पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जिम्मेदार नहीं कर रहे कार्रवाई:रसूखदारों के अतिक्रमण में ग्रीनबेल्ट गायब, जिम्मेदारों ने कार्रवाई से खींचे हाथ

यमुनानगर2 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
यमुनानगर| औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट की जगह पर लोड-अनलोड होता फैक्ट्रियों का कच्चा माल। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर| औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट की जगह पर लोड-अनलोड होता फैक्ट्रियों का कच्चा माल।
  • औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों के आगे ग्रीन बेल्ट के लिए छोड़ी गई जमीन को हरियाली की बजाए अपने निजी हित के लिए इस्तेमाल कर रहे उद्योगपति
  • दुकानों के अतिक्रमण हटाने में लगे निगम अफसरों का ध्यान नहीं, एचएसआईडीसी ने भी कभी नहीं की कार्रवाई

औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों के आगे ग्रीन बेल्ट के लिए छोड़ी सरकारी जमीन को हरियाली के बजाए उद्योगपति निजी हित में इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि कई उद्योगपतियों ने फैक्ट्रियों के बाहर ग्रीन बेल्ट विकसित भी की है, पर ज्यादातर ग्रीन बेल्ट एरिया पूरी तरह उद्योगपतियों के अतिक्रमण की जद में हैं। कई जगह पक्के निर्माण हैं तो कहीं ग्रीन बेल्ट कच्चा माल रखने के काम आ रही हैं।

हालांकि एचएसआईडीसी व नगर निगम कार्रवाई कर सकते हैं, पर एचएसआईडीसी ने कभी कार्रवाई नहीं की वहीं, निगम की कार्रवाई भी दुकानों के अतिक्रमण हटाने तक सिमटी है। बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डवेल्पमेंट कारपोरेशन के अधीन हैं। इसे विकसित करने की जिम्मेदारी एचएसआईडीसी की है, पर सफाई का जिम्मा मंडी में मार्केट कमेटी व अन्य जगह नगर निगम का है। यहां सीवरेज व्यवस्था पब्लिक हेल्थ के पास है। ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण व कब्जे के मामले में नगर निगम व एचएसआईडीसी, दोनों कार्रवाई कर सकते हैं, पर अफसर यहां बिगड़ते हालात को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।

चौड़ी सड़कें फिर भी ट्रैफिक जाम
औद्योगिक क्षेत्र में सड़कें चौड़ी होने के बावजूद फैक्ट्रियों के आगे सड़क किनारे तक अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम की समस्या बन जाती है। जाम की समस्या सब्जी व गुड मंडी के पास ज्यादा रहती है। पास में दमकल केंद्र भी है, जिनकी गाड़ियां भी आगजनी की सूचना पर इन्हीं रास्तों से निकलती हैं। जिन्हें जाम की स्थिति में घटनास्थल पर पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। यहां के राजेश्वर व सन्नी ने बताया कि अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम की समस्या बन जाती है।

ये हालात तब हैं, जब फैक्ट्रिया के आगे काफी एरिया ग्रीन बेल्ट के लिए छोड़ा गया है और सड़कें भी चौड़ी हैं। पर ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल उद्योगपति निजी हित में कर रहे हैं, जिसस जाम की समस्या के साथ गंदगी की समस्या है। अतिक्रमण हटाने से लेकर सफाई में निगम अफसर की कार्रवाई शून्य है।

वायु प्रदूषण में दिल्ली भी पीछे, तब भी ग्रीनबेल्ट का ये हाल
टि्वनसिटी में दीवाली व अन्य कई मौकों पर वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो जाता है। कई बार एक्यूआई दिल्ली से भी ज्यादा आंका जा चुका है, इसके बावजूद यहां ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर निगम समेत किसी विभाग का फोकस नहीं है। शहर के बीच में औद्योगिक क्षेत्र में सौ से ज्यादा फैक्ट्रियां होने से यहां ग्रीन बेल्ट जरूरी है। इसके लिए जगह छोड़ी गई, पर यहां पौधे लगाकर हरियाली करना तो दूर अफसर कब्जे व अतिक्रमण से ग्रीनबेल्ट एरिया मुक्त भी नहीं करवा पाए हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों से बढ़ते वायु प्रदूषण के सेहत पर पड़ रहे असर को कम करने को ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं हो पाई।

हरियाली को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने दड़वा में पर्यावरण संग्रहालय विकसित किया। शहर में भी ग्रीन बेल्ट एरिया को विकसित कर रहे हैं। ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण व कब्जे को लेकर संबंधित अफसरों को दिशा निर्देश देंगे।-मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।

खबरें और भी हैं...