बसंत ने इसरो में साइंटिस्ट की परीक्षा में किया टॉप:यूपीएससी में 539वां रैंक पा चुके, साइंटिस्ट बनेंगे या फिर प्रशासनिक सेवा संभालेंगे, अभी फैसला नहीं

यमुनानगर2 महीने पहले
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गांव मेहरमाजरा निवासी बसंत सिंह ने यूपीएससी के पास अब इसरो की साइंटिस्ट-इंजीनियर की परीक्षा पास की। उन्होंने इस परीक्षा में देश में टॉप किया है। पहला रैंक पाने के बाद बसंत सिंह के परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। बसंत साइंटिस्ट की नौकरी जॉइन करेंगे या फिर प्रशासनिक सेवा जॉइन करेंगे, यह अभी तय नहीं किया क्योंकि पिछले माह आए यूपीएससी के रिजल्ट में उसका रैंक 539वां आया था।

यूपीएससी की ओर से फिलहाल सर्विस तय नहीं की गई कि उन्हें यूपीएससी में कौन सी सर्विस जॉइन कराई जाएगी। उनका आईआरएस में नंबर आना तय है। हालांकि और भी सर्विस उन्हें मिल सकती है। उनका कहना है कि यूपीएससी की ओर से सर्विस तय होने के बाद ही वे कोई फैसला लेंगे। उनकी दोनों में रुचि है।

उनके पिता बलिंद्र सिंह बताते हैं कि बेटे ने नाम रोशन कर दिया। दोनों परीक्षाएं देश की सबसे कठिन परीक्षाएं मानी जाती हैं। दोनों पास की और इसरो की परीक्षा में देश में टॉप किया। उनका कहना है कि बेटा साइंटिस्ट बनना चाहेगा या फिर प्रशासनिक सेवा में जाएगा, यह फिलहाल तय नहीं किया।

पिता खादी कमीशन बोर्ड में

बसंत सिंह की बहन ने पिछले साल ही एचसीएस क्लियर किया था। उनके पिता बलिंद्र सिंह खादी कमीशन में नौकरी करते हैं। परिवार इन दिनों नोएडा में रह रहा है। गांव में उनके दादा और परिवार के अन्य लोग रहते हैं। समय-समय पर बसंत का परिवार गांव में आता रहता है। बसंत के देश में टॉप करने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। गांव के चौधरी विशाल गुर्जर ने बताया कि बसंत पर पूरे गांव का नाज है। उससे कई युवा प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।

पिता के ऑफिस के अफसरों और परिवार से जुड़े एसपी सिंह को देखकर आईएएस बनने की सोची| बसंत सिंह ने बताते हैं कि पिता बलिंद्र सिंह खादी कमीशन में एक्जीक्यूटिव हैं। उनके पिता के ऑफिस में कई अधिकारी बड़े पद पर हैं। उन्हें देखकर उसे लगा कि क्यों न वे भी इसी तरह से ऑफिसर बनें। उनके परिवार से जुड़े एसपी सिंह भी बड़े अधिकारी हैं। वहीं से उन्होंने सोचा कि बड़ा अधिकारी बनना है। इसके लिए वे तैयारी में जुट गए थे। इसी सोच से वे यूपीएससी और साइंटिस्ट की परीक्षा पास कर पाए।

बिना कोचिंग लिए पास किया यूपीएससी
बसंत सिंह ने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिक में बीटेक की। वहीं इसके बाद इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी से एमटेक की। इसके बाद उनकी एक कंपनी में 20 लाख रुपए सालाना के पैकेज पर नौकरी लगी थी लेकिन उन्होंने यूपीएससी के लिए नौकरी छोड़ दी थी। वहीं उन्होंने इसरो के एग्जाम के लिए भी कड़ी मेहनत की।

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