• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Ambala
  • The Strength Of The Farmers Of Ambala Will Be Seen In The Mahapanchayat At Tikri Border, 2 Thousand Farmers Will Leave For Delhi From Shambhu Border

अंबाला में किसानों का जोश:टीकरी बॉर्डर पर महापंचायत में दिखेगी अंबाला के किसानों की ताकत, गुरु अरदास के बाद शंभू बॉर्डर से किसान रवाना

अंबाला9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अंबाला के शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसान दिल्ली जाने के लिए हुए रवाना - Dainik Bhaskar
अंबाला के शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसान दिल्ली जाने के लिए हुए रवाना

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में हमेशा अंबाला आगे रहा है। आज दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर होने वाली महापंचायत में अंबाला की अहम भूमिका दर्शाने के लिए 2 हजार किसान शंभू बॉर्डर से रवाना हुए। सैकड़ों की संख्या में सुबह 10 बजे ही किसान ट्रैक्टर-ट्रालियां व वाहन लेकर शंभू बॉर्डर पर जमा होने शुरू हो गए थे। इन किसानों में अंबाला कैंट के मोहड़ा, दुखेड़ी, शाहपुर सहित अलग-अलग गांवों से भी किसान रवाना हुए।

शंभू बॉर्डर से रवाना होने से पहले अरदास करते हुए किसान नेता
शंभू बॉर्डर से रवाना होने से पहले अरदास करते हुए किसान नेता

किसान नेता गुलाब सिंह व वजिंद्र सिंह कंबोज का कहना था कि आंदोलन को लेकर अभी भी जोश बरकरार है। दिल्ली में जब पहुंचेंगे तो पता चलेगा कि अंबाला से किसानों का जत्था आया है। यह लड़ाई समस्त किसानों की है और एकजुटता ही हमारी ताकत है। कृषि कानून की घोषण की नहीं, बल्कि उसके पास होने के साथ-साथ किसानों की दूसरे मांगें भी पूरी होनी चाहिए। यहीं कारण है कि महापंचायत में एक बार फिर अंबाला के किसान भाग लेने के लिए रवाना हुए है। बता दें कि शंभू बॉर्डर पर अभी भी आंदोलन जोरों पर है। यह तब तक चलेगा जब तक टीकरी बॉर्डर पर बैठे किसान नेता कोई घोषणा नहीं करते।

काले कपड़े पहनकर विरोध करते हुए गुलाब सिंह।
काले कपड़े पहनकर विरोध करते हुए गुलाब सिंह।

गुलाब सिंह बोले कि आंदोलन खत्म होने पर ही उतारुंगा काले कपड़े

शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन की अध्यक्षता कर रहे भाकियू के जिला उपप्रधान गुलाब सिंह भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन होने पर उन्होंने संकल्प लिया था कि वह कृषि कानून पूरी तरह वापस लेने तक काले कपड़े पहनेंगे। यहीं कारण है कि आज भी वह काले कपड़ों में दिखाई देते हैं। उनका मानना है कि किसानों के हक से ऊपर कुछ नहीं है। आंदोलन पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही काले कपड़ों का त्याग करेंगे।

मुख्यमंत्री सहित गृहमंत्री का कर चुके हैं विरोध, दर्ज हो चुके हैं मामले

आंदोलन में अंबाला के किसान खुद को इस तरह समर्पित कर चुके हैं कि कई बार जिला प्रशासन से उनकी टकराव की स्थिति बन चुकी है। यहां तक कि अंबाला शहर अग्रसेन चौक के निकट मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफिले तक हमला कर चुके हैं। इतना हीं नहीं गृहमंत्री अनिल विज को भी काले झंडे दिखा चुके हैं। नारायणगढ़ में किसान व पुलिस के बीच आंदोलन को लेकर नोंकझोंक हुई थी। उस समय भी करीब 400 किसानों पर मामला दर्ज हुआ था।