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नई मुसीबत:एनडीसी पोर्टल अपडेट, मगर जीरो बैलेंस की रसीद मिल रही, कांग्रेस ने कहा- ये डिजिटल भ्रष्टाचार

अम्बाला22 दिन पहले
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अम्बाला सिटी | नगर निगम में एनडीसी काे लेकर लगाया गया नाेटिस। - Dainik Bhaskar
अम्बाला सिटी | नगर निगम में एनडीसी काे लेकर लगाया गया नाेटिस।
  • पोर्टल अपडेट के बाद सभी आवेदन हो गए डिस्पोज, दोबारा आवेदन करने और पैसे खर्चने को मजबूर हुए लोग

नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) पोर्टल अपडेट हुआ तो सभी आवेदन डिस्पोज हो गए। जब पोर्टल खुला तो उसमें ड्यूज जमा कराने के बाद भी जमा कराई राशि नहीं दर्शाई गई। यही नहीं लोगों को फिर आवेदन करने को कहा जा रहा। लेकिन एक दिन में एनडीसी देने का दावा करने वाला नगर निगम फिर भी लोगों को एनडीसी नहीं दे पा रहा।

कांग्रेस ने इसे डिजिटल भ्रष्टाचार बताते हुए कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने आश्वासन दिया कि एनडीसी को लेकर किसी को समस्या नहीं आने दी जाएगी। नवंबर से जब एनडीसी का पोर्टल शुरू हुआ तो तभी से लोग एनडीसी लेने के लिए परेशान रहे हैं। लोगों ने तो तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर तो संगीन आरोप तक लगाए थे।

बीआई के ट्रांसफर होने के बाद पोर्टल को एमई विपिन देखने लगे, लेकिन 9 जुलाई को पोर्टल पर जो भी आवेदन के दस्तावेज थे, वह डिस्पोज हो गए। इसके बाद निगम ने बाकायदा नोटिस चस्पा कर इसे तकनीकी समस्या बताया। अब जब पोर्टल अपडेट हुआ तो लोगों ने आवेदन किए लेकिन लाेगाें काे एनडीसी नहीं मिली।

शहरवासियों का दर्द-

2.42 लाख जमा कराए, पोर्टल पर नहीं शो हो रही राशि: सुरेश जैन
सेक्टर-7 के सुरेश जैन ने कहा कि उन्होंने विकास विहार की प्राॅपर्टी के लिए एनडीसी लेने के लिए 2.42 लाख जमा कराए। फिर आवेदन किया। पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण आवेदन डिस्पोज हो गए। मंगलवार को जब वह एनडीसी लेने गए तो उन्हें कोई भी टैक्स न जमा न होने की रसीद दी गई। एमई से मिले तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

फिर आवेदन करने के लिए ~250 कैफे वाले को देने होंगे: गुप्ता
बलदेव नगर के राकेश गुप्ता ने कहा कि वह एनडीसी लेने के लिए निगम गए तो उन्हें पता चला कि उनके आवेदन डिलीट हो गए हैं। वह फिर से आवेदन करें। उन्होंने पहले 250 रुपए देकर कैफे वाले से आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन दिए। उन्हें फिर से आवेदन करने के लिए राशि देनी होगी।

विपक्ष हमलावर : कांग्रेस ने कहा- एनडीसी के नाम पर हो रही लूट
कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि करप्शन से जुड़े कुछ मामले उनके सामने आए हैं। पहले से ही नगर निगम द्वारा स्वीकृत कॉलोनी को निगम के एनडीसी पोर्टल पर अस्वीकृत कॉलोनी दर्शाया जा रहा है। ऐसे कई मामले हैं जिसमें एनडीसी के लिए ऑनलाइन आवेदन शुल्क भर चुके आवेदकों को दोबारा फीस भरने के लिए विवश किया गया।

कई मामलों में तो जो प्राॅपर्टी आईडी पूर्व में जारी की गई हैं, उन प्रॉपर्टीज को बेचने व ट्रांसफर करने के समय आवेदन शुल्क पोर्टल पर जमा करवाने के बावजूद यह बताया जाता है कि प्राॅपर्टी आईडी ही गलत है। जमा कराए गए शुल्क की राशि नॉन रिफंडेबल है।

हैरत की बात है कि शुल्क को वापस व एडजस्ट करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मौके पर पूर्व विधायक जसबीर मलौर, तरुण चुघ, बलविंद्र पूनिया, हरजिंदर पूनिया, पार्षद मिथुन वर्मा, कांग्रेस लीगल सेल के प्रधान अवतार तुर्का, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सूरज रश्मि शर्मा भी मौजूद थे।

इस साल के टैक्स के लिए पोर्टल हुआ अपडेट

असल में लोग 2020-21 तक ड्यूज जमा कराकर अपनी एनडीसी लेकर जा रहे थे। पोर्टल पर 2021-22 का प्राॅपर्टी व अन्य टैक्स नहीं चढ़े थे। सरकार ने स्थानीय निकायों से सभी टैक्स अपडेट मांगे तो सरकार को ड्यूज अपडेट कर भेजे गए। इसके बाद पोर्टल को अपडेट किया गया। जिसमें इस साल के सभी टैक्स दर्शाए गए हैं। जब पोर्टल शुरू हुआ तो उस समय एक खाना खाली था, जिसमें प्राॅपर्टी का स्कवेयर यार्ड नहीं दर्शाया गया था। अब इस खाने को अपडेट किया गया है।

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