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  • Among Those Who Filed A Case Against The Chairman Of Sahara Group, The Owner Of Property Worth 2.82 Lakh Crores, Some Were Tea Sellers And Some House Cleaners.

उम्र भर जो बचाया उसे सहारा में लगाया था:2.82 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक सहारा ग्रुप के चेयरमैन पर केस कराने वालों में कोई चाय वाला तो कोई घरों में सफाई करने वाली

यमुनानगर20 दिन पहले
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14 जुलाई को गृह मंत्री को शिकायत दी। जिसके बाद इकोनॉमिक सेल में जांच शुरू हुई और अब केस दर्ज हुआ है। - Dainik Bhaskar
14 जुलाई को गृह मंत्री को शिकायत दी। जिसके बाद इकोनॉमिक सेल में जांच शुरू हुई और अब केस दर्ज हुआ है।
  • सहारा इंडिया के चेयरमैन समेत 12 लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया केस
  • इकनॉमिक सेल की लंबी जांच के बाद सिटी यमुनानगर थाना पुलिस ने दर्ज किया केस, अपने ही पैसे वापस पाने के लिए निवेशकों ने धरने-प्रदर्शन तक किए

पुलिस के इकोनॉमिक सेल में चली लंबी जांच के बाद सिटी यमुनानगर थाना पुलिस ने सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत रॉय, वाइस चेयरमैन ओपी श्रीवास्तव, स्वप्ना राय, कंट्रोलिंग विभाग एवं डायरेक्टर जिया कादरी, अलख कुमार, एससीसीएसएल चेयरमैन डीके श्रीवास्तव, एमडी एससीसीएसएल कुरुनेश अवस्थी, जोनल एंड ट्रैटरी हेड प्रशांत कुमार, सहारा इंडिया के रीजनल मैनेजर संजय त्यागी, सेक्टर मैनेजर अजय कुमार, फ्रेंचाइजी हेड जयश्री प्रसाद, एरिया मैनेजर अतीक अहमद पर धारा-420, 406, 120बी में केस दर्ज किया है।

इन पर केस दर्ज कराने वाले वे लोग हैं जोकि हर दिन 200 से 400 रुपए कमाने के लिए काम करते हैं। इन्होंने वर्षों में जो सेविंग की थी, उसे कंपनी में लगा दिया था, ताकि अच्छा ब्याज मिलने पर पैसे ज्यादा हो जाएं। लेकिन कंपनी में लगाए मूल पैसे भी नहीं मिले। एक साल से ये लोग पैसे के लिए कंपनी के दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। कंपनी के खिलाफ कई बार धरना दिया और प्रदर्शन किया। जिसके बाद अब पुलिस ने केस दर्ज किया। सहारा ग्रुप की 2.82 लाख करोड़ की संपत्ति बताई जाती है।

जिसके चेयरमैन सुब्रत राय हैं। सहारा इंडिया कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करने वाले गुरचरण सिंह ने उसके माध्यम से कंपनी में निवेश करने वालों को लेकर शिकायत पुलिस को दिलाई थी। उनके अनुसार इन्होंने जिस स्कीम में पैसे लगाए थे वह मैच्योर होने के बाद भी पैसे वापस नहीं दिए। गुरचरण का दावा है कि इन सभी के करीब आठ करोड़ रुपए बनते हैं।

पाई-पाई जोड़ कर कंपनी में लगाया पैसा : सुनीता रानी
पुराना हमीदा निवासी सुनीता रानी घर में कपड़ों की सिलाई कर हर दिन कुछ पैसे की बचत करती हैं। उन्होंने कई साल की मेहनत कर कुछ पैसे जोड़े थे। जिसमें से उन्होंने ढाई लाख रुपए सहारा इंडिया में लगाए। लेकिन उन्हें पैसा कंपनी की ओर से नहीं मिला। इससे वे खुद को ठगा महसूस कर रही हैं।

लक्ष्मी नगर निवासी सपना ने सहारा इंडिया में 50 हजार रुपए का निवेश किया था। उन्होंने जो पॉलिसी ली थी वह मैच्योर हो गई। लेकिन पैसा नहीं मिला। उनका पति मजदूरी करता है। लॉकडाउन में घर चलाना उनके लिए मुश्किल हो गया।

1500 रुपए प्रतिमाह जमा कराए थेः सुनील कुमार
गोल्डन कॉलोनी निवासी सुनील कुमार सिटी सेंटर के पास चाय की दुकान करता है। उसने 1500 रुपए प्रति माह के हिसाब से सहारा इंडिया में निवेश किया था। 50 हजार रुपए जमा करा चुका था। मैच्योर होने के बाद भी उसे भुगतान नहीं किया गया। दुर्गा गार्डन निवासी आशु के पति राजमिस्त्री हैं। अपना मकान नहीं बना पाए। पत्नी ने सहारा में डेढ़ लाख रुपए लगाए। लेकिन वापस नहीं मिले। वह बीमार रहती है। पैसा फंसने से अपना घर तक नहीं बना पाए। किराए पर रहते हैं।

जिस एजेंट ने दूसरों के पैसे लगवाए, उसका अपना कमीशन भी फंसा
गुरचरण सिंह सहारा इंडिया में एजेंट हैं। उन्होंने करीब 200 लोगों का पैसे कंपनी में लगवाए। उनका कहना है कि उनके खुद के 22 लाख रुपए निवेश किए हैं और 14.50 लाख रुपए उनका कमीशन बनता है। उनके माध्यम से लोगों ने जो पैसे लगाए वे करीब आठ करोड़ बनते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने लोगों के पैसे एक साल, डेढ़ साल और पांच साल के लिए लगवाए थे। एक साल के लिए पैसे निवेश करने वालों को नौ प्रतिशत, डेढ़ साल के लिए निवेश करने वालों को 12 और पांच साल के लिए निवेश करने वालों को 15 प्रतिशत ब्याज का वादा किया गया।

उनके अनुसार जिले में 10 से 12 हजार लोगों ने निवेश हुआ है। कभी जिले में एक हजार एजेंट होते थे। हालांकि उसमें से कुछ ही एक्टिव थे। गुरचरण के अनुसार करीब 50 करोड़ रुपए जिले से कंपनी में लोगों का लगा है। सहारा इंडिया के चेयरमैन से लेकर अन्य पर केस दर्ज कराने के लिए गुरचरण एक साल से शिकायत कर रहे थे। कई बार धरना दिया और 14 जुलाई को गृह मंत्री को शिकायत दी। जिसके बाद इकोनॉमिक सेल में जांच शुरू हुई और अब केस दर्ज हुआ है।

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