स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी:54 हजार लोग कोरोना वैक्सीन की पहली डोज के बाद दूसरी लगवाने नहीं पहुंचे, अब तक 33% लोगों को दोनों डोज और 85% को पहली डोज लग चुकी

यमुनानगर2 महीने पहले
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  • एक्सपर्ट का दावा- दोनों डोज के 14 दिन बाद बनती है एंटीबॉडी

कोरोना पॉजिटिव रेट 1.13 प्रतिशत रह गया है। 49 दिन में 29 पॉजिटिव केस मिले हैं। डॉक्टर्स इसके पीछे तीन वजह मान रहे हैं कि एक तो ज्यादातर लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है और दो साल में जो कोविड का पीक रहा, उससे बहुत से लोगों की इम्युनिटी हार्ड हो गई। इससे अब कोरोना संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में नहीं ले पा रहा है लेकिन इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की चिंता जिले के 54 हजार लोगों ने बढ़ा दी है।

ये वे लोग हैं जोकि कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके हैं। पहली डोज लगवाए इन्हें 84 दिन से ज्यादा हो गए हैं लेकिन ये लोग दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे। इनके दूसरी वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचने का इंतजार विभाग कर रहा है। अब इन्हें ट्रेस किया जा रहा है ताकि इन्हें बताया जाए कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज क्यों जरूरी है।

हालांकि यह आंकड़ा एक समय में 70 हजार था, लेकिन अब कम होकर 54 हजार रह गया है। कहा जा रहा है कि अगर ये लोग दूसरी डोज नहीं लगवाते तो कोरोना संक्रमण से बचने का जो सुरक्षा चक्र दोनों डोज के बाद बनता है, वह उनमें नहीं बन पाएगा और ये लोग खतरे में रहेंगे।

इसलिए डोज नहीं लगवा रहे लोग

कोरोना के केस अब बहुत कम हैं। यमुनानगर में छह एक्टिव पेशेंट हैं। लोगों को लग रहा है कि अब कोरोना की तीसरी लहर नहीं आएगी। जो लोग पहली डोज लगवा चुके हैं और दूसरी लगवाने नहीं आ रहे, उनके मन में ये ही है कि अब उन्हें दूसरी डोज की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोरोना संक्रमण नहीं रहा। वहीं कई ऐसे हैं पहली डोज लगने के बाद बुखार होने से डर के मारे दूसरी डोज लगवाने नहीं आ रहे हैं।

ये वे लोग हैं जिन्होंने करीब तीन माह पहले लंबी लाइनों में घंटों लगकर पहली डोज लगवाई थी। लेकिन अब न भीड़ है और न ही घंटों इंतजार करना पड़ रहा, फिर भी ये लोग वैक्सीन लगवाने नहीं आ रहे। वैक्सीनेशन में गिरावट आई, लेकिन सप्लाई में अब दिक्कत नहीं| स्वास्थ्य विभाग हर दिन 40 से 60 वैक्सीन सेंटर बना रहा है क्योंकि अब वैक्सीन की कमी नहीं है लेकिन इसी बीच अब लोगों में वैक्सीन को लेकर उतना उत्साह नहीं है।

हर दिन दो से तीन या चार हजार लोग ही वैक्सीन लगवा रहे हैं जबकि पहले यह आंकड़ा 40 हजार तक गया। विभाग ने पहले सितंबर माह में सभी को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य रखा था लेकिन तब जरूरत के हिसाब से वैक्सीन की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। अब सप्लाई हो रही है, लेकिन लोग उतनी संख्या में वैक्सीन लगवा नहीं आ रहे।

विभाग अपने स्तर पर ऐसे लोगों से कर रहा संपर्क: डॉ. विजय दहिया

सिविल सर्जन डॉक्टर विजय दहिया ने बताया कि रिकाॅर्ड में 54 हजार ऐसे लोग हैं जोकि पहली डोज लगवाकर दूसरी डोज लगवाने नहीं आए। ये लोग जल्द से जल्द दूसरी डोज भी लगवाएं क्योंकि वैक्सीन की दोनों डोज लगने के 14 दिन बाद ही कोरोना संक्रमण से बचने के लिए एंटी बॉडी बनती है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग भी अपने स्तर पर ऐसे लोगों से संपर्क कर दूसरी डोज लगवाने की अपील कर रहा है। तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। तीसरी लहर को रोकने के लिए सभी को दोनों डोज वैक्सीन की लगनी जरूरी है।

33 प्रतिशत लोगों को लग चुकी दोनों डोज| जिले के नौ लाख, 43 हजार लोगों को वैक्सीन लगनी है। अब तक पहली डोज 818866 को लग चुकी है। यानी 85 प्रतिशत पहली डोज लगवा चुके हैं। वहीं दोनों डोज 310540 को लग चुकी है। यानी करीब 33 प्रतिशत को दोनों डोज लग चुकी है। मंगलवार को 3624 लोगों को वैक्सीन लगी। 55 जगह वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए थे।

कोरोना से बचाव को वैक्सीन लगवाएं

सिविल सर्जन डॉक्टर विजय दहिया ने बताया कि अब तक जिले में 24707 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। 24289 लोग कोरोना से ठीक हुए। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव में वैक्सीन कारगर है। इसलिए वैक्सीन जरूर लगवाएं।

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