प्रधान सचिव बता नौकरी लगवाने का मामला / खुद को पीएम के प्रधान सचिव बता बेटी को डीसी ऑफिस में नौकरी लगवाने को की थी कॉल, एक साल बाद बाप-बेटा काबू

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  • जिस बेटी को नौकरी लगवाना चाहते थे, उसका अपने ससुराल वालों से चल रहा था विवाद

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

यमुनानगर. खुद को पीएम का प्रधान सचिव बताकर डीसी को फोन करने के मामले में पुलिस ने एक साल बाद बाप बेटे को गिरफ्तार किया है। बाप बेटा शुरू से ही पुलिस के शक के दायरे में थे, लेकिन पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। अब स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने बाप बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी दीपक को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं दीपक के पिता प्रदीप को एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि पुलिस पूछताछ में दीपक कुमार ने बताया कि उसकी बड़ी बहन जयता की शादी रादौर में हुई थी, लेकिन ससुराल वाले उसे तंग करते थे। जिस पर जयता ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। जयता उनके साथ सेक्टर 17 जगाधरी में रहती थी। 12 मार्च 2019 को उनके पिता प्रदीप कुमार, बहन जयता व उसने मिलकर योजना बनाई कि प्रधान सचिव का नाम लेकर डीसी से बात करते हैं।

जिससे जयता की नौकरी डीसी ऑफिस में लग जाएगी। जिस पर डीसी का नंबर इंटरनेट से निकाला और दीपक के पिता प्रदीप कुमार ने कॉल की और खुद को प्रधान सचिव का पीए आशीष बताते हुए डीसी ऑफिस में क्लर्क रविंद्र से बात की। वहां से कॉल डीसी को ट्रांसफर हुआ, तो प्रदीप ने डीसी को जयता की नौकरी लगाने के बारे में कहा। फिर 13 मार्च को डीसी कार्यालय में कॉल किया, तो रविंद्र क्लर्क ने डीसी के मीटिंग में होने की बात कही।  उस दिन डीसी से बात नहीं हो सकी। जिस पर वह जयता के कागजात लेकर डीसी कार्यालय पहुंच गए। आरोपी दीपक ने पूछताछ में बताया कि उसने व पिता प्रदीप कुमार ने इंटरनेशनल नंबरों से जयता की ननद के पति को भी अश्लील मैसेज किए। जिससे उसका रिश्ता टूट जाए। कई बार यह मैसेज किए गए। 

ये है मामला 

12 व 13 मार्च को 15595450230, 1831288268, 15597258407, इन नंबरों से डीसी कैंप ऑफिस में कॉल आई। दो नंबरों पर कॉल करने वाले ने एक बार खुद को प्रधानमंत्री आफिस के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा व एक नंबर से कॉल करने वाले ने प्रधान सचिव के पीए आशीष का नाम लेकर बात की। इस पर डीसी कैंप ऑफिस क्लर्क रविंद्र कुमार ने कॉल डीसी को ट्रांसफर की। डीसी से बात कर कॉल करने वालों ने जयता नाम की लडक़ी को नौकरी लगवाने की बात कही। जांच कराने पर तीनों नंबर पीएमओ ऑफिस के नहीं निकले जबकि फर्जी पाए गए। क्लर्क रविंद्र कुमार की शिकायत पर जगाधरी पुलिस ने दो अप्रैल को अज्ञात पर धारा-419 और 420 में केस दर्ज किया था। तब से मामले की कई जगह पर जांच हुई, लेकिन केस को पुलिस ट्रेस नहीं कर पा रही थी । अब जाकर एक साल बाद मामला ट्रेस हुआ ।

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