• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Ambala
  • The District Head Of Bhakiu, Malkit Got Ardas Done In The Gurudwara, Distributed Sweets And Said That There Will Be Complete Victory If The MP Is Passed.

अंबाला में शंभू बॉर्डर पर जश्न:पंजाबी गीतों पर किसानों ने पाया भंगड़ा, नेता बोले- संयुक्त किसान मोर्चे के कहने पर समाप्त होगा आंदोलन

अंबाला7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अंबाला कैंट के शंभू बॉर्डर पर किसान नेता भांगड़ा डालते हुए - Dainik Bhaskar
अंबाला कैंट के शंभू बॉर्डर पर किसान नेता भांगड़ा डालते हुए

हरियाणा के अंबाला में स्थित शंभू बॉर्डर पर कृषि कानून वापस लेने की घोषणा पर किसानों ने भंगड़ा डाला। आंदोलन स्थल पर आसपास के गांव से सैकड़ों की संख्या में किसान जमा हो गए। फिर हाथों में किसान यूनियन के झंडे लेकर जश्न मनाया। पंजाबी गीतों पर खूब नाचे। एक-दूसरे को गले लगने के बाद मिठाइयां व लड्‌डू भी बांटे।

अंबाला शंभू बॉर्डर पर किसान एक-दूसरे को लड्‌डू खिलाते हुए
अंबाला शंभू बॉर्डर पर किसान एक-दूसरे को लड्‌डू खिलाते हुए

भारतीय किसान यूनियन के उपप्रधान गुलाब सिंह ने कहा कि यह जश्न सरकार द्वारा किसानों के प्रति एक कदम बढ़ाने के लिए है। गुरुपर्व के मौके पर इस शुभ घोषणा से समस्त किसान खुश है। लेकिन उनका शंभू बॉर्डर पर आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चे के कहने पर ही यह आंदोलन समाप्त किया जाएगा।

शंभू बॉर्डर पर मिठाई खिलाते हुए किसान
शंभू बॉर्डर पर मिठाई खिलाते हुए किसान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुरुपर्व के पावन मौके पर कृषि कानून वापस लेने की घोषणा करने से अंबाला के किसानों में जश्न का माहौल है। जगह-जगह किसान एक-दूसरे के गले मिलकर खुशी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन किसान इसे पूरी नहीं, बल्कि अधूरी जीत का दर्जा दे रहे हैं।

अंबाला के साहिबपुरा गुरुद्वारे में अरदास करते हुए मलकीत सिंह व अन्य किसान
अंबाला के साहिबपुरा गुरुद्वारे में अरदास करते हुए मलकीत सिंह व अन्य किसान

संसद में कानून वापसी की प्रक्रिया पूरी होने पर ही जीत को अपनी पूरी जीत मानेंगे। अंबाला स्थित साहिबपुरा में भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह सहित किसानों ने जश्न मनाया। सबसे पहले मलकीत सिंह ने गुरुद्वारे में जाकर अरदास करवाई। उसके बाद मिठाइयां भी बांटी।

साहिबपुरा में किसानों को मिठाइयां बांटते हुए जिला प्रधान मलकीत सिंह।
साहिबपुरा में किसानों को मिठाइयां बांटते हुए जिला प्रधान मलकीत सिंह।

मलकीत सिंह ने कहा कि यह लंबे समय से चलते आ रहे संघर्ष की जीत है। सरकार को झुकाने में एक साल लगा, लेकिन जीत की तरफ हम बढ़ चुके हैं। उन्होंने अभी इस जीत को अधूरी जीत बताया है। उनका कहना है कि जब तक संसद में कानून रद्द नहीं हो जाता है, यह जीत अधूरी ही रहेगी।

गुरुद्वारे में मलकीत सिंह को बधाई देते हुए किसान।
गुरुद्वारे में मलकीत सिंह को बधाई देते हुए किसान।

बता दें कि किसान आंदोलन में अंबाला के किसानों की भी अहम भूमिका रही है। कई बार आंदोलन के दौरान किसान व जिला प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी है। यहां तक कि किसानों पर मामले तक दर्ज हो चुके हैं। इतना ही नहीं नारायणगढ़ में एक किसान की आंदोलन के दौरान ट्रैक्टर से गिरने पर मौत भी हो गई थी।