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गृहमंत्री अनिल विज का निरीक्षण:नववर्ष के पहले माह में मिलेगी 72 करोड़ से बने कैंसर केयर टर्सरी सेंटर की सौगात, प्रदेशभर के मरीजों को मिलेगा लाभ

अंबाला9 दिन पहले
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अंबाला कैंट सिविल अस्पताल की कैंसर बिल्डिंग की ओटी का निरीक्षण करते हुए गृहमंत्री अनिल विज - Dainik Bhaskar
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल की कैंसर बिल्डिंग की ओटी का निरीक्षण करते हुए गृहमंत्री अनिल विज

अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में 72 करोड़ की लागत से बने कैंसर टर्सरी केयर सेंटर का बुधवार गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने निरीक्षण किया। बिल्डिंग शुरू करने पर मंत्री अनिल विज ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी होने के बाद नववर्ष के पहले माह में कैंसर मरीजों को इसकी सौगात दी जाएगी। केवल एटामिक एनर्जी बोर्ड की अनुमति व कुछ मशीनों के न आने के कारण बिल्डिंग शुरू नहीं हो पा रही है। मंत्री अनिल विज दोपहर 4 बजकर 30 मिनट से लेकर 5 बजकर 30 मिनट तक अस्पताल में रहे।

गृहमंत्री अनिल विज कैंसर अस्पताल का निरीक्षण करते हुए
गृहमंत्री अनिल विज कैंसर अस्पताल का निरीक्षण करते हुए

सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सहित कैंसर विशेषज्ञों ने उन्हें अस्पताल से जुड़ी हर जानकारी दी। साथ ही बताया कि इस बिल्डिंग में 42 बैड है और आधुनिक सुविधाओं से लैस है। स्टाफ की नियुक्ति भी लगभग हो चुकी है। 75 का रेगुलर स्टाफ लगेगा।

कैंसर अस्पताल के शौचालय का जायजा लेते हुए गृहमंत्री अनिल विज
कैंसर अस्पताल के शौचालय का जायजा लेते हुए गृहमंत्री अनिल विज

नए साल में शुरु हो सकती है बिल्डिंग
कुछ दिन पहले भी मंत्री अनिल विज के निरीक्षण को लेकर तैयारियां चली थी, लेकिन वह नहीं आ सके थे।गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि जनवरी तक इसे जनता को समर्पित करने की तैयारी रहेगी। यह अस्पताल प्रदेशभर में अपनी अलग ही पहचान ही बनाएगा।

गृहमंत्री अनिल विज रैंप का जायजा लेते हुए
गृहमंत्री अनिल विज रैंप का जायजा लेते हुए

मरीजों के उपचार और देखभाल की होगी सुविधा
गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि बिल्डिंग के नोडल अधिकारी डॉ. विनय गोयल ने बताया कि इस टर्सरी केयर सेंटर में कैंसर के सभी प्रकार के मरीजों के उपचार और देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें कैमिकल, रेडियोग्राफी और सर्जरी सहित अन्य कई प्रकार की सुविधाएं शामिल हैं। यह प्रदेश का ऐसा पहला सरकारी कैंसर सेंटर होगा जहां आसपास के भी 50 लाख तक के मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

एटॉमिक एनर्जी बोर्ड की अनुमति से चलती है कैंसर की मशीनें
तमाम तैयारियां पुरी होने के बाद अब भारत सरकार के एटामिक एनर्जी बोर्ड से स्वीकृति मिलने का इंतजार है। इसके लिए कैंसर सेंटर के रेडिएशन सेफ्टी अधिकारी ने एटामिक एनर्जी बोर्ड को तमाम जानकारी भिजवा दी है। यहां तक कि अनुमति मिलने के चौथे चरण तक की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है।

पिछले दिनों चंडीगढ़ से सेंटर का निरीक्षण करने के लिए डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रेखा सिंह और पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सकों की टीम आई थी। साथ ही अपनी रिपोर्ट से सरकार को अवगत करा दिया है। अब एआरबी से सेंटर को शुरू करने से पहले रेडिएशन सेफ्टी अधिकारियों की टीम कैंसर टर्सरी सेंटर का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद अगर सब कुछ ठीक रहा तभी सेंटर को शुरू करने की अनुमति मिलेगी।