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टीएंडसी घोटाला:मुख्य आरोपी की पत्नी सुमन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज; कोर्ट ने 100 करोड़ के घोटाले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी

अम्बालाएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो

टीएंडसी सोसाइटी के 100 करोड़ के घोटाले में मुख्य आरोपी सुनील दीवान की पत्नी सुमन दीवान की अग्रिम जमानत याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। निवेशकों के पैसे से सोसाइटी द्वारा खरीदी गई 12 प्रॉपर्टी सुमन दीवान के नाम पर है। सुमन इसी साल जनवरी माह में दर्ज की गई एफआईआर नंबर 8 में आरोपी है।

सुमन के वकील ने अदालत में तर्क रखा कि उनके नाम कोई प्रॉपर्टी नहीं है। निवेशकों के वकील मनीष बख्शी ने 12 प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को अदालत में पेश किया। मनीष ने कहा कि करीब 500 निवेशकों के खून पसीने की कमाई का सोसाइटी के सदस्यों ने दुरुपयोग किया है।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुमन दीवान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं इस मामले की जांच भी स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। मामले में पुलिस ने सोसाइटी सदस्य सुनील दीवान, रसाल चंद, कुलदीप कुमार, विनोद शर्मा, सोसायटी के कर्मचारी रणधीर व दलाल हमीर सिंह सहित 18 लोगों को आरोपी बनाया है। क्राइम ब्रांच एफआईआर नंबर 43 की जांच भी कर रही है।

आरोप : पुलिस ने केस से हटाई धाराएं
निवेशकों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए एफआईआर नंबर 8 से धारा 409, 467 और 468 को हटा दिया है। जबकि एफआईआर नंबर 43 में यह धाराएं शामिल हैं। दोनों मामले एक ही सोसाइटी के निवेशकों की शिकायतों पर दर्ज हैं। यही नहीं इसी मामले में यह बात अदालत के सामने रखी गई थी कि दलाल हमीर सिंह ने निवेशकों की फर्जी एफडीआर तैयार की है। निवेशकों की मांग है कि क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर इन धाराओं को केस में शामिल करें।

कंज्यूमर कोर्ट जाने की तैयारी में निवेशक
टीएंडसी सोसाइटी के करीब 20 निवेशक अपने वकील मनीष बख्शी के माध्यम से कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इससे पहले चार निवेशक कंज्यूमर कोर्ट से न्याय की गुहार लगा चुके हैं। सोसाइटी द्वारा परेशान किए गए निवेशकों का कहना है उन्होंने जिंदगी भर एक एक पाई जोड़कर जो इकट्ठा किया। उनकी जमा पूंजी को सोसाइटी के सदस्य दलाल के माध्यम से हड़प कर गए हैं।

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