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सीलिंग कार्रवाई:नगर निगम ने 16 लाख रुपए प्राॅपर्टी टैक्स न भरने पर 13 दुकानें सील की, 2 मालिकों ने चेक सौंपे

अम्बाला2 महीने पहले
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सीलिंग कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम। - Dainik Bhaskar
सीलिंग कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम।
  • प्रॉपर्टी मालिक बोले- इस सीलिंग के खिलाफ कोर्ट जाएंगे, नगर निगम के पास 100 डिफाॅल्टरों की लिस्ट, प्रत्येक पर प्राॅपर्टी टैक्स 1 लाख रुपए से ज्यादा बकाया

नगर निगम ने मंगलवार को प्राॅपर्टी टैक्स न भरने वाले डिफाल्टराें पर बड़ी कार्रवाई की। 16 लाख रुपए का प्राॅपर्टी टैक्स न भरने पर निगम की टैक्स ब्रांच ने मंगलवार को 13 काॅमर्शियल प्राॅपर्टी को सील कर दिया, जबकि 2 मालिकों ने मौके पर ही टीम काे चेक थमा दिए। इसके बाद दोनों पर कार्रवाई टल गई। एक प्राॅपर्टी को सील करने के बाद मालिक ने कोर्ट का सहारा लेने की बात कही।

नगर निगम की टीम सहायक टैक्स सुपरिंटेंडेंट बलबीर सिंह के नेतृत्व में मीना बजार पहुंची। जहां वल्लभ निकेतन की 6 दुकानों को सील किया। इन दुकानों पर लगभग 4.50 लाख रुपए प्राॅपर्टी टैक्स बकाया था। इसके बाद टीम बांस बाजार चौक पहुंची जहां दुकानदार ने टीम को लगभग 3.50 लाख रुपए का चेक थमा दिया। टीम चेक लेकर लाैट गई। फिर टीम मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास एक मिक्सी की फैक्टरी पर कार्रवाई करने पहुंची तो वहां भी टीम को प्राॅपर्टी टैक्स का 4.66 लाख रुपए का चेक मिल गया।

टीम ने इसके बाद मनमोहन नगर में बंद पड़ी एक फैक्टरी को सील कर दिया। इस फैक्टरी पर 4 लाख के करीब प्राॅपर्टी टैक्स बकाया है। गीता नगरी में टीम ने बंद पड़ी 5 दुकानों को सील किया। इन पर 3.98 लाख रुपए प्राॅपर्टी टैक्स बकाया था। इसके अलावा नारायणगढ़ राेड पर भी एक सर्विस सेंटर को 4 लाख का प्राॅपर्टी टैक्स न देने पर सील किया।

3 मार्केट की 86 दुकानाें पर रेंट बकाया

बस स्टैंड के सामने नगर निगम की 3 मार्केट के 86 दुकानदारों पर दुकानों का किराया बकाया है। निगम ने हर दुकानदार से 2 लाख रुपए से ज्यादा किराया लेना है। किराया न भरने पर निगम ने यहां कार्रवाई करते हुए 8 दुकानों को सील कर दिया था। दुकानदार जब कमिश्नर से मिले थे तो उन्होंने नियमानुसार किराया भरने के निर्देश दिए थे।

निगम नहीं माना तो कोर्ट जाएंगे : राजू

गीता नगरी में 5 प्राॅपर्टी सील होने के बाद मालिक राजू ने कहा कि वह बुधवार को निगम में अधिकारियों से मिलेंगे। अगर वहां सुनवाई न हुई तो वह कोर्ट का रुख अपनाएंगे, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार निगम 3 साल से ज्यादा का प्राॅपर्टी टैक्स वसूल नहीं कर सकता।

आम्रपाली रिजॉर्ट संचालक ने कोर्ट से जीता था केस

अम्बाला सिटी के आम्रपाली रिजॉर्ट को नगर निगम ने पुराना प्रॉपर्टी टैक्स भरने का नोटिस दिया था। रिजॉर्ट संचालक रोहित जैन ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने कहा था कि निगम 3 साल से ज्यादा पुराना प्रॉपर्टी टैक्स वसूल नहीं सकता। केस की सुनवाई के दौरान बठिंडा म्युनिसिपल काउंसिल के खिलाफ दिए हाईकोर्ट के फैसले को आधार बनाया। मुकेश कुमार की कोर्ट ने निगम के खिलाफ फैसला सुनाया था।

हाईकोर्ट का ये था फैसला

बठिंडा के जसवंत सिंह को बठिंडा नगर परिषद ने 14 नवंबर 2000 को 32,003 रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स भरने का नोटिस दिया था। यह प्रॉपर्टी टैक्स 1979-80 से 31 मार्च 2001 तक का था। जसवंत इस नोटिस के खिलाफ बठिंडा लोअर कोर्ट गए। दलील दी कि एमसी ने पंजाब म्युनिसिपल एक्ट 1911 के सेक्शन 49 के तहत नोटिस नहीं दिया। लोअर कोर्ट ने फैसले में कहा था कि 113 लिमिटेशन, आर्टिकल 113 के तहत एमसी जसवंत सिंह से 3 साल से ज्यादा रिकवरी नहीं कर सकती। इस फैसले के खिलाफ बठिंडा एमसी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट गई।

आरएसए नंबर 978/2011 की अपील पर हाईकोर्ट ने 10 सितंबर 2014 को फैसला सुनाते हुए एमसी बठिंडा की अपील को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि कानून में लिखा है कि 3 साल से ज्यादा रिकवरी नहीं कर सकते।

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