सरकार के खिलाफ नारेबाजी:धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स बाेलीं-सरकार कर रही मांगाें की अनदेखी

यमुनानगर2 महीने पहले
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  • आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने अनाज मंडी गेट के बाहर धरने पर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने अनाज मंडी गेट के बाहर धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। बिलासपुर ब्लॉक प्रधान कमलेश ने कहा कि सरकार की महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को सफल कराने में उनकी अहम भूमिका है। वे विभागीय कार्य को समय पर पूरा करती हैं। इसके साथ ही जो सर्वे उन्हें दिए जाते हैं, उन्हें भी पूरा करती हैं। ट्रेनिंग आदि में अपने खर्च पर भाग लेने जाती हैं। उनके कई चक्कर ऑफिस में लग जाते हैं।

इन सबके बदले उन्हें कोई अतिरिक्त खर्च विभाग नहीं देता। अब वे अपनी जायज मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। उनकी मांग पर गौर नहीं किया जा रहा है। इससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी केंद्राें काे एनजीओ के अधीन न किया जाए। इतने दिनों से वर्कर और हेल्पर न्याय की गुहार लगा रही हैं, परंतु सरकार उनकी बात नहीं सुन रही।

सरकार से मांग है कि हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब तक न्यूनतम वेतन दिया जाए। वर्ष 2018 का हमारा जो फैसला हुआ था, वह लागू किया जाए। प्रधानमंत्री ने 2018 में वर्करों का 1500 और हेल्पर के वेतन में 750 रुपए की बढ़ोतरी की थी, वह लागू की जाए। वर्करों की एक प्ले वे स्कूल के लिए ट्रेनिंग ली गई, जिसमें वर्करों को लगभग 5 किलोमीटर दूर तक भी जाना पड़ा। पांच दिन ट्रेनिंग में वर्करों को कोई किराया नहीं दिया गया।

 सरकार से मांग है कि 5 दिनों का टीए दिया जाए। माैके पर मिथिलेश गुप्ता, नीलम, सुषमा, रेशमा, रादौर से संतोष, सुनीता, आरती, सरला, मीनाक्षी, सोना, गीता, बिलासपुर से भूपिंदर, वीना, सीमा, सविता मंजीत, सोनिया, जगाधरी से रविता, अनिता, चंचल, पालो, रीटा, नीलम व सुमित माैजूद रहीं।

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