मोहम्मद यूनिस हत्याकांड:12 साल से साथ काम करने वाला आलम हिरासत में

यमुनानगर19 दिन पहले
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यमुनानगर| यूनिस के दोस्त से जानकारी जुटाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर| यूनिस के दोस्त से जानकारी जुटाती पुलिस।
  • आलम ने यूनिस को फोन कर जल्दी दुकान बंद करने को कहा था, फिर 62 कॉल रिसीव नहीं की
  • आलम बोला-वह तो कलियर पीर पर माथा टेकने गया था, बाद में यूपी के सरसावा टोल पर मिला

बाड़ी माजरा की शंभू कॉलोनी में क्लीनिक चलाने वाले रूरल मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) मोहम्मद यूनिस की हत्या कर दी गई। शव और उनकी कार थर्मल के पास मिली। हत्या का शक उसके साथ काम करने वाले आलम पर है। वह उसका 12 साल पुराना दोस्त है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वहीं, उसका मोबाइल भी खंगाला।

वह शक के दायरे में इसलिए है कि बुधवार को वह क्लीनिक पर नहीं था और शाम करीब साढ़े सात बजे उसने यूनिस को फोन कर कहा कि ग्राहक न हो तो वह जल्द घर निकल जाए। इसके बाद जब यूनिस की हत्या हुई तो मृतक के परिजनों ने उसे फोन करने शुरू किए। 62 बार उसके पास कॉल की, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की।

जब उन्होंने फोन करना बंद कर दिया तो अलसुबह साढ़े तीन बजे उसने बैक कॉल कर पूछा कि फोन क्यों कर रहे थे। जब उसे बताया गया कि यूनिस का मर्डर हो गया तो वह कहने लगा कि वह तो कलियर शरीफ आया हुआ है। इसके बाद वह अलसुबह सरसावा के पास टोल प्लाजा पर मिला और यूनिस का रिश्तेदार उसे वहां से लेकर आया।

वहीं, जब उससे पूछा गया कि उसने कॉल रिसीव क्यों नहीं की तो उसने कहा कि वह मोबाइल को कमरे में चार्जिंग लगाकर माथा टेकने गया था। पुलिस का भी कहना है कि इस हत्या में किसी करीबी का हाथ है। जांच के बाद साफ होगा। वहीं, जल्द ही हत्या करने वाला पुलिस की गिरफ्त में होगा।

दोस्त की लोकेशन कलियर शरीफ की मिली| एक पुलिस कर्मी ने बताया कि शक के दायरे में आए यूनिस के साथ काम करने वाले आलम की लोकेशन चेक की तो वह कलियर शरीफ की मिली। यमुनानगर से उत्तराखंड में स्थित कलियर शरीफ की दूरी करीब 90 किलोमीटर है।

वहां पर जाने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। वहीं आलम ने करीब छह घंटे तक किसी का फोन रिसीव नहीं किया। वहीं आलम को यूनिस की हर बात का पता होता था। आलम अविवाहित है। जबकि यूनिस शादीशुदा था। उसके दो बच्चे हैं।

हत्या किसी करीबी ने की है| सदर यमुनानगर थाना प्रभारी विजय कुमार का कहना है कि मृतक की गर्दन से लेकर बाजू और छाती पर चार से पांच जगह तेजधार हथियार से वार किया गया है। ऐसा लग रहा है कि किसी करीबी ने वारदात की है। हत्या करने वाले उसी के साथ कार में आए होंगे। उम्मीद है कि जल्द ही केस ट्रेस होगा।

भाई की हत्या करने वाले को जल्द पकड़े पुलिस

यूपी के जिला बरेली के नवाबगंज निवासी मोहम्मद अलीम ने सदर यमुनानगर पुलिस को शिकायत दी है कि वह यमुनानगर थर्मल प्लांट में मैकेनिकल फिटर है और थर्मल कॉलोनी में रहता है। उसका भाई 40 साल का मोहम्मद यूनिस आरएमपी था और मेडिकल स्टोर भी चलाता था। पहले उसने कई साल तक नवाबगंज में काम किया।

अब यमुनानगर के बाड़ी माजरा की शंभू कॉलोनी में तीन साल से उसने क्लीनिक किया हुआ था। वह उसके पास थर्मल कॉलोनी में ही रहता था। वीरवार रात साढ़े नौ बजे उसके पास थर्मल कॉलोनी में रहने वाले हरिओम का फोन आया कि उसके भाई की कार थर्मल के पास रतनपुरा की तरफ जाने वाले रास्ते पर खड़ी है और उसका खून से लथपथ सड़क पर पड़ा है।

वह मौके पर पहुंचा और भाई को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके भाई के मोबाइल और जेब से 5670 रुपए मिले। उसके भाई के गले, बाजू और छाती पर तेज धार हथियार से वार किए हुए थे। शिकायत पर पुलिस ने धारा-302 और 34 में केस दर्ज किया है। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसके भाई की हत्या करने वाले को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके।

पुलिस का मानना- यह हत्या लूट के लिए नहीं की गई

यूनिस अपने क्लीनिक से थर्मल कॉलोनी तक आना-जाना कार में करता था। उसकी हत्या के पीछे लूट नहीं माना जा रहा, क्योंकि उसकी गाड़ी मौके पर मिली है और उसकी जेब से 5670 रुपए समेत उसके दोनों मोबाइल मौके से मिले हैं। इससे पुलिस भी यह मान रही है कि यह हत्या लूट के लिए नहीं की गई।

पुलिस का मानना है कि यह रंजिशन या साजिशन हत्या है। माना यह जा रहा है कि जब यूनिस क्लीनिक से घर के लिए चला तो उसके साथ कार में कोई था। उसी ने हत्या की है। हत्या में एक से ज्यादा लोग भी हो सकते हैं। परिवार का कहना है कि यूनिस की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। यहां उसका क्लीनिक ठीक से चल भी नहीं रहा था। वे यहां से क्लीनिक बंद करने की प्लानिंग बना रहे थे।

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