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रोष:सीएमआर नीति पर राइस मिलर्स ने जताया रोष, सुनवाई नहीं हुई तो नहीं खरीदेंगे धान

पिहोवा16 दिन पहले
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  • चावल निकालते समय टुकड़ा बहुत ज्यादा मात्रा में निकलता है

धान खरीद का सीजन शुरू होने से पहले एक बार फिर राइस मिलर्स और सरकार के बीच नए नियमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चावल नीतियों में संशोधन को लेकर व्यापारियों ने नए नियमों पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसी मुद्दे को लेकर राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक किसान विश्राम गृह में हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान अमरजीत छाबड़ा ने बताया कि राइस मिलर्स को धान की कुटाई करते समय टुकड़े के रूप में बदले चावल की दर घटाकर 25 से 20 प्रतिशत कर दी गई है। जबकि व्यापारी से 35 प्रतिशत तक करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से मार्केट में हाइब्रिड बीज आ रहे हैं। जिनकी पैदावार अधिक है। लेकिन चावल निकालते समय टुकड़ा बहुत ज्यादा मात्रा में निकलता है।

व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो राइस मिल उद्योग से जुड़े व्यापारी इस बार खरीद में सरकार का सहयोग बिल्कुल नहीं करेंगे। इस मौके पर जनकराज सिंगला, सुशील बंसल, नरेंद्र पुरी, बाबू राम सिंगला, बंटी सिंगला, जनकराज सिंगला, राजेश कुमार, कृष्ण ग्रोवर, सतीश सैनी, सचिन मित्तल मौजूद रहे।

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