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बिना एस्टीमेट तैयार किए ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का मामला:विकासपुरी में ट्रांसफार्मर की लोकेशन बदलने के मामले में लाइनमैन और एरिया जेई सस्पेंड

अम्बाला4 दिन पहलेलेखक: सुनील बराड़
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विकासपुरी में बिना डिपॉजिट एस्टीमेट के ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने वाले लाइनमैन अश्विनी खन्ना और जेई विशाल प्रभाकर को यूएचबीवीएन के मैनेजिंग डायरेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई कुरुक्षेत्र के कंस्ट्रक्शन विंग के एक्सईएन राजीव आनंद की मंगलवार सुबह सौंपी गई जांच रिपोर्ट के दो घंटे के बाद हुई। जेई विशाल को सस्पेंड करने के बाद कैथल तो वहीं लाइनमैन का पुंडरी में हेडक्वार्टर फिक्स किया गया है।

दोनों की ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग विवाद में संलिप्तता पाई गई है। एक्सईएन कैंट जेसी शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। जांच में खुलासा हुआ है कि 16 जुलाई को लाइनमैन अश्विनी खन्ना ने 66केवी सब स्टेशन इंडस्ट्रियल एरिया से सुबह 10:20 बजे वर्क परमिट लिया था, जिसे बाद में कैंसिल करा दिया। लाइनमैन अश्विनी खन्ना ने सब स्टेशन इंडस्ट्रियल एरिया में तर्क दिया था कि उन्हें कबीर नगर फीडर पर 200 केवीए ट्रांसफार्मर के जंपर बदलने हैं।

इसलिए लाइनमैन के परमिट मांगने पर सब स्टेशन ने परमिट दे दिया और कबीर नगर फीडर को बिजली सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बाद लाइनमैन अपने प्राइवेट कर्मियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचा और जंपर बदलने की बजाए प्राइवेट प्लाॅट के किनारे पर लगे 200 केवीए ट्रांसफार्मर को एक जगह से दूसरी जगह पर बदल दिया था। इतना ही नहीं, 25 केवीए ट्रांसफार्मर की जगह जो दो नए पोल लगाए हैं, वो पोल भी जेई ने रामपुर मोड़ और एक अन्य जगह पर टूटे हुए पोल को बदलने के लिए स्टोर से निकलवाया था।

इसकी अनुमति सब डिविजन इंडस्ट्रियल एरिया के एसडीओ सतबीर चोपड़ा से ली गई है। लेकिन वह पोल मूल जगह पर न लगाकर 25 केवीए के पुराने खंभे हटाकर वहां लगा दिए गए। बाद में इन पोल पर लाइनमैन ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट कर दिए। वहीं, जेई ने दावा किया है कि 28 जून को उनके पास विकासपुरी के लाेग टूटे हुए पोल बदलवाने के लिए आए थे। उनकी मांग पर ही वो पोल बदले गए हैं।

अब आगे क्या ये संभव

  • तथ्यों के साथ छेड़छाड़ न हो, इसलिए दोनों का सस्पेंड कर दिया गया। अब दोनों को आधा वेतन मिलेगा।
  • यूएचबीवीएन के चीफ इंजीनियर की ओर विभागीय रेगुलर जांच होगी। जांच दो माह में पूरी करनी होगी।
  • चीफ इंजीनियर की ओर से जल्द ही रेगुलर जांच के लिए किसी अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा।

लाइनमैन खुद को जेई बताता है : जेई
मैं 15 दिन पहले सब डिविजन बब्याल में ट्रांसफर होकर आया था, जिसके बाद वह इंडस्ट्रियल एरिया नई सब डिविजन में लगा दिया गया। लाइनमैन अश्विनी खन्ना खुद को जेई बताता था और लाइनमैन ने खुद की चार पांच आदमियाें की प्राइवेट लेबर रखी हुई है। विकासपुरी में प्रताप प्रॉपर्टी डीलर ने उस एक हजार गज के प्लाॅट को खरीदा है और डीलर उस पर दुकानें बनाना चाहता है। लाइनमैन ने डीलर के साथ मिलकर यह गलत काम किया है जिसके बारे मुझे कुछ नहीं पता। लेबर ने लिखित में दिए बयानों में भी माना है कि यह काम अश्विनी के कहने पर किया है। परमिट, सामान, क्रेन और लेबर सबकुछ लाइनमैन ने ही मैनेज की थी, मैं तो कहीं पिक्चर में ही नहीं हूं। जिस दिन मुझे पता चला उस दिन चंडीगढ़ में था। इसलिए सोमवार को आने के बाद ही मौका देखने के लिए सोची थी। लेकिन उससे पहले ही विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई।-जैसा जेई विशाल प्रभाकर ने जांच करने पहुंचे एक्सईएन को बताया।

जेई की एसआर से निकला सामान: लाइनमैन

जिस 25 केवीए ट्रांसफार्मर की जगह नया हाईटेंशन पोल खड़ा हुआ है और सामान लगा है, वो सभी जेई की एसआर (स्टोर रिक्वीजीशन) से निकला है। वो मेरी एसआर से नहीं निकला है। इसलिए यह सारा काम जेई ने कराया है, मुझे इस मामले में फंसाया गया। मेरी कोई प्राइवेट लेबर नहीं है और मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वो सब झूठे हैं।-जैसा लाइनमैन अश्विनी खन्ना ने अपने बचाव में बयान दिए।

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