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पानी की किल्लत हुई तो खुली पोल:नगर निगम ने कहीं डेढ़ फुट ताे कहीं 2 फुट पर डाली पाइपलाइन, कई ऐसी जगह जहां लाइन ही नहीं मिली

अम्बाला16 दिन पहले
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सिटी के कबीर नगर में पानी की पाइपलाइन के बारे में जानकारी देते लाेग। - Dainik Bhaskar
सिटी के कबीर नगर में पानी की पाइपलाइन के बारे में जानकारी देते लाेग।
  • अमरुत याेजना के तहत शहर की काॅलाेनियों में डाली गई पाइपलाइन में गड़बड़झाला

शहर में अमरुत याेजना में नगर निगम द्वारा डाली गई पीने की पाइपलाइन काे लेकर गड़बड़झाला हाे गया। निगम के ठेकेदाराें ने किसी काॅलाेनी में डेढ़ फुट पर लाइन डाल दी ताे कहीं 2 फुट पर। पहले ही एेसी शिकायत निगम पार्षदाें काे मिल ही रही थी, मगर गर्मी बढ़ने से जब पानी की किल्लत बढ़ी ताे शहर की 30 से ज्यादा काॅलाेनियाें में पानी नहीं जाने से यह पाेल खुल गई।

अब हरियाणा जनचेतना पार्टी (वी) के पार्षद राजेश मेहता, जसबीर सिंह, अमनदीप कौर, सरदुल सिंह, राकेश कुमार, राणोदेवी, फकीरचंद, राजेंद्र कौर ने अमरुत योजना के तहत अम्बाला सिटी की कई काॅलोनियों में डाली गई पानी सप्लाई की पाइपलाइन में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के साथ-साथ स्थानीय निकाय मंत्री को संयुक्त रूप से लिखित शिकायत भेजी है।

पार्षदों का कहना है कि वर्तमान में लोगों को जो पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है, वह तत्कालीन निगम अधिकारियाें की लापरवाही और ठेकेदार की मनमर्जी का खामियाजा है। पार्षदाें का आरोप है कि यदि निगम अधिकारियों ने सुविधा शुल्क लेकर गलत पाइप लाइनें न बिछवाई होती तो लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान न होना पड़ता। उन्हाेंने मामले में विजिलेंस जांच करवाने की मांग की।

शिकायत में बताया कि लगातार पानी की किल्लत सामने आने के बाद जब अधिकारियों से बातचीत की गई तो पूर्व में नगर निगम द्वारा अमरुत योजना के तहत बिछाई गई वाटर सप्लाई की लाइनों में खामियां सामने आई। नियमों के अनुसार लाइनों को 3 फुट पर बिछाया जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार ने मात्र एक से 2 फुट पर लाइनों को बिछा दिया और कई जगह तो सड़क पर ही लाइनों को बिछाया हुआ है और कई जगह पाइप भी नहीं डाले गए। जिस कारण अब लोगों को पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है।

उन्हाेंने कहा कि अमरुत योजना के तहत करोड़ों रुपए के काम हुए हैं और वर्तमान में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अम्बाला सिटी के लोगाें को उसका लाभ नहीं मिल रहा। पार्षदों ने कहा कि शर्तों के अनुसार ठेकेदार को पाइप लाइन बिछाने के बाद रखरखाव भी करना था, लेकिन ठेकेदार ने न तो रखरखाव किया और वहीं जहां लाइनें बिछाई वहां अभी तक सड़कों का भी निर्माण नहीं किया।

पार्षद बोले-अधिकारी नहीं बताते कहां-कैसे काम करेंगे

  • वार्ड-1 से पार्षद जसबीर सिंह ने बताया कि गांव डडियाना में काम चल रहा है। निगम अधिकारी व ठेकेदार न ताे पार्षदाें से बात करते हैं। कहां कैसे काम करेंगे यह नहीं बताते। बिना उन्हें सूचना दिए कार्य शुरू कर देते हैं। डडियाना में लाइन ताेड़ दी है। गलियां उखड़ी पड़ी हैं। शालीमार, गणेश विहार में 2.50 फुट पर ही लाइन डाल दी।
  • वार्ड-2 से पार्षद फकीर चंद ने बताया कि याेजना में सुलतानपुर में लाइन डालनी थी। निगम ने कहा था कि लाइन डाल दी है, मगर लाइन नहीं डाली है। एेसी ही समस्या मनमाेहन नगर में भी है। जहां लाइन नहीं डली वहां गड़बड़ी हुई है। वह शिकायत भी कर चुके हैं। काेई कार्रवाई नहीं हुई। सुलतानपुर में जाॅइनिंग की समस्या भी है। पुरानी व नई लाइन ऊपर-नीचे हाेने से पानी नहीं चढ़ रहा।
  • वार्ड-5 से पार्षद राजेश मेहता ने बताया कि पूरे शहर की यही स्थिति है। पुरानी लाइन 3 फुट नीचे चल रही है। नई लाइन का पानी 2 फुट ऊपर है। जिससे इन एरिया में कई-कई दिन से पानी नहीं मिल रहा। वहीं, वार्ड-17 से पार्षद राणाे देवी ने बताया कि डीडब्ल्यूएस काॅलाेनी तक पानी नहीं जा रहा।
  • वार्ड-18 से पार्षद सरदूल सिंह ने बताया कि दुर्गानगर जैस्सर स्कूल के सामने वाली गली, साैंडा गांव नई काॅलाेनियाें, राम सिंह काॅलाेनी में एेसी ही समस्या है। वहां भी लेवल ठीक नहीं है। लाेग नई लाइन में कनेक्शन लेकर पछता रहे हैं। यह लाइनें निगम ने जल्दबाजी में डाल दी हैं।

केंद्र सरकार ने 2015 में शुरू की थी अमरुत याेजना
शहरों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने साल 2015 में अमरुत योजना की शुरुआत की थी। याेजना में नगर निगम काे पीने की पाइपलाइन डालने का जिम्मा दिया था। मगर निगम याेजना में फेल हाे गया। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर को पाइप लाइन द्वारा जलापूर्ति एवं सीवरेज कनेक्शन उपलब्ध कराना है।

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