सेनिटाइजर घोटाला:नगर निगम ने 200 kg के 18 ड्रमों में दिखाया 5310 किलो सेनिटाइजर

अम्बाला7 महीने पहलेलेखक: उज्ज्वल शर्मा
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  • बिल नगर निगम कमिश्नर के संज्ञान में आया तो रिकवरी करने के निर्देश दिए
  • फर्जीवाड़ा, गुरुग्राम से मंगवाया सेनिटाइजर, फर्म के खाली ड्रमों की कॉस्ट वाले बिल में 18 ड्रम तो सेनिटाइजर वाले बिल में 20 दर्शाए
  • अंतर : इसी फर्म से स्वास्थ्य विभाग लीटर में और नगर निगम किलो में सेनिटाइजर मंगवा रहा

कोरोना काल में जहां समाजसेवी लोगों की सेवा करने में जुटे रहे, वहीं सिटी नगर निगम के अधिकारी अपनी जेब भरने के चक्कर में रहे। नगर निगम के पास 200 किलो के 18 ड्रमों में 3600 किलो सेनिटाइजर आया, लेकिन बिल 5310 किलो का पास हो गया। सेनिटाइजर के एक और बिल में घोटाला होना था, लेकिन मामला कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा के संज्ञान में आया तो उन्होंने रिकवरी के निर्देश दे दिए।

असल में कोरोना काल की पहली लहर में मार्च 2020 में स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को 5500 लीटर सेनिटाइजर स्प्रे उपलब्ध कराया था। जिसका स्प्रे निगम ने करा दिया था। जब निगम ने फिर से स्वास्थ्य विभाग से सेनिटाइजर स्प्रे मांगा तो स्वास्थ्य विभाग ने निगम को अपने स्तर पर सेनिटाइजर खरीदने के लिए कहा गया। नगर निगम को बाजार में सेनिटाइजर स्प्रे की उपलब्धता नहीं मिली।

जब निगम ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि विभाग गुरुग्राम की फर्म गुप्ता एंटरप्राइजेज सेनिटाइजर की खरीद 7.75 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से करती है। इसके बाद नगर निगम ने फर्म से निगोसिएशन किया तो निगम को लीटर की बजाए किलो (लीटर में 900 एमएल तो किलो में एक हजार ग्राम होते हैं) में सेनिटाइजर मिला। वह भी 7.50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से।

निगम अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग से लीटर की बजाए किलो में सेनिटाइजर लेकर अच्छी खासी बचत की, लेकिन साथ में घोटाला भी कर दिया।

ऐसे हुआ घोटाला

नगर निगम ने गुप्ता एंटरप्राइजेज से सेनिटाइजर मंगवाया। गुरुग्राम से इसी साल 25 अप्रैल को आए इस सेनिटाइजर में 18 ड्रम नगर निगम में पहुंचे। प्रत्येक ड्रम में 200 किलोग्राम ही सेनिटाइजर आ सकता है। इस तरह कुल 3600 किलोग्राम सेनिटाजर हुआ। फर्म ने दो बिल नगर निगम को भेजे। एक बिल खाली ड्रम का बिल नंबर 1086 है। इसमें फर्म ने 700 रुपए प्रति खाली ड्रम के अलग से 12600 रुपए चार्ज किए हैं। इस बिल में सभी टैक्स जोड़कर बिल 14868 रुपए का बना है। ड्रम के साथ जो दूसरा बिल है, उसकी संख्या 1089 है। यह बिल फर्म ने 5310 किलो सेनिटाइजर का भेजा है। इसमें ड्रम 20 दर्शाए गए हैं।

हैरानी की बात है कि 20 ड्रम में 200 किलो के हिसाब से 5310 किलो कैसे सेनिटाइजर आ गया। इस सेनिटाइजर की कीमत 39825 रुपए है, जबकि इसमें भाड़ा व अन्य टैक्स जोड़कर बिल 59,973 रुपए का पास कराया गया है। एक बिल में ड्रमों की संख्या 18 दर्शाई गई और दूसरे बिल में ड्रमों की संख्या 20 दर्शाई गई है। 18 ड्रमों के बिल को वाट्सएप से मंगवाया गया। ये दाेनाें बिल एक ही ट्रक में और एक ही तारीख में आए।

ऐसे हुआ पर्दाफाश

नगर निगम के अधिकारियों ने फिर से वही खेल खेलना चाहा। फिर एक बार 4700 किलो सेनिटाइजर मंगवाया, वह भी 18 ड्रम में, लेकिन इस बार का घोटाला कमिश्नर की नजर में आ गया। उन्होंने इस बिल को रोक लिया। तब जाकर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ।

निगम ने सदन में ये जवाब देना है

फरवरी में हुई नगर निगम की बैठक में पार्षद टोनी चौधरी ने सेनिटाइजर घोटाले का मुद्दा उठाया था। इस मुद्दे को मिनट्स में भी लिया गया। बाकायदा तत्कालीन चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर ने इसकी रिपोर्ट भी तैयार की। इस रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि नगर निगम ने गुप्ता एंटरप्राइजेज से 10 हजार लीटर (बिल किलो का) सेनिटाइजर खरीदा है। अभी कार्यालय में 2500 लीटर स्प्रे कार्यालय में मौजूद है।

मामला काफी गंभीर है। कोरोना काल में लोग लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं, लेकिन निगम में ऐसा घोटाला हो रहा है। इस मामले की विजिलेंस से जांच कराई जाएगी।-शक्ति रानी शर्मा, मेयर, नगर निगम, अम्बाला सिटी।

बिल में किलोग्राम व लीटर का फर्क है। पहले और अब के बिल में जो डिफरेंस है। उसकी पेमेंट डिटेक्शन के लिए फर्म को बोला है। ताकि दोनों बिल ठीक हो सकें।-धीरेंद्र खड़गटा, कमिश्नर, नगर निगम, अम्बाला सिटी

नगर निगम की बैठक आज पंचायत भवन में

नगर निगम की बैठक बुधवार को सिटी के पंचायत भवन में होगी, जिसमें दो पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम मीटिंग में सिटी में गाेशाला के लिए 5 एकड़ जमीन में गाेशाला बनाने के लिए प्रस्ताव पारित कराएगा। ताकि शहर में बेसहारा दो पशु घूम रहे हैं। उन्हें गाेशाला में रखा जा सके। इसके अतिरिक्त हड्डा रोड़ी के लिए जगह का भी प्रस्ताव निगम की तरफ से रखा जाएगा।

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