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जन संकल्प से हारेगा कोरोना:काेराेना ने ऐसी हालत कर दी कि 10 दिन बाेला भी नहीं गया, इशारों में ही बात की

अम्बाला25 दिन पहले
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संजीव गोयल। - Dainik Bhaskar
संजीव गोयल।
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23 अप्रैल काे मेरी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई थी। मुझे 103 बुखार हाे गया और खांसी हाे गई। मैं 5 से 6 दिन तक दवाई लेता रहा, लेकिन बुखार 101 से कम नहीं हुआ। मेरा अक्सीजन लेवल भी गिरकर 88 पहुंच गया।

मैंने अपने परिचित दिल्ली में डाॅक्टर एसपी गुप्ता से फाेन पर संपर्क किया और उनसे अपनी हालत के बारे में बताते हुए इलाज शुरू करवाया। मैं ज्यादा बाेल नहीं पाता था। जब बाेलता था ताे छाती में दर्द हाे जाता था और काफी खांसी हाेती थी। मुझसे 10 दिन ताे बातचीत नहीं की गई। मैंने इशाराें में ही परिवार के सदस्याें से बातचीत की।

मैं घर पर ही आइसाेलेट था। तबीयत ज्यादा बिगड़ रही थी ताे अस्पताल में दाखिल हाेने का डर भी मन में था। उस टाइम ताे अस्पतालाें में भी हालात काफी नाजुक थे। डाॅ. एसपी गुप्ता ने मेरा इलाज शुरू किया और घर पर रहते ही मैंने दवाई ली। मेरी पत्नी भी काेराेना पाॅजिटिव हाे गई थी। दाेनाें के पाॅजिटिव हाेने पर 24 साल की बेटी शुभांगी और 20 साल के बेटे सक्षम पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई।

हम दाेनाें ने खुद काे आइसाेलेट किया और बच्चाें से वीडियाे काॅल से बातचीत करते थे। मेरे बच्चाें और दाेस्ताें व मेरी अन्य सहयाेगियाें ने अपने दिलासा दिया। हमारे के लिए खाना भी लेकर आते थे। वह 20 दिन जिंदगी के सबसे बुरे दिन की तरह बीते। मैंने मार्च में वैक्सीन की दूसरी डाेज भी लगाई थी। 20 दिन बाद मेरी रिकवरी शुरू हाे गई। अब भी मैं पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हुआ हूं।

सीढ़ियां चढ़ने या थाेड़ा पैदल चलने से कमजाेरी महसूस हाेती है। मैंने डाइट प्लान बनाया है। मैं एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर हूं। मैं कहना चाहता हूं कि काेराेना हाेने पर सबसे पहले ताे पाॅजिटिव ही साेचें। अच्छी डाइट बहुत जरूरी है। मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि यदि किसी काे काेराेना हुआ है या लक्ष्ण हाें ताे अच्छी डाइट जरूर लें। ये आपकाे बाद में हाेने वाली शारीरिक कमजाेरी से जल्द ठीक करेगी।
संजीव गाेयल, निवासी टैगाेर नगर, अम्बाला कैंट

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