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जठलाना का मामला:ओवरब्रिज के लिए जमीन देने से किसान कर रहे मना, बोले- जमीन की कीमत कम लगाई जा रही

जठलानाएक महीने पहले
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जठलाना | किसानों के साथ बातचीत करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
जठलाना | किसानों के साथ बातचीत करते अधिकारी।

पीडब्ल्यूडी की ओर से ओवरब्रिज बनाने में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है, उनमें से कुछ किसान विभाग को जमीन देने से मना कर रहे हैं। किसानों को समझाने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजकुमार, एसडीओ जसमेर सिंह व जेई विशाल कुमार साइट पर पहुंचे। काफी देर तक अधिकारियों व किसानों के बीच बातचीत चलती रही, लेकिन किसानों ने कहा कि वह अपनी जमीन की वेल्यू के हिसाब से ही पैसे लेेंगे।

यहां पहुंचे किसानों का कहना था कि उनकी जमीन में खेती होती है। लेकिन राजस्व विभाग में उनकी जमीन को दरियाबुर्द दिखाया हुआ है। जिस जमीन पर खेती हो रही है व जो जमीन दरियाबुर्द है, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार उसके रेट में लाखों रुपए का फर्क है। इसलिए वह अपनी जमीन की वेल्यू के हिसाब से ही पैसे लेंगे। किसान शिव कुमार, शीशपाल, रामप्रसाद, अमीरचंद नंबरदार, सुशील, लखन, राजपाल व रमेश का कहना है कि उनकी जमीन पहले दरियाबुर्द थी।

जमीन के ऊपर से पानी चलता था। लेकिन अब पिछले कई वर्षों से उनकी जमीन में अच्छी फसल हो रही है। लेकिन आज भी राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उनकी जमीन के दरियाबुर्द के रेट अंकित है। यह सब विभागीय अधिकारियों की लापरवाही है। उन्होंने बताया कि उनके साथ लगते किसानों को विभाग 16 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिल रहा है। लेकिन उन्हें 8 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की बात अधिकारी कह रहे हैं।

राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में कुछ किसानों की जमीन के दरियाबुर्द के रेट लगे हुए हैं। किसानों की मांग पर रिकॉर्ड को चेंज करने के लिए फाइल डायरेक्टर रेवन्यू ऑफिस चंडीगढ़ में भेजी हुई है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
विशाल कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी।

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