भास्कर खास:विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला

यमुनानगरएक वर्ष पहले
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  • पीड़ित का आरोप- चेयरपर्सन ने टिकट के लिए बायो डाटा मांगा था, उन्हें वाट्सएप किया था
  • चेयरपर्सन की सफाई- मैं उन्हें नहीं जानती, न नौकरी और न ही टिकट दिलाने की बात कही

विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले भाजपा नेत्री एवं हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता चौहान के नाम पर भी पैसे लेते थे। शिवपुरी बी निवासी जयपाल को जब उन्होंने साढौरा से टिकट दिलाने का सपना दिखाया था तो तब एक बार ठग उन्हें झज्जर में सरिता चौहान के आवास पर लेकर गए थे। वहां काफी देर उनकी बातचीत हुई थी।

हालांकि पीड़ित का कहना है कि चौहान ने उनसे टिकट के लिए बायोडाटा मांगा था जोकि उन्होंने उन्हें वाट्सएप कर दिया था लेकिन इस बात से चौहान इनकार कर रही हैं कि उन्होंने किसी का बायोडाटा मांगा था। उधर, नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार हुए युवाओं का भी कहना है कि उन्हें भी चेयरपर्सन सुनीता चौहान के नाम पर ठगा गया। ठगी का पता चलने पर एक पीड़ित ने तो इसे लेकर चेयरपर्सन सुनीता को फोन भी किया था और इस बात की शिकायत की थी।

तब उन्होंने कहा था कि जिन लोगों को उन्होंने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए हैं, वह उन्हें नहीं जानती। इस तरह से कहीं न कहीं ठगों के संबंध राजनीतिक लोगों से रहे हैं इसलिए वे भाजपा नेताओं के नाम पर नौकरी का झांसा देते थे और लोेगों को ठगते थे। 

मैडम ने अपने एरिया में मेहनत करने की बात कही थी: पीड़ित
विस चुनाव में टिकट दिलाने के झांसे में फंसे जयपाल ने बताया कि मंजीत और विष्णु ने उसे साढौरा से भाजपा की टिकट दिलाने की बात कही थी। तब एक बार वे उसकी बात कराने के लिए झज्जर लेकर गए थे। वहां पर सुनीता चौहान से बात हुई थी। तब मैडम ने उन्हें अपने एरिया में जाकर मेहनत करने की बात कही थी। इसके साथ ही आरोपी मंजीत और विष्णु ने जो पैसे टिकट के नाम पर लिए वे भी मैडम सुनीता चौहान को देने की बात कहकर लिए। इसकी शिकायत पर चार दिन पहले फर्कपुर पुलिस ने मंजीत और विष्णु पर केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मंजीत पुलिसकर्मी बताया जा रहा है।

मुझसे पैसे चेयरपर्सन के नाम पर लिए गए : दिनेश काैशिक
बैंक कॉलोनी निवासी दिनेश काैशिक को नायब तहसीलदार लगवाने के लिए 40 लाख रुपए का सौदा हुआ था। वे छह लाख रुपए दे चुके थे। दिनेश का कहना है कि मंजीत और विष्णु ने उससे जो पैसे लिए, वे चेयरपर्सन सुनीता चौहान के नाम पर लिए। जब मंजीत और विष्णु ने उसे नौकरी नहीं लगवाया और न ही पैसे वापस दिए तो उसने खुद चेयरपर्सन से बात की थी।

तब उन्होंने उसे बताया था कि वे मंजीत और विष्णु में से किसी को नहीं जानती। हालांकि उन्होंने विष्णु के बारे में यह जरूर कहा था कि वे उन्हें एक बार करनाल के पास एक होटल पर मिला था और उसके चेयरपर्सन बनने पर वह बधाई देने आया था। 

विष्णु और मंजीत पर सख्त कार्रवाई हो: सुनीता चौहान
भाजपा नेत्री एवं हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता चौहान ने बताया कि उसने न तो किसी को टिकट दिलाने की बात कही और न ही नौकरी लगवाने की। उन्हें पता चला है कि मंजीत और विष्णु नाम के व्यक्ति ने कुछ लोगों को उनके नाम पर ठगा है जिन्हें टिकट दिलाने का झांसा दिया गया था, वे खुद उनके पास आए थे। तब उसने उन्हें ये ही कहा था कि इन लोगों के चक्कर में न आना। खुद चाहती हूं कि विष्णु और मंजीत पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।

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