डेंगू की स्पीड पर नहीं फोगिंग का ब्रेकर...:निगम अफसरों का दावा- पहले राउंड में सभी 22 वार्ड कवर, अब दूसरे राउंड की फोगिंग शुरू

यमुनानगर2 महीने पहले
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  • भास्कर ने पार्षदों से जानी हकीकत- 7 ने ही कहा- एक बार प्रभावित समेत पूरा एरिया कवर, 8 बोले- एक बार हुई फोगिंग में भी रह गया काफी एरिया

बीते वर्षों की तुलना में कई गुना तेजी से बढ़ते डेंगू के मामलों से नगर निगम भी सवालों के घेरे में आ गया है। चूंकि मच्छर पनपने से रोकने में सफाई व फोगिंग का जिम्मा निगम का है, पर इनमें अफसरों की ढील में डेंगू पांव पसार गया। ऐसे आरोप विपक्ष व सत्तापक्ष के पार्षद लगा रहे हैं।

हालांकि निगम अफसरों का कहना है कि 15-20 दिन पहले फर्स्ट राउंड में सभी 22 वार्ड कवर हुए वहीं अब बुधवार से दूसरे राउंड की फोगिंग शुरू हुई है। यानी अफसरों का दावा है कि पूरे शहर में एक बार फोगिंग हो गई, बावजूद इसके डेंगू के बढ़े केसिस पर भास्कर ने रिएलिटी चेक किया।

इसमें 20 पार्षदों से उनके वार्डों में फोगिंग की हकीकत जानी, जिसमें 7 पार्षदों ने ही माना कि उनके यहां पूरे एरिया फोगिंग से कवर हुआ जबकि 8 पार्षदों की मानें तो एक बार हुई फोगिंग में भी काफी एरिया रह गया। साथ ही सत्तापक्ष के 2 पार्षदों ने फोगिंग के नाम पर खानापूर्ति के आरोप भी लगाए।

उधर, बुखार व डेंगू जैसे लक्षणों पर चंडीगढ़ में भर्ती शिक्षामंत्री कंवरपाल के वार्ड-5 से कांग्रेसी पार्षद विनय ने आरोप लगाया कि सीजन में एक बार भी वार्ड में फोगिंग नहीं हुई। यही आरोप वार्ड-4 से कांग्रेसी पार्षद देवेंद्र व वार्ड-9 से भाजपा पार्षद प्रतिनिधि पवन बिट्टू ने भी लगाए।

रोज 2 से 4 फोन डेंगू मरीज मिलने के, अफसरों को बताने पर भी फोगिंग नहीं| बता दें कि स्वास्थ्य विभाग से 254 सैंपल की जांच में हर 9 की रिपोर्ट डेंगू की है। ऐसे सरकारी रिकॉर्ड में डेंगू के कुल 30 मरीज हैं जबकि निजी अस्पतालों में डेंगू सहित मलेरिया संदिग्ध मरीजों की भरमार है, जो सरकारी रिकॉर्ड से बाहर हैं। वहीं, कई पार्षदों ने बताया कि हर दिन दो से चार फोन अलग-अलग एरिया में डेंगू के मरीज मिलने के आ रहे हैं, जहां फोगिंग की मांग बारे अफसरों को बताने पर भी नहीं की जा रही।

ये गिनाई कमियां

एडवांस शेड्यूल नहीं, टीम भेज कर देते हैं फोन| वार्ड-18 से पार्षद प्रतिनिधि कर्मवीर गोंदवाल ने कहा कि 8-10 दिन पहले फोगिंग के लिए टीम भेजी गई, तब वह शहर से बाहर थे। ऐसे में टीम अपने आप फोगिंग कर जाती है। होना ये चाहिए कि एडवांस शेड्यूल बनाकर पार्षदों को दिया जाए।

जल्दबाजी में गाड़ी दौड़ाकर फोगिंग खानापूर्ति| वार्ड-7 से पार्षद रामआसरा भारद्वाज, वार्ड-19 से पार्षद प्रतिनिधि शिवराम व वार्ड-20 से पार्षद प्रतिनिधि नीरज राणा ने कहा कि फोगिंग बरसाती सीजन के वक्त होनी चाहिए थी। एक दिन वार्ड में फोगिंग के नाम पर खानापूर्ति हुई, जिसमें जल्दबाजी में गाड़ियां दौड़ाई गईं। एक वार्ड के लिए एक दिन पर्याप्त नहीं, हर वार्ड में तीन दिन 6 मशीनों से पार्षदों को साथ लेकर पैदल फोगिंग कराई जाए।

सीधी बात- हरजीत सिंह, सफाई निरीक्षक

  • फोगिंग किस तरह से करा रहे हैं?

-एक दिन जोन-1 (वार्ड-1-11) व एक दिन जोन-2 (12-22) में एक-एक वार्ड कवर कर रहे हैं।

  • मशीनें कितनी हैं?

-छह छोटी व एक बड़ी मशीन है।

  • कितनी टीमें लगी है?

-टीम एक ही है, उनमें कई लोग हैं। इनके पास बड़ी मशीन गाड़ी पर होती है, जहां यह गाड़ी नहीं जा पाती वहां छोटी मशीनों से बाइक या पैदल फोगिंग करवा रहे हैं।

  • कितना एरिया कवर हाे चुका है?

-पहले राउंड में सभी वार्ड कवर हो चुके हैं। अब इनमें दूसरे राउंड में फोगिंग शुरू कराई है।

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