शुभारंभ:सुभाष पार्क का उद् घाटन कर विज बोले-कांग्रेसी तो यहां प्लॉट काट बेचना चाहते थे

अम्बाला8 महीने पहले
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अम्बाला कैंट | नेताजी सुभाष चंद्र बाेस पार्क का उद् घाटन करते अनिल विज। - Dainik Bhaskar
अम्बाला कैंट | नेताजी सुभाष चंद्र बाेस पार्क का उद् घाटन करते अनिल विज।
  • 3 साल में 26 करोड़ की लागत से 17 एकड़ में नए रूप में तैयार हुआ पार्क
  • पहले बंसीलाल सरकार में ‌30 लाख की लागत से बना था

साढ़े 3 साल में 26 करोड़ की लागत से तैयार हुए आधुनिक सुभाष पार्क का गृहमंत्री अनिल विज ने रविवार काे उद् घाटन किया। विज के विराेध में किसानाें ने खुखरैन भवन के पास एकत्रित हाेकर काले झंडे लेकर नारेबाजी की। पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर किसानाें काे राेका।

दूसरी तरफ सुभाष पार्क राेड और बैडमिंटन हाॅल सड़क की तरफ भी नाकेबंदी की गई थी। वहीं विज ने इस दाैरान कांग्रेस पर पार्क की जमीन पर काॅलाेनी काटकर अपने नाम करवाने काे लेकर निशाना साधा और किसानाें काे अपना भाई बताया।

विज ने कहा कि यहां कभी पानी की डिग्गी होती थी। शहर का कूड़ा यहां डलता था। कांग्रेस के समय कुछ प्रभावशाली लाेगाें ने अपने नाम इस जगह को करवाकर काॅलोनी काटने का प्रयास किया था। हमने इसके खिलाफ हाईकाेर्ट में लड़ाई लड़कर जीत हासिल की।

बंसीलाल सरकार में पार्क के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए मिले ताे उन्हाेंने पार्क का निर्माण करवाया। कांग्रेस को कोसते हुए विज बोले कि पार्क का नाम किसी महापुरूष के नाम पर रखे जाने के लिए बहुत बहस हुई, हिन्दुस्तान में जितने भी प्रकल्प हैं अधिकतर का नाम नेहरू-गांधी परिवार के नाम से है, यहां के लिए भी यह बहस चली। लेकिन हम पार्क का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखने के लिए अडिग रहे।

सही मायने में हिन्दुस्तान के नैचुरल प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं। विज ने जनता काे भी कहा कि सुभाष पार्क कैंट के बीचाेंबीच है। यह हार्ट ऑफ सिटी है, यहां सुंदर पौधे भी लगे हैं। इसे संभालना जनता की जिम्मेदारी है।

पार्क में रोज शाम 7 से 8 बजे कलाकार कर सकेंगे मनोरंजन

  • ओपन एयर थियेटर: 400 लाेगाें के बैठने की व्यवस्था है। प्रतिदिन शाम काे 8 से 9 बजे तक टाइम फिक्स होगा, जिसमें कोई भी कलाकार प्रस्तुति दे सकेगा।
  • झील: 4 एकड़ में झील है, जिसमें बोटिंग का आनंद लिया जा सकेगा। इसके अंदर तैरते हुए 6 फव्वाराें का भी निर्माण किया गया है।
  • स्केटिंग रिंग: 690 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्केटिंग रिंग बनाया गया है।
  • ओपन जिम: व्यायाम करने को ओपन जिम है, जिसमें 14 मशीनें लगाई गई हैं।
  • चिल्ड्रन प्ले स्टेशन: चिल्ड्रन प्ले स्टेशन स्थापित किया गया है, जिसमें 18 झूले लगाए गए हैं।
  • सार्वजनिक शौचालय: पुरुषों व महिलाओं के लिए शौचालयाें की व्यवस्था की गई है
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा: पार्क के मुख्य द्वार के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की है। जिसकी ऊंचाई 12 फीट है। यह प्रतिमा फव्वारे से सुसज्जित है।
  • कैफेटेरिया: 3 कैफेटेरिया का निर्माण किया है। प्रत्येक कैफेटेरिया का कुल क्षेत्रफल 4400 वर्ग मीटर है। कैफेटेरिया में भी पुुरुष, महिलाओं व हैंडिकैप के लिए शौचालय का निर्माण किया है।
  • म्यूजिकल फाउंटेल: संगीतमय फव्वारे का निर्माण किया है, जिसका क्षेत्रफल 700 वर्ग मीटर है। यह फव्वारा रंगीन लाइटों से सुसज्जित है।
  • हैरिटेज पोल व बोलर्ड लाइट: पार्क में रोशनी के लिए 405 हैरिटेज पोल व बोलर्ड लाइट की व्यवस्था की गई है।
  • सीसीटीवी कैमरा: सुरक्षा के लिए 14 सीसीटीवी कैमराें की व्यवस्था की गई है।
  • ट्रैक: वाकिंग के लिए 1 किमी. लंबा ट्रैक बनाया गया है।

इधर, कुछ दूरी पर किसान काले झंडे लेकर कर रहे थे नारेबाजी, मंत्री ने कहा-उन्हें भी राम-राम

किसानाें के विराेध पर विज ने कहा कि किसानाें के नारे उनके कानाें तक पहुंच रहे हैं, उन किसानाें काे भी राम-राम। उन्हाेंने कहा कि आंदाेलन करना किसानाें का अधिकार है। चाहे काले झंडे दिखाएं या हमारे पुतले जलाएं, लेकिन कानून हाथ में न लें। किसान उनके भाई हैं।

उन्हाेंने केंद्रीय कृषि मंत्री ताेमर काे दाेबारा बातचीत शुरू करने के लिए पत्र लिखा है। ताेमर ने भी किसानाें से बातचीत करने की बात कही है। अंत में उन्हाेंने किसानाें काे भी प्रदर्शन के बाद पार्क देखकर घर जाने की बात कही।

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