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बिजली कर्मी को तय समय में ठीक करना होगा फॉल्ट:बिजली निगम राइट टू सर्विस एक्ट करेगा लागू, मरम्मत में देरी पर लग सकता है कर्मी पर जुर्माना

यमुनानगर14 दिन पहले
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बिजली निगम में राइट टू सर्विस एक्ट 2014 लागू किया जा रहा है। इसे लेकर निगम के अधिकारियों की ओर से सब डिविजन स्तर पर जागरुक कार्यक्रम इस माह से शुरू किए जाएंगे। सरकार की ओर से घोषणा की जा चुकी है। बिजली निगम अधिकारियों को नोटिफिकेशन का इंतजार है।

इस एक्ट के तहत फ्यूज या अन्य कोई फॉल्ट आने पर लेटलतीफी करने पर कर्मी पर जुर्माना लगाए जाने भी प्रावधान है। अब बिजली का फ्यूज उड़ता है तो टोल फ्री या किसी भी शिकायत नंबर को डॉयल कर सकते हैं। इसके बाद 4 घंटे तक बिजली फ्यूज ठीक नहीं होता तो संबंधित कर्मचारी को जुर्माना भरना पड़ सकता है।

बिजली निगम ने अब राइट टू सर्विस एक्ट 2014 में कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। इसमें लाइनमैन से लेकर एक्सईएन तक दायरे में आ रहे हैं। यदि बेवजह कर्मी काम को लटका रहे हैं तो उन पर जुर्माना भी निगम कर सकता है।

काम के लिए समय तय : नॉर्मल फ्यूज ऑफ कॉल शहर में 4 घंटे, ग्रामीण 16 घंटे। लाइन ब्रेक डाउन शहरी क्षेत्र में 8 घंटे, ग्रामीण एरिया में 16 घंटे। पोल टूटने पर ब्रेक डाउन शहरी क्षेत्र में 24 घंटे ग्रामीण में 48 घंटे। एसडीओ पंकज का कहना है कि सरकार की ओर से राइट टू सर्विस एक्ट घोषणा की गई है। इसे लेकर निगम में अभी पत्र नहीं आया है।

इन नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत
बिजली निगम की ओर से टोल फ्री नंबर 1800-180-4334, 1912 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दोनों नंबर मुख्यालय से जुड़े हैं। बिजली कर्मियाें की यूनियन के नेता जोत सिंह का कहना है कि बिजली निगम में मैन पावर की बड़ी कमी है। इससे वर्क लोड बढ़ रहा है। सरकार को पहले निगम में कर्मी भर्ती करने चाहिए, उसके बाद नई व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

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