार सिंह से जब सचिव राजेश कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे तो ओंकार ने सचिव से कहा कि उनके ज्ञापन को मुख्यमंत्री के पास जरूर भिजवा दें, क्योंकि वह आरटीआई लगाकर ज्ञापन के बारे में पूछेंगे कि आपने ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा है या नहीं।

सचिव राजेश ने कहा कि वह ईओ के आदेशों पर ज्ञापन लेने आ रहे हैं। इस मौके पर डॉ. रामनाथ शर्मा, प्राण नाथ वैद, तुषार कौशिक, धर्म पाल, सुभाष चंद, अशोक धवन, गुरमीत सिंह, प्रियंका चौधरी, महिंद्र नरूला, जय चंद्र मिश्रा, गुरदीप सिंह, पंकज, सुखप्रीत सिंह सेठी, बजरंग लाल पूर्व सरपंच, मेहर सिंह, मनजीत सिंह, उजागर सिंह, अमरजीत जांगड़ा, राहुल, जतिन अरोड़ा, राजन अरोड़ा, दमनप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह अबरोल, राजेश चोना, गुरप्रीत सिंह, मनोज मक्कड़, सुखविंद्र, विजय कुमार, राजिंद्र राणा, अनिल लांबा मौजूद थे ।

ज्ञापन के जरिए ये समस्याएं उठाई

  • 1. वैध खसरा नंबर भी पोर्टल पर अवैध कर दिए गए हैं, जनता महीनों से परेशान है। यह दुरुस्त किया जाए।
  • 2. स्थानीय निकाय विभाग में दो कंप्यूटर प्रणालियां हैं। टैक्स व एनडीसी दोनों में की एक दूसरे कोई कनेक्टिविटी नहीं है जिसके कारण एक पोर्टल पर जमा की गई फीस व ठीक की गई त्रुटि दूसरे पोर्टल पर ठीक नहीं होती। जनता की कई दिनों तक फुटबॉल बनी रहती है।
  • 3. एक्साइज क्षेत्र में म्यूटेशन की फाइल कई सालों से धूल फांकती रहती है, उसके लिए समय सीमा तय की जाए।
  • 4. म्यूटेशन की फाइल अनावश्यक रूप से लीगल एडवाइजर को भेजी जाती है जिससे भ्रष्टाचार पनपता है और देरी के कारण जनता परेशान होती है।
  • 5. लेट म्यूटेशन फाइन म्युटेशन एक्ट की धारा 87 के अनुसार न्यूनतम 25 व अधिकतम 200 रुपए वसूला जाए।
  • 6. एनडीसी की अतिरिक्त वसूली वापस की जाए।
  • 7. टैक्स के बिल 10 वर्षों के इकट्ठा दिए जा रहे हैं जबकि यह प्रति वर्ष दिए जाने चाहिए। गलती नगर परिषद कर्मचारियों की है, जिसके कारण जनता पर एकदम से बोझ पड़ गया है जबकि लिमिटेशन एक्ट के अनुसार तीन वर्ष से अधिक की वसूली नहीं की जा सकती।
  • 8. म्युटेशन की फाइलों पर फालतू लेट फीस की वसूली वापस की जाए और कोरोना काल मे हरियाणा सरकार द्वारा सभी सरकारी किरायेदारों का 2 माह का किराया माफ किया गया था लेकिन कैंट में यह नियम लागू नहीं किया गया। आवाज उठाने पर कुछ किराएदारों का माफ कर दिया गया, यह सबका माफ किया जाए।
  • 9. कैंट को फ्री होल्ड किया जाए।
  • 10. नगर परिषद में क्वालिफाइड कर्मचारी बिचौलियों की कुव्यवस्था के कारण मात्र 8-10 हजार रुपए वेतन प्राप्त कर रहे हैं। इस व्यवस्था को दुरुस्त करके इन अस्थाई कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
  • 11. नगर परिषद से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए विशेष सेल बनाया जाए ताकि जनता की परेशानी दूर हो सकें।
  • 12. सभी प्रकार की रजिस्ट्री खोल दी जाए।
  • 13. भूमि के इंतकाल के साथ-साथ म्युटेशन भी ऑटोमैटिक होनी चाहिए।
  • 14. भारी भरकम प्रॉपर्टी टैक्स आने पर उसकी किस्तें बनाई जाए व प्रॉपर्टी सील न कि जाए।
  • 15. दस वर्षों के इकट्ठा टैक्स आने पर ब्याज माफ किया जाए, क्योंकि प्रत्येक वर्ष टैक्स भेजना नगर परिषद की जिम्मेवारी।

प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस हर साल दिया जाए : रमेश

चंद्रपुरी कॉलोनी निवासी रमेश कुमार का तीन साल का इकट्ठा प्रॉपर्टी टैक्स नगर परिषद ने भेज दिया। रमेश कुमार ने बताया कि नगर परिषद की ब्याज पर छूट सिर्फ मौजूदा वित्त वर्ष यानि 2020-2021 के तहत ही मिली है। साल 2015 में उसने तीन साल का इकट्ठा प्रॉपर्टी टैक्स चुका दिया था लेकिन 2018 से लेकर 2021 तक का प्रॉपर्टी टैक्स लेने के लिए नगर परिषद ने कोई नोटिस नहीं भेजा है। अब तीन साल का एकसाथ प्रॉपर्टी टैक्स कैसे चुकाया जाए।

रमेश कुमार ने बताया कि बिजली निगम की तरह नगर परिषद को भी घर पर प्रॉपर्टी टैक्स का बिल या नोटिस भेजना चाहिए ताकि सालाना टैक्स चुका सके।

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