ऑडिट में खुलासा:1.38 करोड़ रुपए के 300 चेक दबाकर बैठ गए नगर निगम कर्मी, अब होगी रिकवरी

अम्बाला21 दिन पहले
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  • कमिश्नर को मिली थी शिकायत, कर्मियों ने चेक लेकर जी8 बुक में तो चढ़ा दिए, लेकिन बैंक में नहीं लगाए, सबसे ज्यादा 122 चेक प्राॅपर्टी टैक्स के

9 साल से नगर निगम में चेक दबाने का काम चलता रहा। चेक लेकर जी8 बुक में तो चढ़ा दिए, लेकिन 1.38 करोड़ के 300 चेक बैंक में नहीं लगाए गए। जब इन चेकों का ऑडिट हुआ तो खुलासा हुआ। अब निगम चेक मालिकों को नोटिस भेजकर उनसे रिकवरी करेगा। सबसे ज्यादा 122 चेक प्राॅपर्टी टैक्स के हैं। लोगों से चेक लेकर उन चेकों को जी8 बुक में चढ़ा दिया गया था, लेकिन जब तक यह चेक बैंकों से क्लियर नहीं होते तब तक जी9 बुक में नहीं चढ़ते।

निगम कर्मियाें की लापरवाही से लोगों को चेक न लगने से थोड़े सालों की राहत मिली। जब इन चेकों के बारे में निगम कमिश्नर को शिकायत मिली तो उन्होंने जी8 बुक और जी9 बुक का रिकाॅर्ड ऑडिट से चेक कराया। तब खुलासा हुआ कर्मियों की लापरवाही से निगम को राजस्व समय पर नहीं मिला। प्राॅपर्टी टैक्स के अलावा रोड टैक्स के 16 चेक, टेंडर फीस के 41 चेक, निगम की दुकानों की रेंट के 45 चेक के अलावा विकास शुल्क, लाइसेंस फीस तक के चेक बैंक में नहीं लगाए।

डेड एनिमल कांट्रेक्टर को फायदा पहुंचा

नगर निगम ने शहर में मृत पशुओं का ठेका दिया था। मृत पशु उठाने वाले कांट्रेक्टर ने 2.25 लाख का चेक निगम को दिया था, लेकिन निगम ने इस चेक को बैंक में नहीं लगाया। यह अलग बात है कि ठेका खत्म होने के बाद कांट्रेक्टर को रकम नहीं दी गई, लेकिन 1 साल तक तो कांट्रेक्टर बिना सिक्योरिटी के काम करता रहा। इसके अलावा विकास कार्यों के ठेकेदार ने की अर्नेस्ट मनी का 1.24 लाख का चेक भी बैंक में नहीं लगाया गया।

  • कर्मियों ने 1.38 करोड़ के चेक बैंक में नहीं लगाए। उन्हें जी 8 बुक में तो चढ़ा दिया गया था, लेकिन जी 9 बुक में नहीं चढ़े थे। अब ऐसे लोगों को नो‌टिस भेजकर उनसे रिकवरी की जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, कमिश्नर, नगर निगम, अम्बाला सिटी।
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