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रोष:फर्म को हर माह होगी एक से डेढ़ करोड़ के बीच पेमेंट, गांवों में अब भी नहीं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सर्विस

यमुनानगर17 दिन पहले
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यमुनानगर। निगम में शामिल कामीमाजरा में जगह-जगह कचरे के लगे ढेर। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर। निगम में शामिल कामीमाजरा में जगह-जगह कचरे के लगे ढेर।
  • पार्षदों की मांग- सर्विस से जोड़े जाएं निगम में शामिल 43 गांव, जहां ग्रामीण सफाई कर्मियों के भरोसे व्यवस्था

सिटी में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम नगर निगम फरीदाबाद की फर्म को हैंडओवर हो चुका है जिसे काम संभाले एक माह हो चुका है, पर उसकी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सर्विस निगम के गांवों में नहीं पहुंच पाई है जबकि, नगर निगम से काम के बदले फर्म को हर माह एक से डेढ़ करोड़ के बीच पेमेंट होगी।

इसके बाद भी निगम में शामिल गांव पहले की तरह सर्विस से अछूते रखे जाने पर पार्षद खफा हैं। उनका आरोप है कि निगम के गांवों समेत शहर के आउटर में घरों से कचरा लेने टिपर नहीं आ रहे, जहां अब भी ग्रामीण सफाई कर्मियों के भरोसे व्यवस्था है।शहर के सभी 22 वार्डों में घरों से कचरा उठान से लेकर उसके निपटान तक का काम नगर निगम फरीदाबाद की क्लासिक मैनपॉवर व कंस्ट्रक्शन सर्विसेज को अलॉट कर चुका है।

हालांकि 11-11 वार्ड के दो जोन बनाकर टेंडर कॉल किए, पर दोनों ही जोन में यह काम इसी फर्म के पास है। फर्म को उठान के बाद कचरे का निपटान भी करना है, जिसके लिए ओरंगाबाद में सारा कचरा ले जाकर छंटाई व खाद बनाने सहित उसे जीरो किया जा रहा है।

यूं समझिए

फर्म को कैसे जाएगी हर माह एक से डेढ़ करोड़ के बीच पेमेंट| यमुनानगर व जगाधरी, दोनों शहर से 220 से 270 टन कचरा रोज निकलता है। एक औसत निकाला जाए तो करीब 250 टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। इस हिसाब से फर्म को निगम एक दिन में प्रतिटन 1890 रुपए के हिसाब से 4.72 लाख और एक माह में 1.41 करोड़ की पेमेंट करेगा।

हालांकि 30 जून की हाउस मीटिंग में अफसरों ने फर्म को अभी 30 लाख पेमेंट होने की ही बात कही है, पर पार्षदों की मांग है कि इस काम पर करोड़ों खर्च होंगे, तब यह सर्विस निगम में शामिल 43 गांवों में भी की जाए। कमिश्नर से करेंगे सर्विस से गांवों को जोड़ने की मांग| वार्ड-3 से पार्षद हरमीन कोहली व वार्ड-4 से पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि निगम एरिया में लगते गांवों के लोग नगर निगम में आने के बाद से पछता रहे हैं, क्योंकि निगम में आकर भी उन तक विकास कार्य नहीं पहुंच रहे।

डोर टू डोर सर्विस बड़ा उदाहरण है, जो पहले नगर निगम और अब फर्म के हाथ में आने के बाद भी गांवों तक नहीं पहुंची जबकि, इस पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। इसलिए कमिश्नर से मिलकर मांग करेंगे कि सर्विस से ये गांव भी जोड़े जाएं।

सभी गांव कवर करने को फर्म ने मांगा हफ्ते का समय

सीएसआई सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि फर्म को निगम के गांवों में भी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम करने के निर्देश दे चुके हैं। इस पर फर्म ने सभी गांव कवर करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है। शहर में भी कचरा उठान न होने की शिकायतों के तुरंत समाधान के भी निर्देश दिए हैं।

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