आदेश:2.30 करोड़ रुपए के चावल के गबन में कोर्ट ने मानी हरियाणा एग्रो के डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज की लापरवाही

यमुनानगरएक वर्ष पहले
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  • एडीजे डॉक्टर अब्दुल माजिद की कोर्ट ने उठाए सवाल, राइस मिल संचालक की जमानत याचिका पर दिए कार्रवाई के आदेश

दो करोड़ 30 लाख रुपए के चावल के गबन के मामले में कमल एग्रो इंडस्ट्री राइस मिल के संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले हरियाणा एग्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की भी दिक्कत बढ़ गई। एडीजे डॉक्टर अब्दुल माजिद की कोर्ट में राइस मिल संचालक कमल नयन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा एग्रो कॉरपोरेशन के अधिकारी को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि इस गबन में डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज की लापरवाही सामने आई है।

इससे सरकार को सीधा सवा दो करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसके जिम्मेदार डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज भी हैं। कोर्ट ने फाइनल ऑर्डर करने से पहले हरियाणा एग्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को तलब किया था लेकिन अधिकारी कोर्ट में पेश होने से बचते रहे।

मंगलवार को एक अधिकारी कोर्ट में पहुंचा और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज भी दोषी हैं इसलिए उन पर कार्रवाई की जाए। एडीजे डॉ. अब्दुल माजिद की कोर्ट ने राइस मिल संचालक की याचिका डिसमिस करते हुए जब गबन हुआ तब के हरियाणा एग्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज के खिलाफ एक्शन के लिए एमडी को लिखा है।

साल 2015-16 में चावल कुटाई के लिए दी गई थी धान
हरियाणा एग्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड के डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज रहे दीपचंद की शिकायत पर साढौरा पुलिस ने 29 मार्च 2018 को कमल एग्रो इंडस्ट्री के मालिक कमल नयन पर केस दर्ज किया था। आरोप था कि 2015 में सरकार ने उन्हें चावल कुटाई के लिए धान दी थी। उन्होंने पूरा चावल सरकार को वापस नहीं किया। 638 मीट्रिक टन चावल कम दिया गया। आरोप था कि उन्होंने सरकारी धान के चावल में गबन किया है। इस शिकायत पर साढौरा पुलिस ने उन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इस मामले में कमल ने जमानत याचिका लगाई थी। एडीजे डॉक्टर अब्दुल माजिद की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। हालांकि कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए यह भी कहा कि वे पहले भी सरकारी चावल में गबन कर चुके हैं और उन पर केस दर्ज हैं इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।

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