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नवनिर्माण का कार्य:1890 में बने श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान फर्श के नीचे मिले 1840 व 1876 के सिक्के

जठलाना3 दिन पहले
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जठलाना| मूर्ति के नीचे से निकले सिक्के। - Dainik Bhaskar
जठलाना| मूर्ति के नीचे से निकले सिक्के।
  • कुरुक्षेत्र के जिला के किरमिच गांव से आए चार से पांच परिवारों ने बनवाया था मंदिर
  • भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की मूर्ति को शिफ्ट करने के लिए नीचे से फर्श को तोड़ा

जठलाना गांव में वर्ष 1890 के करीब बने भगवान श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के नवनिर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान बुधवार को यहां भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की मूर्ति के नीचे 1840 व 1876 वर्ष के एक-एक रुपए के दो सिक्के मिले।

यह सिक्के भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान के हैं। सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया की फोटो अंकित है। जैसे ही गांव के लोगों को मंदिर में पुराने सिक्के मिलने की सूचना मिली, तो मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की पूजा की।

ग्रामीणों की मानें तो सिक्के मूर्ति के नीचे से मिले हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बताया कि कुरुक्षेत्र के जिला के किरमिच गांव से चार से पांच परिवार वर्ष 1890 के करीब जठलाना गांव आकर बसे थे। उन्होंने यहां भगवान श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की स्थापना की थी।

भगवान श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम भी एक से दो एकड़ जमीन बताई जा रही है, जो इस समय यमुना नदी के अंदर है। पहले मंदिर छोटी ईंट का था। मंदिर के अंदर एक छोटी कुंई भी थी, जिससे लोग पानी पीते थे। लेकिन आज से करीब 20 वर्ष पहले कुंई को बंद कर दिया गया और मंदिर का भी पुनर्निर्माण किया गया। लेकिन भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की मूर्ति पहले वाले स्थान पर ही विराजमान थी। लेकिन अब फिर से मंदिर के नवनिर्माण का कार्य चल रहा है।

इस दौरान भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की मूर्ति को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए मूर्ति के नीचे से फर्श को तोड़ा गया। फर्श तोड़ने पर नीचे से अंग्रेजों के शासन काल के दौरान के सिक्के मिले हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मूर्ति स्थापना के दौरान ही पूजा अर्चना कर इन सिक्कों को यहां रखा गया होगा। वहीं, मामले को लेकर जब मंदिर की देखरेख कर रहे पुजारी दिनेश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यहां पर कोई सिक्का नहीं मिला है।

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