‘सपनों के घर’ पर संकट:लंबे समय से रटौली के पास बिल्डर की बनाई सुशांत सिटी में फंसा है पेंच, हरेरा में पहुंचे हैं कई प्लाॅट लेने वाले

यमुनानगरएक महीने पहले
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गांव रटौली के पास बनी सुशांत सिटी में बिल्डर की करीब 10 एकड़ जमीन नीलाम होगी। यह नीलामी 16 दिसंबर को होनी है। इससे यहां प्लाॅट लेने वालों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि नीलामी के लिए जिस एरिया की बात कही जा रही है उसमें 148 प्लाॅट लोगों ने खरीदे हुए हैं। ये प्लाॅट करोड़ों रुपए में खरीदे गए थे। अब खरीदार बिल्डर और बैंक के बीच में फंस गए हैं।

उन्हें हाथ से प्लाॅट भी जाता दिख रहा है और पैसे मिलते नजर नहीं आ रहे हैं। यहां करीब 10 एकड़ जमीन में से 8.009 एकड़ जमीन पर प्लाॅट बुक किए हुए हैं और 1.9000 एकड़ एरिया सेल नहीं हुआ है। यूनियन बैंक की ओर से इसकी नीलामी की जा रही है। बताया जा रहा है कि बिल्डरों की ओर से जमीन पर मोटा लोन लिया गया था। उसे नहीं चुकाया गया।

इससे बैंक की ओर से जमीन नीलामी की प्रकिया शुरू की गई है। पहले नीलामी के लिए 16 नवंबर की तारीख रखी गई थी, लेकिन समय किसी ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया। अब 16 दिसंबर को नीलामी रखी गई है। जमीन अगर नीलाम होती है तो पैसा बैंक के पास चला जाएगा, लेकिन जिन्होंने प्लाॅट लिए हैं उनका क्या होगा, इस सोचकर यहां प्लाॅट लेने वाले परेशान हैं। बैंक की ओर से नीलामी का रिजर्व प्राइज सात करोड़ 40 लाख रुपए रखा गया है।

32 लोगों ने हरेरा में केस दायर किए... अगली सुनवाई 20 दिसंबर को
यहां प्लाॅट लेेने वालों ने हरियाणा रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी पंचकूला में भी केस दायर किए हुए हैं। करीब 32 लोगों ने केस दायर किए हुए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होनी है। पांच अक्टूबर को हुई सुनवाई में हरेरा की ओर से लोकल कमिश्नर नियुक्त कर कॉलोनी का सर्वे करने को कहा गया था। लोकल कमिश्नर आकर जा चुका है।

वहीं, दूसरी बड़ी बात वहां हुई थी कि अगर चाहे तो डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट इसे अपने अंडर लेकर प्लाॅट लेने वाले के पक्ष में कोई फैसला ले। वहीं, तीसरी बड़ी बात वहां हुई थी कि इस कॉलोनी को लेकर एक एसोसिएशन भी बनाई जा सकती है, जो इसकी देखरेख कर सके। एसोसिएशन को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑल इन वन रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी रजिस्टर्ड कराने की तैयारी है।

लोगों के साथ धोखा हुआ हैः गुप्ता
एडवोकेट शिवकुमार गुप्ता ने बताया कि रटौली के पास स्थित सुशांत सिटी के दो दर्जन प्लाॅट के केस उनके पास हैं। यहां लोगों के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने हरेरा में केस दायर किए हुए हैं। वहीं, अब सामने आया है कि यहां की करीब 10 एकड़ जमीन की बैंक की ओर से नीलामी की जा रही है। इसमें 148 प्लाॅट भी हैं। बैंक अपना पैसा ले लेगा और जिन्होंने प्लाॅट लिए तो उन्हें पैसा कौन देगा, यह बड़ा सवाल है। हरेरा के आदेश पर यहां के लिए एसोसिएशन बनाने की प्रकिया शुरू कर दी है।

यहां 848 प्लाॅट, इनमें से 657 बेचे जा चुके
यहां पर कई लोगों के नाम से जमीन है। यहां बनाई गई कॉलोनी का नाम सुशांत सिटी रखा गया। बिल्डरों की ओर से हरेरा में कहा किया कि यहां कॉलोनी काटने से 134.41 करोड़ रुपए उनके पास आए। वहीं, उनकी ओर से यह कॉलोनी विकसित करने के लिए 164.13 करोड़ रुपए खर्च किए गए। वहीं यहां पर कुल 848 प्लाॅट काटे गए थे। इसमें से 657 बेचने की बात कही गई। फिलहाल यहां कुछ लोगों ने मकान भी बनाए हुए हैं।

कई बिल्डरों पर केस भी दर्ज हो चुके
यहां लोगों के साथ कई बिल्डरों ने धोखा किया हुआ है। पहले प्लाॅट बेच दिए गए, लेकिन बाद में कुछ तो न तो प्लाॅट मिले और जिन्हें प्लाॅट मिला तो उन्हें कब्जा नहीं मिला। किसी को कब्जा मिला तो वहां पर पूरी सुविधाएं नहीं मिली। प्रोफेसर कॉलोनी निवासी देशराज मंगला ने साल 2008 में जय सिटी में प्लॉट खरीदने के लिए कंपनी से सौदा किया।

11 लाख रुपए में 250 गज के प्लाॅट का सौदा तय हुआ। 50 प्रतिशत राशि साल 2008 में 5.46 लाख रुपए कंपनी को दी गई। कंपनी ने पैसे लेने के बाद भी प्लाॅट नहीं दिया। आज तक वे केस लड़ रहे हैं। इसी तरह से साल 2020 में दादूपुर नलवी नहर किनारे एमवीएल रिवर सिटी कंपनी के पदाधिकारियों पर केस दर्ज हुआ था। 32 लाख रुपए लेकर भी प्लाॅट नहीं दिया था।

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