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मांग:तिगरी मोचन तीर्थ को 48 कोस परिधि में शामिल करने की मांग

पिहोवा9 दिन पहले
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पिहोवा | बीबीपुर लेक के अंदर सरस्वती नदी के किनारे पर महाभारत कालीन तिगरी मोचन तीर्थ। - Dainik Bhaskar
पिहोवा | बीबीपुर लेक के अंदर सरस्वती नदी के किनारे पर महाभारत कालीन तिगरी मोचन तीर्थ।

महाभारतकालीन ऐेतिहासिक तीर्थ तिगरी मोचन को केडीबी के 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि तीर्थों की परिधि में शामिल करने की मांग उठी है। सती माता मंदिर ट्रस्ट के प्रधान जनक राज सिंगला ने बताया कि बीबीपुर लेक में सरस्वती नदी के किनारे इस हजारों वर्ष पुराने तीर्थ पर उनके ट्रस्ट ने 30 लाख की लागत से सती माता के मंदिर का जीर्णोद्धार करके उसे दोबारा से बना दिया है। सिंचाई विभाग ने 20 लाख रुपए की लागत से पुलिया का निर्माण भी कर दिया।

पिछले वर्ष कोरोना काल से पहले थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने यहां का दौरा भी किया था। वार्षिक आयोजन में भाग लिया था। लेकिन केडीबी की उपेक्षा के चलते यहां कोई विकास नहीं हुआ। पिछले दिनों अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधिमंडल ने भी इस तीर्थ पर आकर सरस्वती नदी का अवलोकन किया। बीबीपुर लेक की इस साइट को जोगना खेड़ा के बराबर हड़प्पाकालीन जगह बताया।

जिसे ऐतिहासिक व पुरातात्विक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण साइट करार दिया है। यहां अक्सर पुराने सिक्के व मिट्टी के बर्तन और पुरावशेष मिलते रहते हैं। ग्रामीण खैराती लाल, जयपाल सिंगला, रूपचंद, वीरभान, नन्दलाल, गौरव सिंगला ने मांग करते हुए कहा कि इस महाभारतकालीन तीर्थ को कुरुक्षेत्र भूमि की 48 कोस परिधि में शामिल किया जाये। ताकि इसकी पहचान बरकरार रह सके।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जगमोहन ने भी वर्ष 2003 में इस साइट का दौरा किया था। यहां विकास कार्य करवाने की रूप रेखा बना ली थी। लेकिन उनके हटते ही सभी योजनाओं को रोक दिया गया। अब उम्मीद जगी है कि राज्य मंत्री संदीप सिंह इस तीर्थ की बदहाली पर ध्यान देंगे।

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