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दवा के नाम पर ठगी का मामला:दोमुंहे सांप के मुंह में बनी थैली से कैंसर के शर्तिया इलाज का देते थे भरोसा

अम्बाला18 दिन पहले
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कैंसर के शर्तिया इलाज के नाम पर सिटी व कैंट में करोड़ों ठगने के मामले में मास्टर माइंड एवं कॉमन आरोपी राजेंद्र नागर व अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए अम्बाला पुलिस की 2 टीमें यूपी में दबिश दे रही हैं। सिटी में हैंडलूम कारोबारी राजीव कुमार से हुई ठगी के मामले की जांच इकाेनॉमिक सेल कर रही है तो कैंट के प्रभु प्रेम पुरम निवासी गवर्नमेंट कांट्रेक्टर एवं प्राइवेट स्कूल संचालक संजीव कुमार से हुई धोखाधड़ी मामले की जांच महेश नगर पुलिस के पास है।

दोनों मामलों में 2 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब परतें खुलती नजर आ रही हैं। इकाेनॉमिक सेल ने आरोपी छछरौली के बिजेंद्र को 7 दिन जबकि महेश नगर पुलिस ने सहारनपुर के काजीबास निवासी मन्नू उर्फ गोल्डी को 4 दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। अब मास्टरमाइंड राजेंद्र नागर की तलाश है।

इकाेनॉमिक सेल के जांच अधिकारी एएसआई संदीप कुमार ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी गई व मोबाइल नंबर हासिल किए गए हैं। दोनों मामलों में राजिंद्र नागर व सहारनपुर निवासी राज सिंह कॉमन आरोपी हैं। इनके खिलाफ ऐसे ही एक मामले में यमुनानगर में भी शिकायत दी गई है। बड़ी बात है कि ये लेन-देन में कभी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं करते बल्कि कैश लेते हैं जिससे कि इनके बारे में कोई सबूत पीछे न बचे।

दुर्लभ जड़ी-बूटी से बनी दवा देने के बहाने कालाअम्ब ले गए

राजेंद्र नागर दोमुंहे सांप के गले में बनने वाली थैली से कैंसर के शर्तिया इलाज का दावा कर ठगता है। ये लोग बताते हैं कि जब सांप इस थैली को अपने मुंह से उगल देता है तो उससे कैंसर के इलाज की दवा बनती है। जिससे मरीज ठीक हो जाता है। कैंट के प्रभु प्रेम पुरम के रहने वाले संजीव कुमार के मुताबिक उसके खेलन गांव स्थित प्राइवेट स्कूल के पूर्व स्टूडेंट अब फैक्टरी में काम करने वाले वर्कर के पिता को कैंसर है।

यह वर्कर उनसे बहुत स्नेह रखता है। उसने इंसानियत के नाते उसके पिता के लिए दवा लेने की सोची थी। हालांकि, आरोपियों ने उस तक पहुंचने के लिए पहले ही पूरी साजिश रची हुई थी। गांव रजापुर स्थित उसकी टाइल फैक्टरी में रजापुर के डॉ. विनोद कुमार के साथ खेलन का बब्बरभान, सहारनपुर का हरप्रीत व दो अन्य व्यक्ति फैक्टरी में मिले थे। जिन्होंने राजेंद्र नागर से उनके पैसे के लेन-देन का विवाद को सुलझाने की रिक्वेस्ट की थी।

जब उसकी राजेंद्र नागर से मुलाकात हुई तो उसने अपने फार्मा ट्रेडिंग बिजनेस व कैंसर के इलाज की शर्तिया दवा देने के बारे में बताया था। पहले उसने 15 लाख रुपए में दवा देने की बात की। बाद में उसके कारोबार में इनवेस्ट कराने के नाम पर 1 करोड़ 52 लाख 50 हजार रुपए ले लिए।

दवाई के नाम पर कालाअम्ब में जो बैग दिया था उसमें एक सांप जैसा कुछ था, जिसे देखकर वह डर गया था। जो उसे कह रहा था कि इसे यूज करने का तरीका बताएगा। जिसने बाद में उसका पैसा नहीं लौटाया। हालांकि, सिटी के मॉडल टाउन के रहने वाले राजीव कुमार को आरोपी नागर, बिजेंद्र सिंह व अन्य ने दुर्लभ जड़ी बूटी से बनी कैंसर की दवा का झांसा देकर 30.30 लाख रुपए नकद ठग लिए थे।

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