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देरी:अब दिसंबर तक पूरा हाेगा कैंट में 12 हजार एलईडी लाइटें लगाने का काम, अगस्त में करना था पूरा

अम्बाला8 दिन पहले
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  • 17.26 करोड़ रुपए की लागत से नई व पुरानी स्ट्रीट लाइटें बदलने का काम अगस्त में पूरा करना था, नगर परिषद ने समय बढ़ाया

नगर परिषद कैंट की सीमा में 17.26 करोड़ रुपए की लागत से जहां नई एलईडी लाइटें लगनी हैं, वहीं पुरानी स्ट्रीट लाइटें बदलने का काम भी किया जा रहा है। लेकिन एजेंसी के काम की गति कम होने की वजह से यह काम समय पर पूरा नहीं हो पाया है। टेंडर की तय समय-सीमा अगस्त में खत्म हो चुकी है, जिसे परिषद की इंजीनियरिंग ब्रांच ने तीन माह का और समय दे दिया है। अब दिसंबर तक एजेंसी को यह काम पूरा करना है। नगर परिषद के ठेकेदार को करीब 12 हजार एलईडी लाइटें, विभिन्न मुख्य चौराहों पर 25 हाई मास्क लाइटें, 300 एलईडी फ्लड लाइट लगानी हैं।

परिषद के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में पहले 130 किलोमीटर आर्म्ड केबल का प्रावधान किया गया था क्योंकि यह केबल्स अंडरग्राउंड दबाई जानी है, लेकिन जब वार्ड-12 में अंडरग्राउंड केबल डालने में दिक्कत आई तो एजेंसी ने 30 किलोमीटर अन-आर्म्ड केबल डालने की अनुमति नगर परिषद से मांगी थी। यह अनुमति हेड क्वार्टर स्तर पर मिलनी थी। परिषद अधिकारियों ने बताया कि अनुमति की फाइल काफी समय तक शहरी एवं स्थानीय निदेशालय में पड़ी रही है। इसलिए टेंडर समय-सीमा पर पूरा नहीं हो पाया। अनुमति आने के बाद अन-आर्म्ड केबल से आगे का काम पूरा किया गया है।

बताया जा रहा है कि ठेकेदार बोह, टुंडला, कलरेहड़ी, पंचायती बाग, आनंद नगर, प्रभु प्रेम पुरम एरिया में एलईडी लाइट लगाने का काम पूरा कर चुका है। दूसरी जगह पर काम को शुरू कर दिया गया है। यह भी बताया जा रहा है कि अभी तक 5 हजार एलईडी लाइटें ही ठेकेदार लगा पाया है, बाकी बची हुई एलईडी लाइटें दिसंबर तक लगानी हैं। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाने के लिए कमरा तो तैयार कर दिया है लेकिन कंट्राेल रूम एलईडी लाइट लगने के बाद ही शुरू हो पाएगा। कंट्रोल रूम में लाइट खराब होने की सूचना तुरंत मिलेगी और बिना देरी के कर्मचारी मौके पर जाकर इन लाइट को ठीक कर सकेंगे। इसके अलावा आम जनता को भी शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गली में 20 तो पैनल पोल पर 35 से 72 वॉट की लाइटें लगेंगी
टेंडर में एलईडी लाइट लगाने की कैटेगरी अलग-अलग तय की गई। नगर परिषद 20 वॉट की लाइट को गली में लगाएगा। इसके बाद मुख्य रोड के साइड या मेन चौक पर लगे पैनल पोल पर 35 से 72 वॉट की एलईडी लगेगी। गली-मोहल्ले के लोग इन एलईडी लाइट की रोशनी से संतुष्ट नहीं हैं और नगर परिषद में इसकी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन शहरी व स्थानीय निदेशालय से आई एक टीम वार्ड-12 में सभी एलईडी लाइट को ऑन कराकर चेक कर चुकी है। इसके बाद तय हुआ कि गली-मोहल्ले में 20 वॉट से ज्यादा के एलईडी बल्ब नहीं लगेंगे।

एजेंसी को काम पूरा करने के लिए तीन माह का समय और दे दिया है। यूएलबी से आई टेक्नीकल टीम सभी एलईडी की रोशनी चेक कर चुकी है। पहले गलियों में बड़ी स्ट्रीट लाइट चौक पर लगी होती थी। इसलिए रोशनी ज्यादा होती थी। अब एक तय दूरी पर एलईडी लगेंगी। बाकी कमेटी रोशनी देख चुकी है।-विकास धीमान, एक्सईएन, नगर परिषद

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