धान की सरकारी खरीद बंद व्यापारी परेशान:खरीद एजेंसियों के पास फंसी व्यापारियों की लगभग 15 करोड़ की आढ़त मजदूरी, व्यापारी बाेले- जल्द शुरू करेंगे आंदोलन

पिहोवा11 दिन पहले
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  • धान की सरकारी खरीद बंद होने के 2 माह बाद भी हैफेड डीएफएससी ने नहीं किया बकाया भुगतान

धान का सीजन खत्म हुए को लंबा समय बीतने के बावजूद भी खरीद एजेंसियों के पास मंडी के व्यापारियों की करोड़ों रुपए की आढ़त व मजदूरी बकाया होने से उनमें रोष है। व्यापारियों का आरोप है कि भ्रष्टाचार के चलते उनकी अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही। इसी को लेकर अनाज मंडी में व्यापारियों की बैठक प्रधान नंदलाल सिंगला की अध्यक्षता में हुई।

मंडी एसोसिएशन के प्रधान नंदलाल सिंगला व सचिव रमेश मित्तल ने बताया लगभग 2 माह पहले धान की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है। लेकिन बावजूद इसके सरकारी एजेंसी हैफेड व डीएफएससी की ओर 9 करोड़ से ज्यादा कमीशन व 6 करोड़ से ज्यादा की राशि आढ़त मजदूरी की बकाया है। जो सिर्फ पिहोवा मंडी के आंकड़े हैं। जबकि इसी मंडी के तहत आने वाले उप खरीद केंद्रों की राशि अलग से है जिसका उन्हें आज तक भुगतान नहीं किया गया।

करोड़ों रुपए बकाया होने के कारण आढ़ती अपने कारोबार चलाने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार वो बकाया राशि के लिए दोनों एजेंसी के अधिकारियों से मिलकर गुहार लगा चुके हैं। इस मामले में जिला प्रधान बनारसी दास गुप्ता भी अधिकारियों से बात कर चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। उन्हें हर बार जल्द भुगतान का ही आश्वासन मिला है। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी जेब से मजदूरों को भुगतान कर दिया है और वे अपने-अपने प्रदेशों को भी लौट चुके हैं।

ऐसे में उन पर दोहरी मार पड़ रही है उन्होंने कहा कि यदि उनकी राशि जारी नहीं की गई तो व्यापारी दोनों खरीद एजेंसियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होंगे। मौके पर बलदेव गर्ग, सुरेंद्र गर्ग, नरेश कुमार, लखविंदर सिंह, रामजी लाल, सुरेंद्र कुमार, अरुण कुमार, नरेश कुमार, सुखविंदर सिंह, मनसा राम और संतराम गर्ग मौजूद रहे।

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