जाम की समस्‍या:महेश नगर ड्रेन 7 महीने में एक साइड की भी तैयार नहीं हुई, टांगरी बांध तक लग रहा जाम

अम्बालाएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कैंट-साहा हाईवे पर चल रहे काम के चलते लगा जाम व तोड़ा गया हाईवे का हिस्सा। - Dainik Bhaskar
कैंट-साहा हाईवे पर चल रहे काम के चलते लगा जाम व तोड़ा गया हाईवे का हिस्सा।

निर्माणाधीन कैंट-साहा हाईवे पर महेश नगर क्षेत्र में जाम की तीन वजह बनी हुई हैं। पहली वजह है कि हाईवे निर्माण एजेंसी का महेश नगर ड्रेन का काम बहुत धीमा है। दूसरी वजह डैमेज रोड की रिपेयर वर्क व तीसरा कारण मिट्टी के ढेर व अवैध पार्किंग ट्रैफिक को स्लो कर रही है। हाईवे निर्माण एजेंसी बीते साढ़े 7 माह में महेश नगर ड्रेन का एक साइड का हिस्सा भी तैयार नहीं कर पाई है। जबकि गृहमंत्री अनिल विज ने 23 मई 2021 को पुलिया का दौरा करके इसे ऊंचा करके बनाने के आदेश दे चुके हैं। यहां पर ट्रैफिक बीते एक साल से एक ही लेन में चल रहा है। इसलिए हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक परेशान हैं।

अवैध तरीके से पार्किंग: महेश नगर के दुकानदारों के अलावा ग्राहकों ने कैंट-साहा हाईवे का पार्किंग का अड्डा बना लिया है। इसलिए यहां सुबह से लेकर रात तक कारें खड़ी रहती हैं। यहां पर कोई वाहन रुकता है तो जाम महेश नगर ड्रेन तक पहुंच जाता है। हाईवे का निर्माण कार्य पूरा होने तक निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है कि वह अपनी काम के चलते ट्रैफिक को डायवर्ट करेगी और जाम को खुलवाने के लिए सिक्योरिटी गार्ड व चेतावनी बोर्ड भी लगाएगी। एजेंसी के इस काम को पुलिस प्रशासन संभाल रहा है। होमगार्ड के जवान एक प्राइवेट एजेंसी का काम कर रहे हैं।

पुलिया पर जंपिंग की शिकायत: एनएचएआई के ब्रिज इंजीनियर ने निर्माण एजेंसी को भी लिखा है कि कैंट-साहा के बीच में जो पुलिया बनाई गई हैं, उनमें वाहन जंपिंग की समस्या आ रही है। हाईवे पर फाइनल लेयर के बाद से यह समस्या बनी हुई है जिन्हें भी ठीक करने के लिए कंपनी को कहा गया है। इसके अलावा एजेंसी को भी रफ व दरारें आने वाले पैनल को बदलने के लिखा गया है।

200 करोड़ रुपए का कैंट-साहा हाईवे प्रोजेक्ट
एनएचएआई की ओर से कैंट-साहा हाईवे निर्माण कार्य सीगल इंडिया कंपनी को दिया गया था जिसे टेंडर के मुताबिक हाईवे पर 6 माइनर ब्रिज व 36 पुलियों के निर्माण के साथ-साथ 0.00 (अम्बाला कैंट बस स्टैंड) से किलोमीटर 4.700 (टांगरी नदी) से किलोमीटर 14.840 (साहा) तक बिटुमिनस सड़क बनाने का काम करना था। जुलाई 2019 में प्रोजेक्ट का काम शुरू हुआ था, लेकिन कोविड के चलते इस 200 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा को बढ़ा दिया गया था। जुलाई 2022 में प्रोजेक्ट को तीन साल पूरे हो जाएंगे।

डैमेज हाईवे की रिपेयर के लिए रास्ता बंद किया
महेश नगर में आरसीसी रोड का कुछ हिस्सा बनने के एक साल के अंदर ही डैमेज हो चुका है। इसलिए निर्माण एजेंसी ने डैमेज हिस्से को रिपेयर करने के लिए श्री एक्सरे एंड अल्ट्रासाउंड केंद्र तक बंद कर रखा है। मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर भी हाईवे के किनारे पड़े हुए हैं। कुछ जगहों से हाईवे को दोबारा से दुरुस्त कर दिया है। हाईवे पर गुलाटी प्रॉपर्टी डीलर के सामने भी डैमेज रोड को तोड़कर दोबारा से बनाया जा रहा है। यहां पर अभी काम पेंडिंग पड़ा हुआ है।

महेश नगर ड्रेन बनाने का काम ही बचा एजेंसी का
निर्माण एजेंसी का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। फरवरी 2022 तक एजेंसी का समय बढ़ाया था। महेश नगर ड्रेन एक बार एजेंसी बना चुकी है, अब उसे तोड़कर दोबारा से बनाना है। यह काम ही एजेंसी का बचा हुआ है। आरसीसी के रफ व दरारें वाले हिस्सों को बदलने का काम मेरे संज्ञान में नहीं है। इसे चेक कराया जाएगा। -वीरेंद्र सिंह, प्रिंसिपल डायरेक्टर, एनएचएआई।

खबरें और भी हैं...