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यमुनानगर में झकझोर देने वाली घटना:बेटे की अर्थी के लिए 4 कंधे नहीं मिले, दो भाई भी नहीं आए, कई घंटे शव के पास बिलखती रही मां

यमुनानगर3 दिन पहले
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  • खून के रिश्ते भी मुंह मोड़ गए

शहर के ट्रॉमा सेंटर में झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक मां अपने बेटे के शव के पास खड़ी अपने हालात पर घंटों रोती रही। जवान बेटे को कंधा देने उसके भाई और रिश्तेदारों में से कोई नहीं आया। अस्पताल के स्टाफ व डॉक्टर से कहती रही कि किसी तरह बेटे का संस्कार करा दो। मृतकों के संस्कार कराने के दावे करने वाली संस्थाएं भी काम न आई। एक संस्था के सदस्य ने कहा कि वे लावारिश का संस्कार करा सकते हैं।

कई अन्य ने भी हाथ खड़े कर दिए। बाद में मृतक की मां ने कहीं से पैसे जुटाए। तब सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने शव को श्मशानघाट पहुंचाकर संस्कार कराया। गांव उधमगढ़ की टपरियां निवासी दर्शना देवी ने बताया कि उसके 35 वर्षीय बेटे रणबीर को दो साल पहले झगड़े में चोट लगी थी। वह तभी से बीमार चल रहा था। अब सिविल अस्पताल यमुनानगर में शनिवार रात मौत हो गई, जबकि उसके पिता की पहले मौत हो चुकी है।

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