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पुलिस ने की कार्रवाई:व्यापारी की फर्जी वसीयत बनाने का आरोपी गिरफ्तार, निगम की दो ब्रांच के कर्मचारी शक के दायरे में

यमुनानगर9 दिन पहले
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यमुना गली के नामी बिजनेसमैन रहे जयकांत जिंदल की जमीन की फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के आरोपी नाहरपुर निवासी हरप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। मामले में नगर निगम की दो ब्रांच के कर्मचारी शक के दायरे में हैं। क्योंकि हरप्रीत ने फर्जीवाड़ा कर जमीन अपने नाम कराई थी। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया।

निगम के कर्मचारियों ने बिना जांच किए ही फर्जी दस्तावेजों पर किसी की जमीन किसी और के नाम चढ़ा दी। जांच अधिकारी बलबीर सिंह का कहना है कि केस में अन्य की तलाश है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि दिसंबर 2020 में हुडा थाना पुलिस ने हरप्रीत सिंह, पवनीत, ओम प्रकाश, अनीश अहमद, शमशेर सिंह को नामजद किया था।

जगाधरी की प्रेस वाली गली निवासी मृदुल गर्ग ने शिकायत दी थी कि उसके भाई जयकांत जिंदल का 1346 वर्ग गज का प्लाॅट और मकान लाजपत नगर में है। भाई का निधन 2019 में हो गया था। उनके पास औलाद नहीं थी। ऐसे में वह और उसका भाई अनिल कांत जिंदल इस प्रॉपर्टी के वारिस है। इनकी मलकीयत भी कमेटी में उनके नाम दर्ज है।

आरोपी ने अपना आधार नंबर भी गलत दिया

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें पता चला कि हरप्रीत सिंह ने उसके भाई की जायदाद की फर्जी वसीयत जाली हस्ताक्षर कर बनवाई है। इसमें ओम प्रकाश और अनीश अहमद को गवाह और शमशेर के साथ मिलकर नोटरी तैयार की। इस पर 20 नवंबर 2018 तिथि अंकित है।

वसीयत के आधार पर ही हरप्रीत ने कुछ जायदाद अपनी पत्नी के नाम 6 मार्च को तब्दील करवा ली। ये रजिस्ट्री आरटीआई के तहत उन्होंने प्राप्त की। उन्हें पता चला है कि उसके भाई का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और फर्जी वसीयत के साथ दाखिल की है। रजिस्ट्री में हरप्रीत ने अपना आधार नंबर भी गलत दिया है। ये सब जायदाद हड़पने की नियत से जालसाजी की गई है।

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