किसानों को राहत:डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए एनपीके खाद के 40 हजार बैग गुहला की सोसाइटियों में पहुंचे

गुहला चीका24 दिन पहले
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गुहला-चीका | डीएपी खाद लेने के लिए चीका मंडी में खाद विक्रेताओं के बाहर किसानों की लगी लाइनें। - Dainik Bhaskar
गुहला-चीका | डीएपी खाद लेने के लिए चीका मंडी में खाद विक्रेताओं के बाहर किसानों की लगी लाइनें।
  • गुहला क्षेत्र में अब नहीं होगी गेहूं की बिजाई में देरी, खाद के लिए नहीं लगना पड़ेगा लाइनों में

गुहला क्षेत्र में डीएपी खाद की भारी कमी चल रही है। दिन भर लाइनों में खड़े रहने के बावजूद किसानों को अपनी जरूरत के लिए डीएपी खाद नहीं मिल पाता। शुक्रवार को भी किसान डीएपी खाद लेने के लिए दिन भर लाइनों में लगे रहे और जब उन्हें खाद नहीं मिला तो सरकार के खिलाफ रोष जताया।

डीएपी की मांग काे पूरा करने व समय पर गेहूं की बिजाई हो सके इसके लिए सरकार ने कृभको कंपनी के एनपीके खाद के 40 हजार बैग गुहला हलका के किसानों के लिए भेजे हैं। कृषि विभाग के एसडीओ विनोद वर्मा ने बताया कि एनपीके गेहूं की बिजाई के लिए पूरी तरह से उपयुक्त खाद है। किसान इस खाद को निसंकोच होकर डीएपी के स्थान पर इस्तेमाल कर गेहूं की बिजाई कर सकते हैं। गुहला हलका में लगभग 1 लाख एकड़ भूमि पर गेहूं की बिजाई की जाती है।

जिसमें से 30 हजार बैग डीएपी पहले ही किसानों को उपलब्ध करवाई जा चुकी है। 40 हजार बैग एनपीके के अब हलके में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि एनपीके खाद की आपूर्ति होने से डीएपी की किल्लत दूर हो सकेगी। गेहूं बिजाई के लिए 1 नवंबर से 25 नवंबर तक उपयुक्त समय | कृषि विभाग के एसडीओ विनोद वर्मा ने बताया कि गेहूं बिजाई के लिए 1 नवंबर से 25 नवंबर तक समय सबसे उपयुक्त समय है। इस समय के दौरान गेहूं की बिजाई के लिए किसान एचडी 2967, एचडी 3086, डब्ल्यूएच 1105, डीबीडब्ल्यू 187 व डीबीडब्ल्यू 303 किस्में बीज सकते हैं।

इसी प्रकार से 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक के समय में किसान एचडी 2851, 30770 3765, एचडी 2687, पीबीडब्ल्यू 373 और 1021 किस्में बीज सकते हैं। ये सभी किस्में अच्छी पैदावार देती हैं। एक लाख एकड़ भूमि पर होती है गेहूं की बिजाई | गुहला हलके में लगभग 1 लाख 10 हजार एकड़ भूमि पर खेती की जाती है। जिसमें से लगभग 1 लाख एकड़ भूमि पर गेहूं की बिजाई की जाती है। 2 हजार एकड़ में सरसों व एक हजार एकड़ भूमि पर आलू व दूसरी सब्जियां उगाई जाती हैं।

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