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पटवारखाने में निजी लोगों की रिश्वतखोरी:प्राइवेट लोगों के हाथों में सरकारी पटवारखाने, स्टाफ की कमी के चलते पटवारियों ने बिना विभाग व सरकारी मंजूरी के रखे प्राइवेट लोग

यमुनानगर13 दिन पहले
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  • शिकायत हुई तो 10 पटवारियों ने लिखित में दिया- उनके यहां नहीं करता कोई काम

सरकारी पटवारखाने प्राइवेट लोग चला रहे हैं। पटवारियों ने स्टाफ की कमी को देखते हुए अपने स्तर पर ही प्राइवेट लोग रख लिए। पटवारी वहां पर मिले न मिले, लेकिन प्राइवेट लोग वहां पर जरूर मिल रहे हैं। इससे पटवारियों के आॅफिस भ्रष्टाचार के अड्डे बने हुए हैं। जमीन का इंतकाल दर्ज कराना हो या फिर जमीन को लेकर अन्य काम हो, बिना पैसा दिए नहीं हो रहा।

सरकारी रिकाॅर्ड में वे न होने से सरकार से कोई पैसा नहीं आ रहा। इस मामले में शिकायत हुई तो आनन-फानन में कानूनगो से रिपोर्ट मांग ली गई। कानूनगो ने उसी दिन 10 पटवारियों के बयान दर्ज कर उसे तहसीलदार को सौंप दिया। सभी ने एक सुर में कहा- उनके यहां पर कोई प्राइवेट व्यक्ति काम नहीं करता लेकिन शिकायतकर्ता वीडियो और नाम लेकर तहसीलदार के सामने पेश हुए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने इस मामले में राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार यमुनानगर और जगाधरी में 12 प्राइवेट लोग काम कर रहे।

तीन फरवरी को जगाधरी तहसीलदार ने जगाधरी और यमुनानगर एरिया के सभी कानूनगो को पत्र लिखा कि शिकायत आई कि पटवारखानों में कर्मचारियों ने विभाग और सरकार की अनुमति के बिना प्राइवेट व्यक्ति काम पर लगाए हुए हैं। इस मामले में शिकायत की कॉपी साथ भेजकर कहा जा रहा है कि किसी भी पटवारी के पास इस प्रकार का कोई प्राइवेट व्यक्ति काम कर रहा है तो उसे तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया तो एक्शन होगा। इसकी रिपोर्ट भी भेजें।

10 पटवारियों ने लिखित में दिया, उनके पास नहीं करता कोई काम| तहसीलदार द्वारा रिपोर्ट मांगने पर 10 पटवारियों ने लिखित में दिया कि उनके यहां पर कोई भी प्राइवेट व्यक्ति काम नहीं करता। सभी कार्य वे खुद करते हैं। पटवारियों द्वारा लिखित में दिए गए बयान की कॉपी तहसीलदार की ओर से आरटीआई में भी दी है लेकिन इनके बयान झूठे करार देकर एडवोकेट गुरविंद्र धारी ने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं डीसी पर याचिका लगाई। उन्होंने 11 मई को यहां पर सबूत दिखाते हुए कहा कि पटवारियों ने झूठे बयान देकर गुमराह किया है।

इन पर एक्शन लिया जाए। अब 10 जुलाई को याचिकाकर्ता ने राज्य सूचना आयोग में याचिका लगाई है। उनका कहना है कि तेजली पटवार खाने में दर्शन और श्रवण नाम का प्राइवेट व्यक्ति काम कर रहा है। पुरानी कोर्ट परिसर में प्रेम काम करता है।

30 प्रतिशत पटवारियों की सीटें खाली| यमुनानगर जिले में चार तहसील और तीन सब तहसील हैं। इसमें जगाधरी, छछरौली, बिलासपुर और रादौर तहसील हैं। वहीं सरस्वतीनगर, साढौरा और प्रतापनगर में सब तहसील हैं। जिले में 88 सर्कल हैं और मात्र 55 ही पटवारी हैं। जगाधरी तहसील में 18 पटवार सर्कल के लिए 12 पटवारी है जबकि सरस्वतीनगर सब तहसील में 10 पटवार सर्कल के लिए 8 पटवारी हैं। रादौर में 21 पटवार सर्कल के लिए मात्र 11 पटवारी हैं। इसी तरह का हाल दूसरी तहसील और सब तहसील का है।

ऐसा मामला पहले नॉलेज में नहीं आया| डीआरओ रामफल कटारिया ने कहा कि पटवारी पटवारखाने में प्राइवेट व्यक्ति नहीं रख सकता। अगर कर्मचारी कम है तो काम सफर करेगा लेकिन प्राइवेट व्यक्ति से नहीं कराया जा सकता। इस तरह का मामला उनकी नॉलेज में नहीं है।

प्राइवेट लोगों के काम करने से यह नुकसान| सरकारी पटवारखाने में प्राइवेट व्यक्ति के काम करने से नुकसान सरकार को तो है ही साथ ही भ्रष्टाचार भी बढ़ता है क्योंकि प्राइवेट व्यक्ति वहां पर सेवा की बजाए पैसे लेकर काम करता है। शिकायककर्ता की ओर से कई माह पहले बनाई एक वीडियो में पटवारखाने में बैठा प्राइवेट व्यक्ति सरेआम पैसे मांगता सुनाई दे रहा है। कुछ समय पहले जगाधरी तहसील में लगे डीसी रेट के कर्मचारी ने तेजली में अपने नाम एक प्लाॅट चढ़ा दिया था। बाद में उस मामले में उस पर केस भी दर्ज हुआ था।

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