वायू प्रदूषण का असर:प्रदूषण से अस्थमा, आंखों से संबंधी मरीजों के बढ़ने की संभावना

अम्बाला सिटी24 दिन पहले
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अम्बाला | जीटी राेड पर शाम के 4:30 बजे हेडलाइट जलाकर निकलते वाहन चालक। - Dainik Bhaskar
अम्बाला | जीटी राेड पर शाम के 4:30 बजे हेडलाइट जलाकर निकलते वाहन चालक।
  • त्योहारी सप्ताह में ओपीडी कम रही, सोमवार को बढ़ेगी, दिवाली के दिनों में आंखों में जलन के मरीज हर साल बढ़ जाते हैं

पूरे सप्ताह त्योहारों का सिलसिला रहने से शनिवार को ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में मरीज कम पहुंचे। हालांकि, सोमवार से एक बार फिर से ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ना तय है। दिवाली के चलते बनी प्रदूषण की स्थिति से अस्थमा, त्वचा व आंखों संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ना स्वभाविक है।

सिविल अस्पताल अम्बाला सिटी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभ ज्योति ने बताया कि अस्थमा, सांस लेने में दिक्कत आदि के मरीज दिवाली से दो तीन दिन पहले ही आने लगे थे। हालांकि, शनिवार को सामान्य दिनों से कम ओपीडी रही। वहीं, कैंट सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि अस्पताल में मेडिसिन की रोजाना की ओपीडी करीब 400 की है। जिसे अलग-अलग डॉक्टर देखते हैं।

उनके पास भी रोजाना 70 से 80 की ओपीडी रहती है लेकिन शनिवार को त्योहार होने से उनके पास 10 से 12 मरीजों की ही ओपीडी रही है। ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला कि दिवाली के प्रदूषण का कोई ज्यादा असर पड़ा हो। अग्रवाल अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि दिवाली से अबकी बार इतना ज्यादा प्रदूषण देखने को नहीं मिला है। उनके पास प्रदूषण जनित बीमारियों संबंधित कोई मरीज नहीं पहुंचा है।

सिविल अस्पताल के आई स्पेशलिस्ट डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि दिवाली के बाद पटाखों से आंखों को नुकसान होने के एकाएक काफी मामले आते थे लेकिन इस बार अभी तक एक बच्चा ही आया है, जिससे पटाखे से आंख में चोट आई थी। प्रदूषण से आंखों में जलन आदि के मामले इस बार कम हैं। छुटि्टयों के चलते एक सप्ताह से मरीज भी काफी कम आ रहे हैं। पहले रोजाना 150 की औसतन ओपीडी थी लेकिन अब 40 से 50 ही है।

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