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रिंग रोड प्रोजेक्ट:50 गांवों से गुजरेगा 40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड मोहाली के 9 गांवों की जमीन भी होगी एक्वायर

अम्बालाएक महीने पहले
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  • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
  • जल्द शुरू होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

अम्बाला से गुजरने वाले 5 नेशनल हाईवे को एक साथ जोड़ने वाली रिंग रोड परियोजना की अधिसूचना केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी कर दी गई है। 40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड 50 गांव से गुजरेगा जिनमें 41 गांव जिला अम्बाला के जबकि 9 गांव मोहाली जिले के हैं। आगामी दिनों में रिंग रोड के लिए जमीन को एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा इस पूरे प्रोजेक्ट को 4 भागों में विभाजित किया गया है। रिंग रोड के लिए कुल 177.75 हेक्टेयर जमीन एक्वायर होगी।

बता दें कि फोरलेन रिंग रोड 1500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा। अम्बाला में रिंग रोड बाईपास का काम करेगा और खासकर भारी काूमर्शियल वाहन चालक अम्बाला के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में दाखिल हुए बिना ही शहर को काॅमर्शियल कर सकेंगे। रिंग रोड के निर्माण में केंद्र व राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत राशि खर्च करेंगी।

पीडब्ल्यूडी की योजना से कुछ अलग नई योजना
रिंग रोड बनाने के लिए वर्ष 2018-19 में पीडब्ल्यूडी ने भी योजना तैयार की थी। तब रिंग रोड के लिए सर्वे किया गया था। योजना के तहत कुल 36 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनना था जोकि जिले के 25 गांवों से गुजरना था। मगर मामला नेशनल हाईवे से जुड़ा होने के कारण सरकार ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को इसके निर्माण का जिम्मा सौंपा जिसके बाद अब मई 2021 में नया प्लान हाईवे अथॉरिटी ने तैयार किया है जिसके बाद रोड 40 किलोमीटर लंबी बनेगी जबकि 50 गांव से सड़क निकलेगी।

ये 5 एनएच जुड़ेंगे रिंग रोड से
45 मीटर चौड़े फोरलेन रिंग रोड अम्बाला से गुजरने वाले 5 नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा जिनमें एनएच-152 (चंडीगढ़ एक्सप्रेस हाईवे) पर सद्दोपुर से इसकी शुरू होगी। एनएच 72 (नारायणगढ़ रोड), एनएच 444-ए (जगाधरी रोड), एनएच 44 (जीटी रोड) और एनएच 65 (हिसार रोड) पर लिंक होगा।

ये फायदा
रिंग रोड बनने से शहर में वाहनों का दबाव कम होगा। वाहन चालक शहरी ट्रैफिक में फंसे बिना ही बाहर निकल सकेंगे। वाहन सिटी व कैंट शहरी सीमा में दाखिल हुए बिना ही पटियाला, चंडीगढ़, लुधियाना, दिल्ली, यमुनानगर आदि शहरों को निकल सकेंगे।

इन गांवों में से गुजरेगा रिंग रोड

  • शून्य से 1 किलोमीटर तक- लोहगढ़, बलाना, याकुबपुर, बहबलपुर, भानोखेड़ी, बेगो माजरा, लखनौर साहिब, मानका, सद्दोपुर व काकरू
  • 1 से 3.5 किलोमीटर तक (इसमें जिला मोहाली के गांव) - झरमड़ी, संगोथा, जड़ौत, बसौली, तसिम्बली, हमांयूपुर, नगला, रजापुर व खेलन।
  • 3.5 से 6.1 किलोमीटर तक- मंडौर, कलरहेड़ी, बोह, शाहपुर, मच्छौंडी, बुहावा, मच्छौंडा, खतौली, पंजोखरा साहिब, साहबपुरा, रतनहेड़ी, मुनरहेड़ी, कपूरी, खुड्डी, रौलों, खुड्डाकलां, मंगलई, सलारहेड़ी, ब्राह्मण माजरा, दुखेड़ी, मोहड़ा, कोटकछवा कलां, कोट कच्छवाखुर्द, बाड़ा, बाबाहेड़ी, ठरवा, धुराली, मिर्जापुर, सपेहड़ा। 13.1 से 40 किलोमीटर तक - घसीटपुर और संभालखा गांव।
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