कोरोना बढ़ा गांव की ओर:साहा का साबांपुर और शहजादपुर का फतेहगढ़ गांव मैक्रो जोन बने

अम्बाला6 महीने पहले
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अम्बाला कैंट | दयालबाग एिरया में लोगों ने बेरिकेड्स काे हटाकर साइड में किया। - Dainik Bhaskar
अम्बाला कैंट | दयालबाग एिरया में लोगों ने बेरिकेड्स काे हटाकर साइड में किया।
  • कैंट के दयालबाग व राम नगर में केवल नाम के कंटेनमेंट जोन, कुछ प्वाइंट पर ही पुलिस मौजूद

अब गांवों में कोरोना संक्रमण बढ़ता दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण इलाकों में केस बढ़ रहे हैं लेकिन सैंपलिंग कम है। गांवों को लोग सैंपल से कन्नी काटते हैं। साहा के गांव साबांपुर में 6 दिन के अंतराल में कोरोना से एक परिवार में 3 मौतें होने और शहजादपुर के गांव फतेहगढ़ में 27 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिवार में 12 सदस्य संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने इन दोनों गांवों को मैक्रो जोन घोषित कर दिया है।

अब गांव में आने जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यहां पर न तो कोई दुकान खुलेगी और न ही किसी प्रकार का कोई समारोह हो सकेगा। डीएम अशोक कुमार शर्मा के आदेशों के अनुसार मार्केट, दुकानें, धार्मिक स्थल, चौपाल बंद रहेंगे। गांव में ग्राम सचिवालय, पंचायत घर, सीएससी और सरकारी और गैर सरकारी असेम्बली पर भी प्रतिबंध रहेगा।

डीएम ने कैंट के डीएसपी को आदेश दिए कि गांव में आवाजाही पर रोक लगाने के लिए नाकाबंदी के आदेश दिए हैं। बीडीपीओ को गांव में आवश्यक प्रबंध करने तथा सॉलिड वेस्ट के प्रबंध करने के आदेश दिए हैं। कैंट का स्वास्थ्य विभाग गांव में डोर टू डोर लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग करेगा।

इससे पहले अम्बाला कैंट व सिटी की 7 कॉलोनियों को मैक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। गांव फतेहगढ़ की निवर्तमान सरपंच के प्रतिनिधि विक्रांत शर्मा ने बताया कि 4 दिन पहले 27 साल के युवक की मौत हो गई थी। उसके परिवार के सैंपल लिए तो 12 सदस्य संक्रमित मिले। यह युवक गुजरात के बैंक में काम करता था। एक सप्ताह पहले पत्नी के साथ गांव में आया था।

मैक्रो कंटेनमेंट जोन का रियलिटी चेक, पुलिस गायब और लोगों ने खुद हटा लिए बेरिकेड्स

कोरोना के बढ़ते केसाें को देखते हुए जिन काॅलोनियों में मैक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर बेरिकेड्स लगाए गए थे, वहां लोगों का आना-जाना बिना रोक-टोक जारी है। आलम यह है कि दो ही दिनों में लोगों ने आने-जाने के लिए गली से बेरिकेड्स हटा लिए वहीं कुछ प्वाइंटस पर पुलिस भी मौजूद नहीं है। ऐसे में मैक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने का क्या फायदा।

कंटेनमेंट जोन में न तो लोगों को जागरूक किया जा रहा न ही किसी प्रकार की कोई जानकारी उन्हें दी जा रही है। दयालबाग एरिया में पुलिस ने 3 स्थानों पर बेरिकेड्स लगाए थे। हनुमान मंदिर के समक्ष गली को एक तरफ बेरिकेड्स लगाकर बंद किया गया था जबकि इसी गली के दूसरे छोर पर भी बेरिकेड्स लगाकर इसे बंद किया गया था। मगर, बुधवार को ही लोगों ने इस बेरिकेड्स को हटा दिया।

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