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कृषि कानूनों का विरोध:यमुनानगर में जवानों और किसानों के बीच झड़प; खेल मंत्री स्पेशल टीम के घेरे में निकले, विधायक की बैकडोर से एंट्री

यमुनानगरएक महीने पहले
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यमुनानगर में झड़प के दौरान पुलिस ने संयम से काम लिया। बाद में किसान नेता भी पीछे हटने को राजी हुए तो किसानों में आपस में भी बहस हुई। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर में झड़प के दौरान पुलिस ने संयम से काम लिया। बाद में किसान नेता भी पीछे हटने को राजी हुए तो किसानों में आपस में भी बहस हुई।
  • किसानों ने प्रदेश के 4 जिलों में भाजपा-जजपा नेताओं का घेराव कर दिखाए काले झंडे

प्रदेशभर में भाजपा-जजपा नेताओं काे लगातार किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा ह। शुक्रवार को 4 जिलों यमुनानगर, पिहोवा, हिसार और सिरसा में किसानों ने नारेबाजी कर नेताओं को काले झंडे दिखाए। यमुनानगर में काफी संख्या में जुटे किसानों व सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच झड़प भी हुई। करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ।

यमुनानगर लघु सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की मीटिंग को देखते हुए 1 किलोमीटर के एरिया में बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की गई। सुबह किसानों को मेन गेट से दूर रोक लिया। तब खेल मंत्री का काफिला जगाधरी की तरफ से आया और तेजी से स्पेशल टीम के घेरे में एंट्री कर गया। तब किसानों ने दूर से काले झंड़े दिखाए। इस दौरान मेयर मदन चौहान पहुंचे तो किसानों ने गाड़ी को घेर लिया। ड्राइवर को गाड़ी रिवर्स गियर में दौड़ानी पड़ी।

वहीं, सिटी विधायक घनश्यामदास अरोड़ा सेक्टर-17 से होते हुए पीछे के रास्ते से आए। मीटिंग शांति से हो गई। इसके बाद प्रशासन के सामने भाजपा नेताओं को वहां से निकालने की चुनौती थी। तब तक किसान बैरिकेड लांघकर सचिवालय के अंदर तक पहुंच गए। यहां पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। मीटिंग खत्म होने पर पुलिस ने किसानों को पीछे हटाना शुरू किया।

करीब पौने घंटे बाद मंत्री की गाड़ी को कड़ी सुरक्षा में गेट से निकाला गया। इस दौरान पुलिस की 8 गाड़ियाें में स्पेशल टीमें सुरक्षा में लगाई गई। इसमें सीआईए की टीमें थीं। गाड़ियाें को तेजी से निकाला गया। इसके अलावा हिसार में एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को काले झंडे दिखाए।

कंटीली तारों के बीच मंत्री की गाड़ी

मंत्री की गाड़ी भी पुलिस पहरे व कांटों के स्पेशल बनवाए बैरिकेड के बीच खड़ी की गई। प्रशासन को डर था कि किसान मंत्री की गाड़ी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पहले मीटिंग के बाद अक्सर मंत्री का लंच जिम खाना क्लब में होता था, लेकिन पहली बार सचिवालय में ही कराया गया, ताकि दूसरी जगह किसानों के पहुंचने से दिक्कत न बढ़े।

पिहोवा में मीटिंग का विरोध-किसानों ने विश्रामगृह घेरा, बिजली काटी, मीटिंग रद्द

पिहोवा में तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की तरफ से प्रदेशभर में भाजपा नेताओं का विरोध किया जा रहा है। इसी तरह शुक्रवार को भाजपाइयों की पिहोवा के किसान रेस्ट हाउस में मीटिंग के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। मीटिंग का पता चलते ही काफी संख्या में किसान रेस्ट हाउस पहुंच कर नारेबाजी करने लगे। किसानों ने रेस्ट हाउस की बिजली सप्लाई काट दी। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया तो बैठक रद्द करनी पड़ी। इसके बाद किसानों ने गंगाजल मंगवाकर विश्रामगृह में छिड़का। इसके बाद वहां पर भाकियू का झंडा लगाया गया।

हिसार: किसानों ने एयरपोर्ट के बाहर दुष्यंत चौटाला को दिखाए काले झंडे, लगाए नारे

हिसार एयरपोर्ट के बाहर किसानाें ने दुष्यंत चाैटाला के काफिले काे काले झंडे दिखाकर नारेबाजी की। डिप्टी सीएम दुष्यंत चाैटाला शुक्रवार दाेपहर सवा 12 बजे चंडीगढ़ से हिसार एयरपाेर्ट पहुंचे और सीधे सेक्टर-13 में अपने मामा के आवास पर गए। वे पिता पूर्व सांसद अजय चाैटाला व मां विधायक नैना चाैटाला के साथ नानी के निधन पर शाेक जताने आए थे। राज्य मंत्री अनूप धानक, टाेहाना के विधायक देवेंद्र बबली, जिला प्रधान रमेश गाेदारा समेत अनेक जजपा नेता भी उनके साथ थे।

वह लगभग 3 बजे तक मामा के घर पर रहे। इसके बाद राज्यमंत्री अनूप धानक के साथ एयरपाेर्ट गए, जैसे ही काफिला एयरपोर्ट के पास पहुंचा तो किसानाें ने काले झंडे लहराते हुए विराेध में नारेबाजी की। हालांकि पुलिस के जवानों ने किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया।

भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक का किया विरोध
सिरसा में शुक्रवार को आदित्य कॉलोनी में भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं की बैठक होनी थी। बैठक में जींद से भाजपा प्रभारी ने विशेष रूप से पहुंचना था। भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला सहित सिरसा के नेता व कार्यकर्ता बैठक में शामिल होने के लिए जिलाध्यक्ष के कार्यालय में पहुंचे थे। किसान बरनाला रोड पर एकत्रित हो गए, जहां से पुलिस फोर्स को चकमा देते हुए किसान हाथों में काले झंडे लेकर कार्यालय समक्ष पहुंचे व नारेबाजी कर दी। किसान दीवारें फांदकर कार्यालय के पास जा पहुंचे। यहां किसानों का काफी समय तक विरोध प्रदर्शन चला। उन्होंने भाजपा नेताओं को काले झंडे भी दिखाए।

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