पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

खर्चे की तैयारी:निगम अफसरों के तैयार किए एस्टिमेट से आधे बजट में होगा कैल प्लांट के 1.14 लाख टन कचरे का निपटान

यमुनानगर4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
यमुनानगर| यमुनानगर- कैल स्थित कचरा प्लांट।
  • पार्षदों का आरोप- पहले बताया 1.75 लाख टन कचरा अब किया 1.14 लाख टन, एस्टिमेट भी 75, 54 व 25 करोड़ से कम कर 16.75 करोड़ का लगा था टेंडर
  • पार्षदों की एस्टिमेट जांच की मांग पर टेंडर रद्द कर अफसरों के एस्टिमेट की बजाए फर्मों से मांगे रेट, सबसे कम 737 रुपए प्रति टन रेट अप्रूवल के लिए भेजा

कैल प्लांट के 1.14 लाख टन कचरे के निपटान के लिए निगम अफसरों की 16.75 करोड़ खर्चने की तैयारी थी। उसी कचरे का निपटान 8.37 करोड़ में हो सकेगा क्योंकि एक ही काम के लिए अफसरों द्वारा बार-बार एस्टिमेट बदलने पर 22 में से 11 पार्षदों ने सीएम व निकाय मंत्री को पत्र भेज जांच की मांग की थी। इस पर टेंडर की बदली शर्तों में अफसरों के तैयार एस्टिमेट के बजाए सामने से फर्मों के रेट लिए गए।

इसमें 10 फर्मों ने अपने रेट दिए। इनमें प्रति टन कचरा निपटान का सबसे कम 737 रुपए रेट मिला, जिसे को अप्रूवल के लिए निदेशालय भेज दिया गया है। यानी अफसरों के तैयार 16.75 करोड़ के एस्टिमेट से आधे बजट 8.37 करोड़ में कचरे का निपटान हो सकेगा। बता दें कि यमुनानगर-जगाधरी, दोनों शहरों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए सरकार ने वर्ष-2012 में 18.74 करोड़ रुपए से कैल 12 एकड़ एरिया में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट लगाया था।

पहले ठेका मुंबई की हाइड्रोएयर टैक्टोनिक्स (पीसीडी) कंपनी को दिया था। 30 साल का करार हाइड्रोएयर बीच में छोड़ गई। छह वर्षों से ये प्लांट बंद है और करीब 19 करोड़ की मशीनरी भी जंग खा चुकी है। शहर से रोज 300 टन कचरा डंप होता आ रहा है लेकिन निस्तारण नहीं हो रहा। मौजूदा समय में प्लांट में कचरे के पहाड़ लग गए हैं, जो कई बार हाईवे तक पहुंच जाता है तो आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। आसपास के गांवों के लोग परेशान होकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। प्लांट में डंप हो रहे कचरे का प्रबंधन ना होने से हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण भी में शहर की रैंकिंग नहीं सुधर पा रही है।

पार्षदों का कहना- टेंडर से पहले एस्टिमेट भी बार-बार बदले गए

छह वर्षों से कैल में डंप हुए कचरे के निपटान के लिए लगाए 16.75 करोड़ के टेंडर में अफसरों ने यहां 1.75 लाख टन कचरा होने बताया था लेकिन मई में टेंडर लगने पर 22 में से 11 पार्षदों ने बड़े स्कैंडल का आरोप लगाते हुए मेयर को सीएम को पत्र देकर जांच की मांग की। इस पर टेंडर रद्द कर नए कॉल किए टेंडर में कचरे की मात्रा को 1.14 कर दिया गया। पार्षदों की मानें तो टेंडर से पहले एस्टिमेट भी बार-बार बदले गए। इसी काम के लिए पहले 75, 54 व 25 करोड़ का एस्टिमेट तैयार हुआ था।

आधे बजट में काम होना बताता है कि कहीं गड़बड़ी थी

पार्षदों के अलावा पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू का भी कैल प्लांट के एस्टिमेट ज्यादा से कम होने पर घालमेल का आरोप था। उन्होंने बताया कि अफसरों के तैयार एस्टिमेट से आधे बजट में काम होना, यह बताता है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हो रही थी। कचरे की मात्रा व एस्टिमेट ज्यादा बताकर फर्मों को फायदा पहुंचाने की तैयारी थी, लेकिन पार्षदों के विरोध पर टेंडर रद होने पर ऐसा नहीं हुआ।

अप्रूवल मिलते ही कैल प्लांट में वर्क अलॉट किया जाएगा

नई शर्तों अनुसार प्रति टन कचरा निपटान के लिए फर्मों के रेट लिए गए जिसमें 10 फर्मों ने रेट बताए, जिसमें सबसे कम 737 रुपए प्रति टन रेट आया है। इसे अप्रूवल के लिए निदेशालय भेजा जा रहा है। इस पर अप्रूवल मिलते ही कैल प्लांट में वर्क अलॉट किया जाएगा। विकास बाल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- लाभदायक समय है। किसी भी कार्य तथा मेहनत का पूरा-पूरा फल मिलेगा। फोन कॉल के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण सूचना मिलने की संभावना है। मार्केटिंग व मीडिया से संबंधित कार्यों पर ही अपना पूरा ध्यान कें...

और पढ़ें