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सुढैल में आधी रात को 50 राउंड फायर:छह साल पहले भी लाडवा के बदमाशों ने सचिन पर गांव में आकर चलाई थी गोलियां, इस बार भी बाल-बाल बचा

यमुनानगर24 दिन पहले
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यमुनानगर|अस्पताल में उपचाराधीन रोहित। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर|अस्पताल में उपचाराधीन रोहित।
  • गोलियां चलाने वाले शराब काराेबारी विपिन महंत पर 10 केस हैं दर्ज
  • जिस युवक को गोली लगी, वह एक माह पहले ही मॉरीशस से आया है, शराब ठेका लेना चाहता था

गांव सुढैल निवासी सचिन पंडित की हत्या करने के लिए लाडवा निवासी विपिन महंत और गांव बकाली निवासी सोनू अपने 12 साथियों के साथ गांव सुढैल में आधी रात को घुसे। इसके बाद गांव में इतनी गोलियां चली कि गांव के लोग गिन भी नहीं पाए। सचिन पंडित पर गांव में गोलियां पहली बार नहीं चली। इससे पहले साल 2015 में भी विपिन महंत और उसके साथी सचिन पर गांव में घुसकर गोलियां चला चुके हैं। तब भी सचिन बाल-बाल बच गया था। वहीं एक गाेली गुंदियाना निवासी राेहित की छाती के पार हाे गई।

वह अस्पताल में उपचाराधीन है। बता दें कि विपिन व सचिन के बीच रंजिश है। पहले मारपीट का बदला लेने की रंजिश थी, लेकिन अब शराब कारोबार की रंजिश है। विपिन महंत पर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन अब वह शराब कारोबारी है। बताया जाता है कि सचिन पंडित उनके एरिया में अवैध शराब सप्लाई कराता है।

 जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ा और पहले दोनों ने एक दूसरे को चैलेंज किया। विपिन ने सचिन को लाडवा में बुलाया तो सचिन ने उसे यमुनानगर में। विपिन ने फोन पर धमकी दी थी कि वह उसे घर में आकर ही मारेगा। इसलिए सचिन ने अपने घर पर ही देर रात तक अपने दोस्तों को रोका हुआ था।

विपिन रात एक बजे अपने साथियों के साथ गांव सुढैल में सचिन के घर पर पहुंचा और गोलियां बरसाई। आरोपियों ने दोनों तरफ से सचिन का घर घेरा हुआ था। बताया जाता है कि गोलियां दोनों तरफ से चली। पुलिस के अनुसार जो 13 खोल पुलिस को मिले हैं, उसमें 315, 312 बोर और 9 एमएम के हथियार के हैं। एसपी कमलदीप गोयल ने सुढैल पहुंचकर मामले की जानकारी ली।

रंजिश में खूनी संघर्ष - पुलिस को 315, 312 बोर और 9 एमएम के हथियारों की 13 गोलियों के खोल मिले

वारदात के बाद पुलिस दो बार गांव में पहुंची

वारदात की सूचना पुलिस कंट्रोल में करीब डेढ़ बजे पहुंची। इस दौरान पुलिस की टीम गांव में गई, लेकिन यह पता नहीं चला कि गोलियां कहां चली और किसे लगी। इससे पुलिस की टीम वापस थाने में आ गई। इसके बाद अलसुबह पांच बजे पुलिस की टीम फिर गांव में गई। वहां सचिन पंडित के घर पर पुलिस पहुंची तो देखा कि गोलियां के खाली खोल पड़े थे। इसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की और घायल के बयान लेने अस्पताल पहुंची।

कुछ युवक छतों और दीवारों से कूद भागे

गांव सुढैल निवासी एवं इनेलो प्रदेश प्रवक्ता अर्जुन ने बताया कि रात करीब एक बजे गोलियों की आवाज सुनकर गांव के लोग नींद से जागे। कई मिनट तक गोलियां चली। इसके बाद कुछ युवक लोगों की छतों और दीवारों से कूदकर भागते दिखे। इस दौरान गांव में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों के अनुसार 50 से ज्यादा राउंड फायर हुए।

रोहित बोला-महंत और सोनू ने साथियों के साथ आकर की फायरिंग़

गांव गुंदियाना निवासी रोहित ने पुलिस को बयान दिए हैं कि उसने मुस्तफाबाद सर्कल में ठेका लेने के लिए अप्लाई किया हुआ है। सुढैल निवासी सचिन पंडित उसका दोस्त है। वह भी शराब ठेका लेना चाहता है। उसने भी अप्लाई किया हुआ है। 29 मई को दिन में करीब साढ़े तीन बजे सचिन पंडित का उसके पास फोन आया कि लाडवा निवासी विपिन महंत उससे फोन पर गाली गलौच कर रहा है और उसे लाडवा बुला रहा है। इस पर वह सचिन के घर गया। वहां सचिन को समझाया। वहां पर सचिन के और दोस्त भी आए हुए थे।

इसी दौरान मौसम खराब होने की वजह से वे रात काे वहीं रुक गए। रात करीब डेढ़ बजे अपने घर जाने के लिए अपनी कारों में निकले। तभी रटौली की तरफ से कारों में विपिन महंत और अन्य युवक आए। वे गोलियां चलाते आ रहे थे और सचिन पंडित को मारने की धमकी दे रहे थे। आवाज सुनकर वह सचिन के घर पर गया। सचिन भी बाहर आ गया।

विपिन महंत, गांव बकाली निवासी सोनू और अन्य ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एक गोली उसकी छाती में लगी। वह वहीं गिर गया। इसके बाद भी विपिन महंत और उसके लोग फायरिंग करते रहे। इसके बाद हमलावर भाग गए। हमलावर 10 से 12 थे। उसका गाबा अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस शिकायत पर फर्कपुर पुलिस ने दो को नामजद करते हुए 10-12 अन्य पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि रोहित मॉरीशस गया हुआ था। कुछ समय पहले ही वहां से आया है।

फ्लैश बैक- 10 साल पहले एक ही ग्रुप में होते थे दोनों पक्षाें के लोग

सचिन पंडित और विपिन महंत पहले एक ही ग्रुप के लोग होते थे। विपिन महंत गांव मेहरा निवासी विक्रांत के साथ काम करता था। विक्रांत का अपने रिश्तेदारों से विवाद हुआ तो उसमें सचिन पंडित ने विक्रांत के रिश्तेदारों का साथ दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ा गया। सचिन पर विक्रांत और विपिन महंत समेत अन्य लोगों ने कई बार हमला किया।

साल 2015 में गांव में घुसकर गोलियां चलाई थी। विक्रांत की मौत पिछले साल हो गई थी। इसके बाद ग्रुप को विपिन और सोनू चला रहे हैं। कई साल पुरानी रंजिश अभी भी दोनों पक्षों में चल रही है। बता दें सचिन पर भी मारपीट के कई केस दर्ज हैं। होली के दिन चुना भट्टी में उसे गोली मार दी गई थी। इसमें वह बुरी तरह से घायल हुआ था। हालांकि जिस पर आरोप था कि उसकी जेल में संदिग्ध हालत में मौत हो थी।

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