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विवाद:भैरों मंदिर कमेटी के हिसाब-किताब का मामला बेनतीजा, कमेटी प्रधान ने 2 लाेगों पर धमकी देने का केस दर्ज कराया

अम्बाला2 महीने पहले
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रामबाग रोड पर भैरों मंदिर विवाद के बीच मौजूद लोग और लोगों से बात करती पुलिस। - Dainik Bhaskar
रामबाग रोड पर भैरों मंदिर विवाद के बीच मौजूद लोग और लोगों से बात करती पुलिस।
  • मंगलवार दोपहर 3 बजे दोनों पक्षों में बातचीत होनी थी, लेकिन कमेटी का काेई सदस्य नहीं पहुंचा

काल भैरों मंदिर कमेटी के खर्च, चंदा व किराये के हिसाब-किताब का मामला मंगलवार को भी सुलझ नहीं पाया। दोपहर 3 बजे दोनों पक्षों के बीच बातचीत होनी थी, लेकिन कमेटी के किसी भी सदस्य के न आने से मामला बेनतीजा रहा। इतना ही नहीं मंदिर कमेटी के प्रधान व भाजपा के पूर्व पार्षद सुरेंद्र बिंद्रा उर्फ डब्बू ने कैंट थाने में बलजीत उर्फ रुलदा व काका के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। उधर, इस मामले में हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की महासचिव चित्रा सरवारा और इनेलो प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने लोगों की बात सुनी और उन्हें समझाया कि वह इस मामले में कानूनी रूप से लड़ाई लड़ें। यदि किसी तरह की दिक्कत आती है तो वह उनके साथ खड़े हैं।

मंगलवार काे भैराें मंदिर के सामने गाेगा माड़ी के बाहर तारा नगर व मंदिर से जुड़े श्रद्धालु तय समय पर एकजुट हुए। जहां मंदिर कमेटी के 5 और तारा नगर के अलावा श्रद्धालुओं में से 5 लोगों को एक बैठक करनी थी, लेकिन मंदिर की मौजूदा 11 सदस्यीय कमेटी में से कोई भी सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। इसी बीच सवा 3 बजे चित्रा सरवारा व ओंकार सिंह वहां आए। इसलिए मंदिर के हिसाब-किताब करने की मांग उठाने वाले सभी लोगों ने अपनी मीटिंग की। मीटिंग में मौजूद सुरेश, जितेंद्र व रीमा गुप्ता ने कहा कि मंदिर में की गई गतिविधियों पर आम जनता को संदेह है, इसलिए जन समुदाय की मीटिंग गोगा माड़ी में बुलाई गई थी। जिसमें यह बात रखी गई कि 4 दिसंबर को शाम 6 बजे मंदिर सभा के पदाधिकारी व आम जनता भैरों मंदिर में इकट्ठे हुए थे।

इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड चौकी इंचार्ज बलकार सिंह के सामने यह फैसला हुआ था कि 7 दिसंबर को दोपहर 3 बजे दोनों पक्षों के 5-5 सदस्य मिलकर पूरे हिसाब-किताब काे देखेंगे और अपना संदेह दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन तय समय के मुताबिक दूसरे पक्ष की तरफ कोई भी सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। इसलिए हिसाब-किताब को लेकर कोई बातचीत नहीं हो पाई। मौजूद लोगों की मांग है कि इस मामले की जांच विजिलेंस से होनी चाहिए। इसी कड़ी में जल्द ही लिखित शिकायत एसपी से करेंगे। इस संबंध में रजिस्ट्रार अम्बाला से भी भैरों मंदिर कमेटी से संबंधित दस्तावेज मांगे जाएंगे।

मुझे लोगों ने पीटने, मुंह काला करने की धमकी दी थी इसलिए शिकायत दी : सुरेंद्र बिंद्रा

मैं 5 बार पार्षद रहा हूं और एक राजनेता हूं। रोजाना तड़के 3 बजे मंडी चला जाता हूं और दोपहर 3 बजे घर आता हूं। मेरे पास मंदिर में बैठने का टाइम ही नहीं है। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने सरेआम बैठक कर गाली-गलौज की थी और पीटने व मुंह काला करने तक की धमकी दी थी। मैं जनप्रतिनिधि हूं, बात बर्दाश्त से बाहर होने व लोगों से लड़ने की बजाए मैंने पुलिस में शिकायत की है, लोगों की वीडियो तक है। हमारी सभा 2003 से रजिस्टर्ड है और मंदिर का हर भक्त सदस्य है। हम लोग इकट्ठे नहीं हो पाते, यह बात अलग है।

पहले प्रधान प्रदीप जैन का निधन हुआ जिसके बाद उपप्रधान सुलतान सिंह बाजवा को प्रधान बनाया गया। प्रधान सुलतान सिंह बाजवा का निधन हुआ तो सर्वसम्मति से मुझे प्रधान बनाया गया था। कमेटी के सभी सदस्य सेवादार हैं और सिर्फ मान-सम्मान है। इतने लंबे समय से पार्षद होने के नाते मुझे संस्था या सोसाइटी खुद ही जोड़ लेती है फिर चाहे मैं सहमति दूं या न दूं। मुझे भैरों मंदिर के अलावा रामबाग सोसाइटी, कल्याण सभा, शिव कुटीर व गौरी शंकर मंदिर सभा ने भी जोड़ रखा है।

ये लोग किसी नेता के पास जाएंगे तो उनकी सुनवाई करना उनका फर्ज बनता है। मुझे खुशी हुई है कि नेता लोग इनकी सुनवाई करने के लिए पहुंचे हैं। यदि नेताओं को लगता है, मैं गलत हूं तो लोगों का साथ देना चाहिए। अगर मेरे खिलाफ उनके पास कुछ नहीं है तो नेताओं को समझ आ जानी चाहिए। इसके अलावा हमारे संगठन संस्था में हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट से जुड़े लोग भी शामिल हैं। जैसा भाजपा के पूर्व पार्षद व भैरों मंदिर कमेटी के प्रधान सुरेंद्र बिंद्रा ने बताया।​​​​​​​

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