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क्राइम:कुवैत में ट्रक चालक की नौकरी के लिए गए अमेठी के अनीश को पुलिसकर्मी ने बनाया बंधक, रंधावा हेल्पलाइन ने पहुंचाया इंडियन अंबेसी

यमुनानगर2 वर्ष पहले
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  • एक पुलिसकर्मी ने अनीश को अपने घर पर नौकर रख किया प्रताड़ित, अनीश ने वीडियो भेज मांगी थी मददे

कुवैत में ट्रक चालक की नौकरी के लिए गए उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला के मुरशदगंज गांव का अनीश कुवैत में बंधक बना लिया गया। एजेंट पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। ट्रक पर नौकरी की बजाए वहां के किसी पुलिसमैन के घर नौकर लगा दिया। 18 जनवरी 2019 को वहां गया था। पुलिसवाले के परिवार ने इसकी हालत खराब कर दी। उसे कहीं आने जाने नहीं दिया। स्वदेश वापस आने की मांग को लेकर वीडियो बनाकर प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम को भेजा। अपने यहां की सांसद स्मृति ईरानी से भी मदद की मांग की। 

इसके बाद किसी तरह जिले के थाना छप्पर गांव निवासी हरनेक सिंह रंधावा जो कनाडा में रहते हैं। उनकी बनाई हेल्पलाइन पर संपर्क किया। तीन दिन में उनको रेस्क्यू की रंधावा ने इंडियन अंबेसी पहुंचा दिया। अब अनीस सुरक्षित है। जल्द स्वदेश लौट आएगा।मोहम्मद अनीश ने बताया कि एजेंट को उन्होंने बताया था कि ट्रक चालक की नौकरी पर भेजे। उसने ऐसा नहीं किया। उसके साथ धोखा करते हुए कुवैत में किसी का घरेलू नौकरी बना दिया। यहां शुरू हुई यातानाएं। भोजन दो दिन में एक बार दिया गया। 

काम के नाम पर घर की दिन में तीन बार सफाई कराना। अगर मना करता तो पुलिस से पिटाई कराई जाती। उसे बेवजह मारा जाता। वह छोड़ने की गुहार लगाता, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजता। उससे कहा जाता कि भारत सरकार यहां कुछ नहीं कर सकती है। वह उसको इंडिया नहीं जाने देंगे। अगर उसने काेशिश की तो वह बेकार होगी। इस बीच उन्होंने वीडियो बनाकर ग्रुप में शेयर किया। क्योंकि इस बीच यहां घर के लाेग नहीं थे। एक चैनल पर भी उसका वीडियो चलाया गया। यहां से उसे हरनेक सिंह रंधावा हेल्पलाइन से मदद मिलने की उम्मीद जगी। क्योंकि रंधावा हेल्पलाइन के सदस्यों ने उसके फोन पर संपर्क किया। तीन माह से आने की प्लानिंग उन्होंने तीन दिन में पास कर दी।

अब जल्द स्वदेश लौटेगा अनीश

रंधावा हेल्पलाइन के सदस्य रेस्क्यू कर अनीस का इंडियन अंबेसी पर ले आए। यहां उसको रखने से मना कर दिया। इस पर रंधावा ने अपने जानकार राष्ट्रपति अवार्डी गिरीश पंत से मदद की मांग की। क्योंकि छुट्टी में कोई अफसर बात तक नहीं कर रहा था। उन्होंने अनीस का फोटो अंबेसी के अफसरों के साथ स्मृति ईरानी को ट्विट किया। तहरीर लिखी गई। इसके बाद अंबेसी में उसको बैठने दिया। उसका आपातकालीन पासपोर्ट बनाया गया। अब वह जल्द स्वदेश लौट आएगा।

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