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कोरोेना काल में सेवा:काेई बेसहारा जानवरों काे खाना खिला रहा ताे काेई कर रहा घायलों का इलाज

अम्बाला19 दिन पहले
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  • लाॅकडाउन में पशु भूख व बीमारी से मर न जाएं, इसलिए संस्थाएं कर रहीं उनके खाने का प्रबंध

लॉकडाउन की वजह से लाेग घराें में बंद हैं। ऐसे में गलियाें में घूमने वाले बेसहारा जानवराें के लिए संस्थाएं व लाेगाें ने बीड़ा उठाया है। काेई उनके इलाज का ताे काेई उनके खाने का प्रबंध कर रहा है ताकि इस समय बेसहारा जानवर भूख व बीमारी से मर न जाएं। ऐसी ही कुछ संस्थाओं व लाेगाें से बातचीत की गई।

17 साल से कर रहे सेवा: वंदेमातरम दल के फाउंडर देवेंद्र जस्सल ने बताया कि बेसहारा जानवरों की सेवा के लिए 2014 से काम कर रहे हैं। लॉकडाउन के समय में भी यह सेवा निष्काम भाव से चल रही है। दल के वालंटियर सुबह-शाम कैंट व सिटी के जानवरों काे खाना देने जाते हैं। जिन जानवराें काे चाेट लग जाती है या काेई दुर्घटना में घायल हाे जाता है ताे टीम के सदस्य उनका इलाज भी कर रहे हैं।

पाॅकेट मनी से स्ट्रे ड्राॅग्स के लिए खाने का खर्च निकालती हैं तनुश्री व वृंदा

पिछले साल लाॅकडाउन से एकता विहार की 2 बहनें तनुश्री व वृंदा मिलकर स्ट्रे डाॅग्स काे फीड करवा रही हैं। वृंदा ने बताया कि पिछले साल की बात है घर के बाहर एक डाॅग घूमता रहता था। एक रात उसे किसी ने जहर दे दिया, वाे मर गई। कुछ दिन पहले ही उसने 8 बच्चाें काे जन्म दिया ताे दीदी उन्हें घर ले आई।

लाेगाें ने इस बात का विरोध किया, लेकिन दीदी ने उन डाॅग्स काे फीड करवाया। उसके बाद मैं और दीदी अपनी पाॅकेटमनी व कमाई से स्ट्रे डाॅग्स के लिए खाना लेकर आते हैं। राेज रात काे आसपास के एरिया में जाकर उन्हें खाना देते हैं। वृंदा ने बताया कि दीदी ने बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में की है।

जानवरों की सेवा करने के चलते दीदी अब वेटरनरी डॉक्टर बनना चाहती हैं। मैंने भी एमए इंगलिश किया है और छाेटा सा म्यूचुअल फंड का बिजनेस करती हूं जिससे दीदी की मदद कर देती हूं।

पांडव दल के सदस्य कर रहे गायों के लिए चारे और पानी का प्रबंध

पांडव दल के प्रधान संजय राठी ने बताया कि 17 साल से पांडव दल समाज सेवा के कार्याें में लगा हुआ है। जब लाॅकडाउन लगा ताे रेस्टाेरेंट व हाेटल बंद हाे गए। ऐसे में महसूस हुआ कि बेसहारा गाय व कुत्ताें काे खाने के लिए काैन देता हाेगा। उसके बाद बेसहारा जानवराें काे खाना खिलाने की सेवा शुरू की।

कैंट व सिटी में इस सेवा काे शुरू किया। टीम के सदस्याें की कैंट व सिटी के एरिया में ड्यूटी लगाई। गायाें के लिए चारे व पानी का प्रबंध करते हैं और डाॅग्स के लिए ब्रेड, बिस्किट व दूध का इंतजाम किया जाता है। सुबह व शाम के समय काे टीम मेंबर्स की ड्यूटी लगी हुई है व सभी इस सेवा में निष्काम भाव से लगे हुए हैं।

वेटरनरी डाॅ. अरुण सेवाभाव से स्ट्रे डॉग्स का करते हैं नि:शुल्क इलाज

इंद्रपुरी निवासी वेटरनरी डाॅ. अरुण ने बताया कि मनुष्याें के लिए हर काेई साेचता है लेकिन बेसहारा जानवरों के लिए काेई साेच नहीं पाता। पिछले 2 साल से डाॅ. अरुण स्ट्रे डाॅग्स का इलाज नि:शुल्क करते हैं। काेई भी उनके पास स्ट्रे डाॅग्स काे किसी भी बीमारी के इलाज के लिए लाता है ताे वे उसका सेवाभाव से इलाज कर देते हैं।

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