खरीद बिक्री:आढ़तियों की हड़ताल के फैसले के बाद पूंडरी में एजेंसियों ने खरीदा 50 हजार क्विंटल पीआर धान

पूंडरी11 दिन पहले
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मीटिंग में भाग लेते हुए किसान, मिलर, आढ़ती व अधिकारी। - Dainik Bhaskar
मीटिंग में भाग लेते हुए किसान, मिलर, आढ़ती व अधिकारी।

अनाज मंडी पूंडरी में किसान मोर्चा, मंडी प्रधान, राइस मिलरों व अधिकारियों की बैठक में हुए निर्णय के बाद गुरुवार दोपहर बाद पीआर धान की बोली शुरू हुई। बैठक में खरीद को लेकर जो किसानों व खरीद एजेंसी अधिकारियों में कुछ बातों को लेकर मतभेद था, जैसे कि अधिकारी 17 प्रतिशत नमी वाली हर ढेरी की खरीद करें।

मिलरों के साथ एजेंसी अधिकारी भी रहे और म्योश्चर मीटर मिलर के अलावा एजेंसी अधिकारी भी रखे, ताकि मौके पर किसान की तसल्ली करवाई जाए। मार्केट कमेटी कार्यालय में आयोजित बैठक में किसानों व आढ़तियों के साथ सहमति बन जाने के बाद मंडी में दोनों खरीद एजेंसी हैफेड व डीएफएससी ने अपनी खरीद शुरू की। मंडी में से हैफेड व डीएफएससी ने लगभग 25-25 हजार क्विंटल धान खरीद किया है।

सरकारी बोली शुरू होने के चौथे दिन एजेंसियों द्वारा सुचारु रूप से खरीद की गई। जिसके बाद किसानों व आढ़तियों ने कुछ राहत की सांस ली। किसान मोर्चा के कार्यकर्ता भी युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना के नेतृत्व में मीटिंग में भाग लेने के लिए पहुंचे। { दोपहर 1 बजे कोई भी हल ना निकलने पर प्रधानों ने लिया हड़ताल करने का फैसला |

मंडी में सरकारी बोली को लेकर तीन दिनों से चल रहे घटनाक्रम को लेकर मंडी प्रधानों, मिलरों, किसानों व अधिकारियों की मीटिंग चल रही थी। जिस पर काफी देर तक कोई भी हल ना निकलने की सुरत में मंडी प्रधान ध्यानचंद मूंदड़ी, सतीश हजवाणा व नरेंद्र करोड़ा ने मंडी में हो रही 1509 धान की बोली को भी बंद कर दिया और फैसला लिया कि जब तक पीआर की बोली शुरू नहीं होती मंडी में कामकाज ठप रहेगा।

जिसके बाद बैठक में सहमती बनी और दोबारा 2 बजे मंडी में 1509 की बोली शुरू की गई। मंडी में पीआर धान की आवक जोरों पर है। मंडी में लगभग 90 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है। जिसमें से दोनों एजेंसियों द्वारा लगभग 50 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई।

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